दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 26 अप्रैल। अग्रिम उठाव शुरू होने के एक माह बाद भी अनेक समितियों में डीएपी 18:46 खाद नहीं पहुंच पाया है। किसानों की मांग के अनुरूप इसे उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है बल्कि इसके बदले अन्य खाद भेजा जा रहा है। नतीजन खाद लेने पहुंच रहे किसान डीएपी के लिए बार बार समितियों के चक्कर काट रहे हैं।
मामले में ग्राम बोड़ेगांव के प्रगतिशील किसान रवि प्रकाश ताम्रकार ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि खरीफ वर्ष 2025 प्रारंभ हुए एक माह से अधिक हो चुका है, लेकिन खाद भंडारण में कमी होने के कारण नगद ऋण वितरण एवं खाद वितरण कार्य नहीं हो पा रहा है। कृषक डीएपी खाद के लिए बार-बार समिति के चक्कर काट रहे हैं, वर्तमान में खाद 12:32:16 का भंडारण किया गया है। उसका दर ही निर्धारण नही हुआ है, एवं भंडारित खाद पोस मशीन में दर्ज नहीं होने के कारण किसानों को वितरण नहीं किया जा रहा है। जिसके चलते किसान अग्रिम खाद उठाव योजना का फायदा नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अग्रिम उठाव करने पहुंच रहे किसानों को समितियों से सभी खाद डीएपी, पोटाश एवं युरिया एक साथ दिया जावे। साथ ही किसानों के मांग के अनुसार डीएपी 18:46 ही उपलब्ध करायी जाये। मगर इसकी जगह 12:32:16 भेजा जा रहा है, जिसका किसानों ने मांग ही नहीं किया है। इस पर भी उन्होंने सवाल उठाया है।
जानकारी के मुताबिक बहुत से सहकारी समितियों में डीएपी खाद की मांग का आर.ओ. पेंडिंग है ऐसी समितियों अग्रिम उठाव के पहुंच रहे कई किसान दूसरे खाद भी नहीं रहे हैं कोई कोई जो उपलब्ध वहीं खाद ले जा रहे हैं ऐसे फिर उन्हें दोबारा डीएपी खाद के लिए समिति का चक्कर लगाना पड़ेगा। जहां डीएपी 18:46 खाद भेजा गया है वहां भी कुल मांग का मुश्किल से 10 प्रतिशत ही भेजा गया। जानकारी के मुताबिक जिले की सहकारी समितियों में 12 हजार 491 टन विभिन्न प्रकार के खाद का भण्डारण किया जा चुका है। इनमें डीएपी खाद का मात्र 1764 टन भण्डारण हुआ है। अब तक स्थिति सबसे ज्यादा यूरिया खाद का 5234 टन समितियों भण्डारित हो चुका है। इसी प्रकार सुपर फास्फेट 3362 टन, पोटाश 1940 एवं एनपीके का समितियों 193 टन भण्डारण हो चुका है।


