दुर्ग
अफसरों ने समस्या के निराकरण के लिए 31 लाख की घोषणा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 2 मई। पेयजल संमस्या को लेकर भूख हड़ताल कर रहे अंजोरा ढाबा के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का किया घेराव कर दिया और वे समस्या के समाधान करने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के सामने ही जमीन पर बैठ गए। वहीं इस बीच भूख हड़ताल पर बैठे धर्मेश देशमुख की तबियत बिगडऩे पर अस्पताल में भर्ती करना पड़ा आनन फानन में पहुंचे अधिकारियों ने समस्या के निराकरण के लिए 31 लाख रूपए की घोषणा।
अंजोरा ढाबा के ग्रामीण इन दिनों भीषण पेयजल जलसंकट से जूझ रहे है मामले सूचना देने के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा इसकी सुध नहीं लेने पर ग्रामीण भडक़े ग्रामिणों ने 28 अप्रैल से भूख हड़ताल शुरू कर दिए है। फिर भी जब समस्या के समाधान को लेकर अधिकारियों के कान में जूँ नहीं रेंगने पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण दोपहर 12.30 बजे कलेक्ट्रेट के सामने आकर बैठ गए भूख हड़ताल पर बैठे धर्मेश की अचानक 2.30 बजे तबियत बिगडऩे पर तत्काल उन्हें ड्रीप चढ़ाया गया। इसके बाद एंबुलेस बुलाकर उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें शंकराचार्य हास्पीटल भिलाई रिफर कर दिया गया।
गुरुवार लगभग तीन बजे जनपद अध्यक्ष कुलेश्वरी देवांगन एवं सीईओ रूपेश पाण्डेय मौके पहुंचे जिन्हें देख ग्रामीण चार दिनों से भूख हड़ताल के बावजूद सुध नहीं लेने की बात कहते नाराजगी जताते हुए जमकर नारेबाजी की जनपद सीईओ ने 15 वें वित्त से समस्या के समाधान के लिए 31 लाख रूपए स्वीकृत करने की बात कही तब आंदोलन कर रहे ग्रामीणों ने 15 दिनों के अंदर समस्या का समाधान नहीं होने पर पुन: आंदोलन करने की चेतावनी देते हुए भूख हड़ताल स्थगित की। इस दौरान जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष जयंत देशमुख, पूर्व जनपद अध्यक्ष कृष्णा देशमुख, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष महेन्द्र सिन्हा, सरपंच टेमिन साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। वहीं प्रदेश कांग्रेस महामंत्री राजेन्द्र साहू एवं पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल ने भी मौके पर पहुंच ग्रामिणों की मांग का समर्थन किया।


