दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 10 अप्रैल। भिलाई इस्पात संयंत्र के टाउनशिप क्षेत्र अंतर्गत सेक्टर-7 में पीलिया ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। पिछले दो दिनों से घरों में हो रही दूषित पानी की सप्लाई के कारण क्षेत्र के 35 से ज्यादा बच्चे बीमार हो गए हैं। इस घटना के बाद से पूरे सेक्टर में हडक़ंप मचा हुआ है और निवासियों में प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले 48 घंटों से नलों के जरिए गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई की जा रही है। टाउनशिप के क्वार्टरों में रहने वाले लोग इसी पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित पानी के सेवन के कारण ही बड़ी संख्या में बच्चे पीलिया की चपेट में आ गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसपी के वाटर सप्लाई विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों से पानी के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। भिलाई नगर निगम के स्वास्थ्य प्रभारी और अन्य आला अधिकारी लगातार बीएसपी टाउनशिप के अधिकारियों के संपर्क में हैं ताकि स्थिति को बिगडऩे से रोका जा सके।
सेक्टर-7 के पार्षद और नगर निगम के स्वास्थ्य प्रभारी लक्ष्मीपति राजू ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए बीएसपी और सेल प्रबंधन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि हमने बीएसपी के पेयजल आपूर्ति और स्वास्थ्य विभाग को तत्काल सूचना दे दी है। यह सीधे तौर पर प्रबंधन की लापरवाही है। पानी के सैंपल की रिपोर्ट आने तक वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए और इस समस्या का स्थायी समाधान जल्द से जल्द होना चाहिए।
राहत की बात यह है कि बीमार बच्चों की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है। अधिकांश बच्चों का इलाज उनके घरों पर ही डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।


