‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 19 अक्टूबर। ओबीसी महासभा प्रदेश इकाई छत्तीसगढ़ के आह्वान पर प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी राधेश्याम के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में लंबित राष्ट्रीय जनगणना 2021 की फॉर्मेट में ओबीसी के लिए कोड नंबर 13 में पृथक से कोड नंबर निर्धारण कर जनगणना किए जाने, लगातार ओबीसी समाज के लोगों के साथ हो रहे अत्याचार हत्या भेदभाव एवं अन्य को देखते हुए सरकार एक प्रोटेक्शन बिल पारित किए जाने एवं छत्तीसगढ़ में लंबित ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर मशाल रैली निकाल कर ज्ञापन कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग आयोग भारत सरकार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जा रहा है। इसी तारतम्य में सरगुजा जिला में 18 अक्टूबर को मशाल रैली निकाल कर ज्ञापन जिला प्रशासन के प्रतिनिधि को सौंपा।
प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी राधेश्याम ने बताया कि संविधान में सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े हुए समुदाय को अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के रूप में तीन वर्गों में वर्गीकृत किया गया। राष्ट्रीय जनगणना में इन तीनों वर्गों की दशाओं के आंकड़े एकत्र किए जाने चाहिए। अनुसूचित जाति, एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की जनगणना तो होती है, किंतु राष्ट्रीय जनगणना फार्म में ओबीसी के लिए पृथक से कोड नंबर नहीं होने के कारण अन्य पिछड़ा वर्ग की जनगणना नहीं होती है।
प्रदेश उपाध्यक्ष परसुराम सोनी ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 340 के परिपालन में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए गठित आयोगों (काका कालेलकर आयोग, मंडल आयोग एवं मध्यप्रदेश राम जी महाजन आयोग) द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग की जनगणना कराये जाने बाबत अनुशसा की गई है । तदानुसार इस हेतु संसद में बनी सहमति के आधार पर राष्ट्रीय जनगणना 2011 में पृथक से अन्य पिछड़ा वर्ग के आंकड़े एकत्रित करने का प्रयास किया गया, किंतु आंकड़े आज पर्यंत जारी नहीं किया गया ।जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र साहू ने कहा कि लंबित राष्ट्रीय जनगणना 2021 के जनगणना फॉर्मेट के कॉलम नंबर 13 में ओबीसी के लिए पृथक से कोड नंबर 3 और सामान्य वर्ग के लिए कोड नंबर 4 शामिल कर जनगणना अभिलंब की जावे एवं जनगणना उपरांत आंकड़े प्रकाशित किया जावे ,जिससे ओबीसी समाज भारत देश के मतदाता होने के नाते जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी प्राप्त कर सके।
संभाग प्रवक्ता आनंद सिंह यादव ने कहा कि विगत 30 वर्षों से लंबित ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत छत्तीसगढ़ राज्य में शीघ्र लागू किया जाए। संविधान लागू होने के 43 साल बाद 1993 में माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय अनुसार ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण केंद्र सरकार के द्वारा केंद्रीय सेवाओं में दिया गया ,साथ ही राज्यों की स्थिति के आधार पर ओबीसी के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने का अधिकार राज्य सरकार को दिया गया, किंतु ओबीसी समुदाय को अविभाजित मध्य प्रदेश में मात्र चौदह प्रतिशत आरक्षण शिक्षा एवं रोजगार में दिया गया, जो कि छत्तीसगढ़ राज्य में आज पर्यंत यथावत है।
