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साइबर लॉ और डिजिटल साक्ष्य की ग्राह्यता पर बेमेतरा जिला न्यायालय में कलिंगा की संगोष्ठी
10-Apr-2026 2:18 PM
साइबर लॉ और डिजिटल साक्ष्य की ग्राह्यता पर  बेमेतरा जिला न्यायालय में कलिंगा की संगोष्ठी

रायपुर, 10 अप्रैल। कलिंगा विश्वविद्यालय ने बताया कि 24 मार्च 2026 को जिला न्यायालय, बेमेतरा में ‘साइबर लॉ, डिजिटल साक्ष्य तथा न्यायालयों में डिजिटल साक्ष्य की ग्राह्यता’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया। यह कार्यक्रम न्यायालय परिसर के भीतर अधिवक्ता संघ, बेमेतरा के सौजन्यपूर्ण सहयोग से आयोजित किया गया, जिसने सत्र के संचालन एवं आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कलिंगा विवि ने बताया कि इस संगोष्ठी में बड़ी संख्या में कार्यरत अधिवक्ताओं ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम की गरिमा माननीय जिला न्यायाधीश अधिवक्ता सरोज नंदन दास, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अधिवक्ता देवेंद्र कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अधिवक्ता साक्षी दीक्षित तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अधिवक्ता मोहित सिंह की उपस्थिति से बढ़ी, जो विधिक समुदाय के सशक्त संस्थागत समर्थन को दर्शाती है।विशेषज्ञ सत्र का संचालन सुश्री विशाखा साखरकर, सहायक प्राध्यापक, विधि संकाय द्वारा किया गया।

कलिंगा विवि ने बताया कि उन्होंने साइबर लॉ से संबंधित वैधानिक प्रावधानों, डिजिटल साक्ष्य के कानूनी ढांचे, इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों के संग्रहण एवं संरक्षण की प्रक्रियाओं, न्यायालयों में डिजिटल साक्ष्य की ग्राह्यता तथा इस क्षेत्र में हाल के न्यायिक विकासों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही, विधिक कार्यवाही के दौरान डिजिटल साक्ष्य को संभालने एवं प्रस्तुत करने में अधिवक्ताओं द्वारा सामना की जाने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

कलिंगा विवि ने बताया कि तकनीक पर बढ़ती निर्भरता और साइबर मामलों में लगातार वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, इस चर्चा में आधुनिक विधिक प्रथाओं में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य से संबंधित वैधानिक प्रावधानों, प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं एवं न्यायिक मानकों के पालन के महत्व को रेखांकित किया गया।


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