दुर्ग
व्यापारी संघ ने की कार्रवाई की मांग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
उतई, 25 मई। नगर पंचायत उतई में केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक, डिस्पोजल और पानी पाउच की खुलेआम बिक्री जारी है। पर्यावरण सुरक्षा के नियमों को ताक पर रखकर हो रही इस बिक्री को लेकर स्थानीय व्यापारी संघ ने कड़ी आपत्ति जताई है और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है।
1 जुलाई 2022 से प्रभावी प्रतिबंध के बावजूद, अहाता सेंटरों और दुकानों पर 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाली पॉलीथिन, प्लास्टिक कप, प्लेट और पानी पाउच बेचे जा रहे हैं। नियमानुसार, अहाता सेंटरों पर इनका उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है और उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है।
व्यापारी संघ अध्यक्ष सतीश पारख ने सुशासन तिहार शिविर में आवेदन देकर आबकारी विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शराब दुकानों पर प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर बिक्री हो रही है और ब्रांडेड शराब की कालाबाजारी कर आम जनता को मजबूरन अन्य ब्रांड दिए जा रहे हैं।
संघ का आरोप है कि जिले के कई ढाबों और होटलों में अवैध रूप से शराब पिलाने की व्यवस्था है, जिसमें विभाग की कथित ‘मासिक’ साठ-गांठ की चर्चा है। पूर्व में की गई शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
नगर पंचायत उतई के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेंद्र नायक ने बताया कि विभाग द्वारा समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाया जाता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 300 से 1,000 रुपये तक का अर्थदंड लगाया जाता है और आम नागरिकों को प्लास्टिक के स्थान पर थैलों का उपयोग करने के लिए जागरूक भी किया जाता है।
व्यापारी संघ अध्यक्ष ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि सभी ढाबों और बार की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक व पानी पाउच पर प्रभावी रूप से पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए।


