धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 22 मई। भारतीय किसान संघ जिला धमतरी ने किसानों की समस्या समाधान के लिए आगे नहीं आने के कारण राजनीतिक पार्टियों पर केवल श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए खाद और ईंधन संकट का जल्द नहीं निकलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
भाकिसं जिलाध्यक्ष लालाराम चंद्राकर, दुलार सिंह, सिंधु बैस ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि जिले के जनप्रतिनिधि किसानों के हित में सामने आने के लिए तैयार नहीं है। राज्य सरकार की वर्तमान खाद वितरण नीति ऐन वक्त पर किसानों को चिंता में डाल दिया है। किसान एक प्रयोगशाला बनकर रह गया, कभी एग्रीस्टैक कभी टोकन कभी सत्यापन के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है। ऐन वक्त पर खाद की मात्रा आधा करना उचित नहीं है, 1 एकड़ में आधा बोरा यूरिया आधा बोरा डीएपी पर्याप्त नहीं है। कौन से वैज्ञानिक ने सरकार को ऐसी सलाह दी है। जब खाद की कमी है तो निजी क्षेत्र में खाद बेचने का अधिकार क्यों दिया जा रहा है। बिचौलिये बिना बिल के 1400 का डीएपी 2200 रुपए में बेच रहे हैं। प्रशासन को ऐसे खाद विक्रेताओं पर कार्रवाई करनी चाहिए।
आगे कहा-वर्तमान में किसान रवि फसल की कटाई एवं अगली बोनी की तैयारी में व्यस्त है। पर उन्हें डीजल नहीं मिल रहा है। पेट्रोल पम्प में जरकिन या डिब्बे में डीजल नहीं दिया जा रहा है, किसान कितनी बार ट्रैक्टर लेकर टंकी पर आएंगे। इस नियम को तत्काल हटा किसानों को डीजल उपलब्ध करवाने की व्यवस्था होनी चाहिए। एक सप्ताह के अंदर स्थिति सामान्य नहीं होने पर हम धरना प्रदर्शन, चक्काजाम करने पर विवश होंगे। इसके लिए शासन प्रशासन जिम्मेदार रहेगा।
इस मौके पर भारतीय किसान संघ के राजकुमार चंद्राकर, ललीत, रामकुमार सिन्हा, विनय साहू, टोमन साहू, ठाकुरराम साहू आदि उपस्थित थे।


