दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 27 अप्रैल। बिना तलाक के दूसरे व्यक्ति से शादी करना कटनी की महिला को भारी पड़ गया। न्यायालय के आदेश पर उक्त महिला के खिलाफ बीएनएस की धारा 82 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
मामले की जानकारी देते हुए आवेदक के अधिवक्ता कौशल किशोर सिंह ने बताया कि रायपुर नाका दुर्ग निवासी लेखराज राजानी की शादी कटनी में भारती से तय हुई थी। भारती राजानी की पहली शादी दमोह में लक्ष्मण कुंदरानी के साथ हुई थी जिसका सक्षम न्यायालय में वैधानिक तलाक होने की जानकारी उनके परिजनों ने दी और संबंधित कागजात बाद में प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया।
लेखराज राजानी ने उक्त महिला से शादी कर ली। शादी के बाद दुर्ग आकर महिला लेखराज राजानी के परिवार वालों को तंग करने लगी, जिससे उन्होंने महिला को वापस कटनी छोड़ दिए। कटनी में महिला द्वारा ससुराल वालों के खिलाफ दहेज प्रताडऩा का मामला दर्ज करा दी। लेखराज राजानी की ओर से अधिवक्ता कौशल किशोर सिंह ने कुटुंब न्यायालय में धारा 12 के तहत परिवाद प्रस्तुत किया, जिसके आधार पर लडक़ी यहां कोर्ट में उपस्थित हुई और उन्होंने जानकारी दी कि उनका तलाक नोटरी के समक्ष हुआ है। इस बात की जानकारी होते ही अधिवक्ता ने धारा 12 का आवेदन वापस लेकर धारा 11 के तहत आवेदन प्रस्तुत कर दिया और इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से कर दी।
पुलिस अधीक्षक ने पूर्व में दमोह में जिस लडक़े से उसकी शादी हुई थी उससे पूरे कागजात मंगवा लिए, जिससे मामला स्पष्ट हो गया। महिला ने दुर्ग के अपने ससुराल वालों के विरूद्ध कटनी में धारा 85, 296, 115 (2), 351 (3) बीएनएस तथा धारा 144 महिला संरक्षण अधिनियम की धारा 12 के तहत अपराध दर्ज होने की जानकारी देते हुए आवेदन खारिज करने की मांग की।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अंजलि सिंह ने बिना सक्षम न्यायालय में पूर्व में हुए शादी का तलाक हुए बिना दूसरी शादी करना धारा 82 के तहत अपराध की श्रेणी में माना और न्यायालय ने महिला के विरुद्ध बीएनएस की धारा 82 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है और उनके परिजनों को आरोपी बनाने से मुक्त कर दिया।


