दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
उतई, 14 मार्च। छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद एवं जनसेवा की प्रतीक ममतामयी मिनीमाता की जयंती ग्राम डुंडेरा स्थित मिनीमाता चौक में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई।
इस अवसर पर नगर निगम रिसाली के पूर्व एल्डरमेन तरुण बंजारे के नेतृत्व में ग्राम के विभिन्न समाजों के लोगों ने एकत्रित होकर मिनीमाता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा पूजा-अर्चना कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके सामाजिक योगदान और मानव उत्थान के लिए किए गए कार्यों को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर नगर निगम रिसाली के पूर्व एल्डरमेन तरुण बंजारे ने कहा कि मिनीमाता का जीवन त्याग, सेवा और सामाजिक समरसता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता हर मोर्चे पर अग्रणी रहीं और समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए कार्य किया। उनके विचार और कार्य आज भी समाज को एकजुटता, समानता और सेवा की भावना के साथ आगे बढऩे की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मिनीमाता छत्तीसगढ़ी अस्मिता और सामाजिक चेतना की प्रतीक रही हैं।
पूर्व एल्डरमेन तरुण बंजारे ने बताया कि लगभग 10 वर्ष पूर्व ग्राम डुंडेरा में मिनीमाता जी की प्रतिमा स्थापित की गई थी। तब से प्रत्येक वर्ष ग्राम के विभिन्न समाजों के लोग मिलकर उनकी जयंती और पुण्यतिथि के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। इस आयोजन के माध्यम से ग्रामवासी नई पीढ़ी को भी मिनीमाता के जीवन, संघर्ष और सेवा भाव से परिचित कराने का प्रयास करते हैं।
कार्यक्रम में ग्राम के अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, नागरिक एवं विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि मिनीमाता के आदर्शों—समानता, सेवा और सामाजिक सद्भाव—को अपने जीवन में अपनाकर समाज के विकास में योगदान देंगे।इस अवसर सतनामी समाज के अध्यक्ष कीर्तन कोसरे,छंगा साहू,चुपुराम बंजारे,किशन देवांगन,मोनू तिवारी,दिनेश बंजारे,श्रीराम साहू,प्रदीप बंजारे,होमेन्द्र साहू,चंदू गायकवाड़,पप्पू निर्मलकर,अमोली राम भुईफोर,योगेश फेकर,टीकाराम बंजारे,भागवत देवांगन,सेवाराम साहू,सुमेर साहू,हरिचंद्र डहरिया उपस्थित थे।


