दुर्ग

एकता में ही शक्ति है यही समाज की सबसे बड़ी पूंजी है-लोकमनी
04-Feb-2026 8:18 PM
एकता में ही शक्ति है यही समाज की सबसे बड़ी पूंजी है-लोकमनी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

उतई, 4 फरवरी। चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय चंद्राकर समाज उपक्षेत्र जामगांव एम की सामाजिक बैठक ग्राम सांकरा में आयोजित किया गया। बैठक की शुरुआत समाज के महापुरुषों की तैलचित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष लोकमनी चंद्राकर ने कहा कि चंद्राकर समाज की प्रगति, एकता और पारदर्शिता के लिए आज समय की सबसे बड़ी मांग है। कि समाज संगठित होकर सामूहिक रूप से कार्य करे। समाज तभी सशक्त बन सकता है जब उसके प्रत्येक सदस्य की भागीदारी, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित हो।

समाज में विभिन्न स्तरों पर हो रहे कार्यों, योजनाओं एवं संसाधनों के उपयोग को लेकर सामाजिक अंकेक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। सामाजिक अंकेक्षण से समाज के भीतर विश्वास बढ़ेगा, भ्रांतियाँ दूर होंगी और योग्य व्यक्तियों को आगे आने का अवसर मिलेगा। इससे समाज की आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक दिशा को सही मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

आज आवश्यकता है कि समाज के वरिष्ठ, युवा, महिलाएं एवं बुद्धिजीवी वर्ग मिलकर एक सशक्त संगठनात्मक ढांचा तैयार करें, जिसमें निर्णय प्रक्रिया पारदर्शी हो और समाजहित सर्वोपरि रखा जाए। एकजुटता के अभाव में समाज कमजोर होता है, जबकि संगठन और अनुशासन से समाज नई ऊँचाइयों को छू सकता है।

चंद्राकर समाज के सभी बंधुओं ने अपील कि है कि वे संगठन को मजबूत करने, सामाजिक अंकेक्षण को अपनाने तथा समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सक्रिय सहभागिता निभाएगे।

बैठक में प्रमुख रूप से भूषण चंद्राकर सचिव, अशोक चंद्राकर कोषाध्यक्ष, छत्तर सिंग चंद्राकर उपाध्यक्ष, तुंगज चंद्राकर, श्यामलाल चंद्राकर, बसंत चंद्राकर, कमलेश चंद्राकर, ओमप्रकाश चंद्राकर, कान्तु चंद्राकर, ईश्वर चंद्राकर, विष्णु चंद्राकर, हेमनारायण चंद्राकर, चेतन चंद्राकर, मुकेश चंद्राकर, देवेंद्र चंद्राकर, गोकुल चंद्राकर, ओमन चंद्राकर, शीतल चंद्राकर,  हर्षा चंद्राकर, रूखमणी चंद्राकर, दुर्गा चंद्राकर, भारती चंद्राकर, योगेश्वरी चंद्राकर, सरिता चंद्राकर, विनोद चंद्राकर, राजूलाल चंद्राकर, आदित्य चंद्राकर, विक्रम चंद्राकर, डुलर चंद्राकर, बिरेंद्र, रोहित राकेश, राजेश, दीपेश, रोशन, देवेश, सुयस, हर्षवर्धन नवीन, शुभम, गजेन्द्र, कुमारी चंद्राकर, फेकन, सावित्री, डिकेश्वरी, मोंगरा, चंचल चंद्राकर सहित सामाजिक बंधु एव बहने उपस्थित रहे।


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