धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 8 जून। यूनिसेफ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट के सहयोग से धमतरी जिले में गैर संचारी रोग सिकल सेल, बाल मधुमेह, जन्मजात हृदय रोग तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य रोगों पर मीडिया की भूमिका को और अधिक प्रभावी एवं संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से पत्रकारों के लिए क्षेत्रीय संवाद एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विषय विशेषज्ञों ने समाज को इन रोगों से छुटकारा दिलाने में मिडिया की भूमिका के बारे में जानकारी दी।
धमतरी के एक निजी हॉटल में रविवार को आयोजित कार्यशाला में संवाद एवं प्रशिक्षण सत्र के दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञ यूनिसेफ छत्तीसगढ़ डॉ गजेंद्र सिंह ने नेशनल इंडेक्स में गैर संचारी रोग से निपटने में छत्तीसगढ़ की स्थिति का डाटा पेश करते हुए पत्रकारों को इसकी गंभीरता का अहसास कराया। उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए बच्चों में बढ़ते गैर-संचारी रोगों की चुनौती, उनकी शीघ्र पहचान, समय पर उपचार एवं उपलब्ध सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी साझा की। साथ ही समुदाय आधारित स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों एवं जनसहभागिता की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया। इस कार्यक्रम में धमतरी, कुरुद, नगरी, सिहावा, भखारा, सिर्री मगरलोड एवं ग्रामीण इलाकों से आए पत्रकार शामिल थे।
एमसीसीआर ट्रस्ट के डॉ. डी श्याम कुमार ने कहा कि मीडिया केवल सूचना प्रसार का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक व्यवहार परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। तथ्यात्मक, संवेदनशील एवं जनहितकारी रिपोर्टिंग के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुँचाने में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने लोगों को समय पर जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करते हुए सिकल सेल की समय पर जांच एवं नियमित उपचार, बच्चों में टाइप-1 मधुमेह के शुरुआती लक्षणों की पहचान, जन्मजात हृदय रोग से प्रभावित बच्चों के शीघ्र रेफरल एवं उपचार तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर निगरानी जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त पूर्ण टीकाकरण, पोषण, एनीमिया नियंत्रण, सामुदायिक सहयोग एवं बहु-विभागीय समन्वय को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि मीडिया, स्वास्थ्य विभाग एवं समुदाय के बीच समन्वित प्रयासों से स्वास्थ्य योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी अधिक प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुँचाई जा सकती है। इससे न केवल जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि समय पर उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग में भी सुधार होगा। साथ ही व्यवहार परिवर्तन से रोगी लंबे समय तक स्वस्थ्य रूप से अपना जीवन यापन कर सकते हैं।
रायपुर से आए वरिष्ठ पत्रकार बाबूलाल शर्मा, राजेश जॉन पॉल एवं केएन किशोर, एमिटी विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों ने इस क्षेत्र में अपना अनुभव साझा करते हुए मीडिया को आम लोगों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का श्रेष्ठ जरिया बताया। अंत में प्रतिभागियों ने समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने तथा बच्चों एवं माताओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक एवं जिम्मेदार पत्रकारिता करने का संकल्प लिया। इस अवसर डॉ. रश्मि राव, शमी इमाम, एमसीसीआर ट्रस्ट से जुड़े लोग मौजूद थे।


