दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 27 अप्रैल। भारती विश्वविद्यालय के विधि संकाय द्वारा ‘विश्व बौद्धिक संपदा दिवस’ के अवसर पर आईक्यूएसी के तत्वाधान में बौद्धिक संपदा अधिकारों के मूल तत्व नवाचारों की सुरक्षा हेतु एक व्यापक मार्गदर्शिका विषय पर एक ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों में बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा नवाचारों की सुरक्षा के महत्व को समझाना था। वेबिनार में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों ने भाग लिया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. प्रतिभा सिंह,विषय विशेषज्ञ, बीएमएस कॉलेज ऑफ लॉ, बेंगलुरु ने बौद्धिक संपदा अधिकारों के विभिन्न आयामों जैसे कॉपीराइट, पेटेंट एवं ट्रेडमार्क आदि पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने यह भी समझाया कि किस प्रकार नवाचारों एवं रचनात्मक कार्यों को विधिक संरक्षण प्रदान किया जा सकता है।
कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सुशील चंद्राकर के दिशानिर्देश का परिणाम था , कुलपति प्रो. (डॉ.) बी. एन. तिवारी एवं रजिस्ट्रार डॉ. वीरेंद्र कुमार स्वर्णकर ने वेबिनार के आयोजन तथा विश्वविद्यालय में शैक्षणिक उन्नयन की पहलों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उक्त आयोजन मे विधि संकाय के प्रभारी डीन डॉ. आस्था चतुर्वेदी, सुश्री संपदा बैस, सुश्री सरिता गुप्ता सहित विधि संकाय के अन्य सदस्यों का योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम का समापन सुश्री संपदा बैस द्वारा मुख्य वक्ता तथा प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रदर्शन से हुआ। यह वेबिनार संकाय सदस्यो तथा विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।


