दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 14 मार्च। अफीम की अवैध खेती मामले में जांच के दौरान एक और नया खुलासा हुआ है। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ने जिस खसरे को मक्का के प्रदर्शन का प्लाट बताया। इसकी बजाय मक्के का प्रदर्शन अन्यत्र जगह पर लिया जा रहा था। मक्के के प्रदर्शन वाली खेत से कुछ ही दूरी पर अफीम की खेती हो रही थी। वहीं प्रदर्शन वाले प्लाट पर बोर्ड भी लगाया गया था। उक्त लापरवाही सामने आने के बाद ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को कलेक्टर ने निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है।
गौरतलब है अफीम खेती मामले कलेक्टर द्वारा पहले ही क्षेत्र की पटवारी अनिता साहू, सर्वेयर शशिकांत साहू एवं कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को नोटिस जारी किया गया था। मामले कृषि विस्तार अधिकारी की घोर लापरवाही सामने आने पर अब उन्हें निलंबित भी कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार जांच में यह बात सामने आई कि भाजपा नेता के रिश्तेदार विमल ताम्रकार के जिस खसरे की जमीन को प्रदर्शन प्लाट बनाया गया है। इसकी बजाय अन्यत्र जगह पर मक्के की फसल ली गई है।
वहीं प्रदर्शन प्लाट में बोर्ड लगाना जरूरी होता वह भी नहीं लगाया गया है। वहीं प्रदर्शन के नाम दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि भी जारी कर दी गई। इससे विभाग में प्रदर्शन के नाम पर गड़बड़ी को भी बल मिलता है। वहीं जिस अन्यत्र जगह पर मक्के का प्रदर्शन लिया गया। इससे कुछ दूरी पर अफीम की खेती हो रही थी। जिससे भी प्रदर्शन का अवलोकन करने वाले अधिकारी भी बेखबर बने रहे। इसी प्रकार डिजिटल क्राप सर्वे व गिरदावरी में भी अफीम की फसल को छिपाया गया। इधर समोदा में अफीम की खेती का मामला सामने आने पर मुख्यमंत्री द्वारा सीधे रिपोर्ट तलब किए हैं। इसके बाद कलेक्टर ने राजस्व विभाग के पूरे अमले को जांच में लगा दिया है। आरआई, पटवारी, कोटवार द्वारा हर कृषि फर्मों की जांच की जा रही है। वहां क्या फसल लगाई गई है इसकी रिपोर्ट बनाई जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं कोई ऐसी फसल तो नहीं ली गई है, जिसकी जानकारी न हो या संदिग्ध तरह कृषि की जा रही हो।


