दन्तेवाड़ा
दंतेवाड़ा, 10 जून। जिला प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा सहित राहत पुनर्वास विषय पर संयुक्त जिला कार्यालय में बुधवार को बैठक आयोजित की गई। इस दौरान कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव द्वारा राहत एवं पुनर्वास, सड़क सुरक्षा, तथा नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर ( एनकार्ड) विषयों पर समीक्षा की गई। इस बैठक में जिला स्तरीय राहत एवं पुनर्वास, नए कानूनों के क्रियान्वयन, सड़क सुरक्षा और एनसीओआरडी (नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर) जैसे संवेदनशील विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई और आवश्यक निर्देश दिए गए।
सर्वप्रथम राहत एवं पुनर्वास से जुड़े मामलों की समीक्षा के साथ हुई बैठक के एजेंडे में विगत 06 मई को आयोजित बैठक का पालन प्रतिवेदन, नक्सल पीडि़त परिवार को पुनर्वास योजना का लाभ दिये जाने पर चर्चा, अनुमोदन, नक्सली घटना में मृत व्यक्ति के परिवार के सदस्य को आर्थिक सहायता राशि पर चर्चा अनुमोदन, शासकीय सेवा में नियुक्ति संबंधी सुविधाएं (नौकरी के स्थान पर आर्थिक सहायता राशि), आत्मसमर्पित नक्सलियों द्वारा डम्प बरामदगी कराने पर घोषित प्रोत्साहन राशि, आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रशिक्षण अवधि का मानदेय, वर्ष - 2005 में आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि, आत्मसमर्पित नक्सलियों को दिये जाने वाले आवास की जानकारी, प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार, स्वरोजगार की जानकारी, एस.आई.बी. पोर्टल अद्यतन स्थिति जैसे विभिन्न विषय शामिल थे।
इस दौरान श्री ध्रुव ने नक्सल पीडि़त, आश्रितों को तत्काल आर्थिक एवं रोजगार प्रशिक्षण केन्द्र सहित अन्य सहायता उपलब्ध कराने और हर संभव मदद देने पर जोर दिया। उन्होंने नक्सल पीडि़त परिवारों के सदस्यों को शासकीय सेवा में अनुकंपा नियुक्ति देने की प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति जांची और अधिकारियों को इसे प्राथमिकता देने को कहा। इसके अतिरिक्त, साम्प्रदायिक सद्भाव प्रतिष्ठान के तहत छात्रवृत्ति, आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रशिक्षण के दौरान शिष्यावृत्ति और पीडि़त परिवारों को डिजिटल डेटाबेस को अपडेट करने की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
जब्त वाहनों को तत्काल करें राजसात
बैठक में नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए एनसीओआरडी की समीक्षा की गई। इसके एजेंडे में नशा मुक्ति अभियान के तहत पिछले माह में की गई कार्यवाही में अधिक से अधिक प्रगति लाना एवं नशे के कारोबार से संलिप्त वाहनो का जब्ती पश्चात राजसात वाहनों की तत्काल नीलामी की कार्यवाही करना और जब्त ड्रग्स का विनष्टीकरण तत्काल सुनिश्चित करना। कोटपा एक्ट के तहत कार्यवाही में अधिक से अधिक प्रगति लाना एवं जिला चिकित्सालय परिसर में 10 बिस्तर का ड्रग डि- अडिक्शन ट्रीटमेंट सेंटर संचालित करने हेतु कार्यवाही करना। कोटपा अधिनियम के अंतर्गत संयुक्त विभागों के साथ संलग्न रहकर जागरूकता अभियान मे सहयोग करना तथा सिन्थेटिक ड्रग्स से संबंधित पंजीकृत संस्था की जानकारी प्राप्त होने पर सूचित करना, इसमें नशा मुक्ति, पुनर्वास और तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की कार्ययोजना शामिल रहे। जिसमें पुलिस और परिवहन विभाग ने भी अब तक अपनी अद्यतन कार्रवाई और जागरूकता अभियानों का ब्यौरा पेश किया। जिले में संचालित मेडिकल स्टोर का निरीक्षण नशीली दवाई एवं फर्म पर किये गये कार्यवाही का विवरण एवं निरीक्षण करने के संबंध में भी कलेक्टर द्वारा जानकारी ली गई।
सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले में दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने, बैठक में शहर के मुख्य मार्गों पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवारा पशुओं के नियंत्रण, अतिक्रमण हटाने, और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित फुटपाथ बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। वहीं, शिक्षा विभाग को आगामी शिक्षा सत्र में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर रोक लगाने और स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस अधीक्षक गौरव राय और सीईओ जयंत नाहटा प्रमुख रूप से मौजूद थे।


