दुर्ग
दोनों मीडिया कर्मियों ने मांगी माफी, एक ने नाम विलोपित करने दिया आवेदन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 4 अगस्त। विगत दिनों एसपी को आवेदन देकर चैनल से पेमेंट न मिलने की वजह से पुलिस के संरक्षण में नेवई, रिसाली और पाटन में कतिपय लोगों द्वारा सट्टा व्यवसाय संचालित किए जाने का आरोप लगा स्वयं की रोजी रोटी के लिए अवैध सट्टा संचालन की अनुमति मांगने वाले दो मीडिया कर्मियों के सभी आरोपों की पुलिस जांच में हवा निकल गई है।
पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ है कि आवेदक रवि सोनकर एवं अभिषेक शावल द्वारा थाना उतई, पाटन, नेवई क्षेत्र में सट्टा चलने तथा सट्टा पट्टी लिखने की अनुमति प्रदान का दावा झूठा है।
अब दोनों मीडिया कर्मियों ने लिखित कथन एसपी को देकर क्षमा याचना की है। उन्होंने बताया कि पत्रकारों के आपसी विवाद के चलते जल्दबाजी में दोनों ने होड़ लेने यह आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था। उनके द्वारा अपने उक्त कृत्य के लिए क्षमा मांगते हुए भविष्य में ऐसे कृत्य की पुनरावृत्ति नहीं होने का बयान दर्ज कराया गया है।
आवेदक अभिषेक शावल ने आवेदन पत्र से अपना नाम विलोपित करने एक और आवेदन एसपी कार्यालय को दिया है।
गौरतलब हो कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कर्मियों के ऐसे आरोप लगाते हुए आवेदन दिए जाने के बाद एसपी ने टीम गठित कर थाना उतई, पाटन, नेवई क्षेत्र के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में भी तस्दीक़ कराया जिसमें आवेदन पत्र में उल्लेखित तथ्य भ्रामक एवं तथ्यहीन पाया गया है।
संबंधित थाना क्षेत्र ने जवाब में बताया है कि यदि कोई भी व्यक्ति सट्टा पट्टी में संलिप्त पाया जायेगा तो उसके विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी, फिलहाल ऐसे किसी अवैध व्यवसाय को शह दिए जाने और साठगांठ का सभी आरोप बेबुनियाद और झूठा है।


