दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 9 अक्टूबर। आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर क्षेत्रीय कार्यालय, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल, दुर्ग द्वारा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, फरीद नगर, भिलाई में 6 अक्टूबर को सिंगल यूज प्लास्टिक के विलोपन हेतु स्कूली छात्र-छात्राओं के मध्य पर्यावरणीय जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
रूद्र नारायण सिन्हा, प्रधान पाठक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, फरीद नगर, व को-आर्डिनेटर ईको-क्लब, दुर्ग द्वारा कार्यक्रम के उद्देश्य बताते हुए, प्लास्टिक मुक्त भारत के निर्माण में बच्चों के माध्यम से समाज तक पहुंचते हुए, संकट से बचाने का प्रयास करना है। हमें सिंगल यूज प्लास्टिक को विलोपन करते हुए उसके स्थान पर कपड़े, जूट के थैले आदि का उपयोग करना चाहिए।
नन्दकुमार पटेल, प्रभारी रसायन द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर ंिसंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभाव के बारे में छात्र-छात्राओं को बताया कि आमतौर पर देखा गया है कि बाजार में तरल व ठोस पदार्थ लेने के लिए पहले बर्तन व कपड़े का थैला लेकर जाते थे, किन्तु वर्तमान बाजार से तरल पदार्थ- तेल, दूध, जूस व सब्जी, फल, फूल आदि को कैरीबैग/पॉलीथिन में लेकर आते है। जिससे प्लास्टिक अपशिष्ट की मात्रा बढ़ते जा रही है। इसे हम स्कूली छात्र-छात्राओं के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाये, जिससे उनके मित्रों व परिवार में जागरूकता आयेगी और इसे पर काफी हद तक नियंत्रण होगा। शिव प्रसाद, रसायनज्ञ ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक से पर्यावरण अधिक प्रदूषित हो रहा है।
प्लास्टिक को जलाने से हानिकारक गैसे निकलकर वातावरण के माध्यम से मानव व जीव जन्तु के शरीर में पहुंचाती है। जिससे विभिन्न प्रकार की बीमारी उत्पन्न होती है। सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग की बढ़ती मात्रा को ध्यान में रखते हुए उसके विलोपन हेतु शासन द्वारा समय-समय पर नीतियां बनाई गई हैं। जिसके माध्यम से शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पूर्णत: बंद हो। स्कूल शिक्षिकाएं रंजना ठाकुर, सीमा सहारे, अश्वनी मण्डावी द्वारा अपशिष्ट प्लास्टिक नियंत्रण हेतु छात्र-छात्राओं को जानकारी दी गई। सिंगल यूज प्लास्टिक के विलोपन हेतु स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ स्कूल परिसर में बैनर व पोस्टर के माध्यम से जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।
उक्त कार्यक्रम में स्कूल के लगभग 60-70 छात्र-छात्राओं, समस्त शिक्षक एवं शिक्षिकाएं एवं छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल, भिलाई के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


