दुर्ग
समोदा में अफीम की अवैध खेती का मामला
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 11 मार्च। ग्राम समोदा में अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आने के बाद पूरे दुर्ग जिले में कृषि फार्मों की जांच की जा रही है। कलेक्टर ने कृषि फर्मों की जांच के निर्देश दिए हैं। इसके बाद दुर्ग के बड़े कृषि फर्मों में तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता ने दबिश देकर जांच की।
गौरतलब है कि ग्राम समोदा में एक फार्म हाउस में मक्के के फसल के बीच अफीम की खेती की जा रही थी। इसका खुलासा होने के बाद प्रशासनिक महकमें में भी हडक़ंप मच गया। उक्त मामला सामने आने के बाद दुर्ग तहसील क्षेत्र अंतर्गत जहां भी बड़े कृषि फॉर्म स्थित है विशेष रूप से जिनमें तार घेरा फेंसिंग आदि कर बाहरी व्यक्तियों की पहुंच को सीमित किया गया है, वहां सभी तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, कोटवारों को उन खेतों की जांच अनिवार्य रूप से करने के निर्देश कलेक्टर दुर्ग द्वारा दिए गए है ताकि कहीं पर भी नशे की सामग्री की खेती यदि की जा रही हो तो वह पकड़ मे आ जाए।
कहीं पर भी संदिग्ध फसल मिलने पर संबंधित थाना से समन्वय कर कार्रवाई किए जाने के निर्देश है। श्री गुप्ता ने नगर निगम क्षेत्र के ग्राम सिकोला की निजी भूमि जो फॉर्म हाउस के रूप में उपयोग हो रहा है तथा पक्के बाउंड्रीवाल से घिरा हुआ है की जांच पटवारी के साथ की। उन्होंने निजी भूमि खसरा 288/1, 288/4, 288/5, 286, 256, 284/3 की जांच की जहां उन्हें सरसों और गेहूं की फसल मिली।
इसी तरह से ग्राम करहीडीह, रिसाली, डुन्डेरा, बोरसी, पोटियाकला आदि में भी जांच की जा रही है।