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा ओबीसी खिलेश्वरी ने कहा कि बहुसंख्यक ओबीसी समुदाय को आबादी के बराबर हिस्सेदारी (आरक्षण )प्रदान नहीं करने के कारण प्रदेश में ओबीसी समुदाय के समुचित विकास एवं उत्थान में अपरिमित नुकसान हो रही है। पिछली छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 2 दिसंबर 2022 को पारित आरक्षण संशोधन विधेयक में राज्यपाल के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण 27 फीसदी आरक्षण ओबीसी के लिए लागू नहीं हो पाया है । अत: महामहिम राज्यपाल का हस्ताक्षर उक्त विधेयक में अविलंब हो।
प्रदेश सचिव कृष्णा प्रजापति ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में ओबीसी समुदाय के लोगों के साथ आए दिन मारपीट, प्रताडऩा, हत्या, शोषण एवं भेदभाव आदि वारदात हो रही है । अत:ओबीसी प्रोटेक्शन बिल पारित कर न्यायिक सुरक्षा प्रदान की जाए तथा हाल ही में कवर्धा जिला के लोहारीड़ीही में प्रशांत कुमार साहू का पुलिस विरासत में दर्दनाक मौत/ जघन्य हत्या हुई है।
कार्यकारी जिलाध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि मृतक श्री प्रशांत कुमार साहू के परिवार एवं अन्य मृतक परिवार के एक एक सदस्य को शासकीय सेवा एवं दो-दो करोड रुपए की राशि प्रदान करते हुए सीबीआई जांच की मांग की गई है। सरगुजा संभाग की स्थानीय मांग ओबीसी फोरम बनाना, पिछड़ा वर्ग की जाति प्रमाण पत्र का सरलीकरण, सर्व सुविधायुक्त छात्रावास की व्यवस्था करना निशुल्क व्यवसाय हेतु लोन की व्यवस्था करना ,चिकित्सा हेतु आर्थिक सहायता आदि स्थानीय मांगों को भी शामिल किया गया।
उत्साहवर्धन हेतु श्रीकान्यकुंज मोदनवाल समाज के पदाधिकारी किशोर गुप्ता ,मनोज गुप्ता, राकेश ठाकुर, पंकज गुप्ता, अभिषेक गुप्ता ,आर्यन गुप्ता ,शुभम गुप्ता ,रवि गुप्ता ,सौरभ गुप्ता, आदित्य गुप्ता ,आयुष गुप्ता के द्वारा प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी राधेश्याम एवं ओबीसी महासभा के वरिष्ठों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
मशाल रैली एवं ज्ञापन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी राधेश्याम, प्रदेश उपाध्यक्ष सरगुजा संभाग प्रभारी परसुराम सोनी,प्रदेश सचिव कृष्णा प्रजापति,कार्यकारी प्रदेशअध्यक्ष महिला मोर्चा खिलेश्वरी, प्रदेश सहसचिव पुनेश्वर देवांगन ,संभाग प्रवक्ता आनंद सिंह यादव ,जिला अध्यक्ष सुरेंद्र साहू ,कार्यकारी जिला अध्यक्ष पंकज गुप्ता ,जिला महासचिव संतोष विश्वकर्मा ,सक्रिय पदाधिकारी शैलेंद्र शर्मा ,यादव समाज के संभागीय अध्यक्ष देवनारायण यादव ,कमलेश यादव,रामप्रवेश यादव,सत्येंद्र ठाकुर,सोनार उत्थान समाज के जिला अध्यक्ष कृष्णा सोनी ,सोनार उत्थान समाज के पदाधिकारी रश्मि सोनी, ममता सोनी ,किरण सोनी ,ज्योति सोनी, छत्तीसगढ़ निषाद समाज से संभाग अध्यक्ष त्रिवेणी चौधरी,संभाग महासचिव सुजान बिन्द, जिला सचिव राजू राजवाड़े,बलराम साहू ,पनिका समाज से जिलाध्यक्ष शोभित दास ,दुर्गा शंकर दास ,राम लखन दास , बृजलाल दास बुनकर समाज से सुरेश ,इंदु कश्यप ,मालती यादव, कविता सोनी, अनीता सोनी, बेबी सोनी ,आरती सोनी, चांदनी सोनी, उर्मिला गुप्ता ,ममता सोनी ,सावित्री सोनी, उषा सोनी, सीमा सोनी ,शारदा सोनी ,दीपू सोनी ,गुडिय़ा सोनी, रंभा शर्मा ,चिंता कश्यप ,सविता कश्यप, बिना कश्यप ,पार्वती कश्यप ,प्रीति कश्यप ,सुनीता शर्मा ,अनीता शर्मा ,नेहा गुप्ता सहित सैकड़ों पदाधिकारी ने बढ़-चढक़र भाग लिया।