दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 14 अप्रैल। जलाशयों से निस्तारी तालाबों को भरने छोड़ा गया पानी अभी भी टेल एरिया में पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रहा है। इधर सूख चुके निस्तारी तालाबों में अब तक पानी नहीं भर पाने से कई हैण्डपंप का जल स्तर गिरने से अनेक ग्रामों में पेयजल संकट बरकरार है। ग्रामीणों ने निस्तारी तालाबों को जल्द भरने छोड़े जा रहे पानी की मात्रा बढ़ाने मांग की है।
ग्राम बोड़ेगांव निवासी कृषक रवि प्रकाश ताम्रकार का कहना है कि ग्राम नवातरिया-खेदामारा के माइनर नहर से उनके गांव तक पानी आता है। जहां 2-3 दिन पहले ही पानी पहुंचा है वह भी बहुत कम मात्रा में आ रहा है। इसकी वजह से बोड़ेगांव सहित ग्राम अरसनारा, रवेली, कोडिय़ा, सगनी, बानबरद, अहेरी आदि गांवों के निस्तारी तालाब अब तक नहीं भर पाए हैं। निस्तारी तालाब सूखने से वाटर लेवल नीचे चले जाने के कारण लगभग 75 प्रतिशत बोर सूख चुके हैं या बहुत कम पानी आ रहा है, इससे पेयजल को लेकर समस्या आ रही है।
उन्होंने बताया कि उनके खेत में 3 बोर है इनमें 2 सूख चुके हैं। मात्र एक में पानी आ रहा है, इसमें भी कम पानी आ रहा है। इसके कारण उनके 8 एकड़ कृषि भूमि में लगी मक्के की फसल पक नहीं पा रही है। उनका कहना है कि टेल एरिया तक पर्याप्त पानी पहुंचाने तत्काल व्यवस्था हो।
जल संसाधन विभाग के अधिकारी का कहना है कि टेल एरिया तक पर्याप्त पानी पहुंचाने लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए सबसे पहले छोड़े जा रहे पानी की मात्रा 1500 से बढ़ाकर 1700 क्यूसेक किया गया था। अब इसे और बढ़ाकर 2000 क्यूसेक कर दिया गया है।


