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उभरते आईपी न्यायशास्त्र, शिक्षण एवं अनुसंधान के बदलते रुझान पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम
10-Apr-2026 2:18 PM
उभरते आईपी न्यायशास्त्र, शिक्षण एवं अनुसंधान के बदलते रुझान पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम

हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय

रायपुर, 10 अप्रैल। हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू), रायपुर ने बताया कि अपने डीपीआईआईटी-आईपीआर चेयर के तत्वाधान  में  उभरता आईपी न्यायशास्त्र और आईपी शिक्षण एवं अनुसंधान के बदलते रुझान विषय पर दस दिवसीय राष्ट्रीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का सफलतापूर्वक उद्घाटन किया।

एचएनएलयू ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षा प्राध्यापकों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों को बौद्धिक संपदा (आईपी) कानून और शिक्षा पद्धति में समकालीन विकास से जुडऩे के लिए एक व्यापक अकादमिक मंच प्रदान करना है। एफडीपी नवाचार-संचालित विकास और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के विकास के अनुरूप एक व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण को दर्शाता है।

एचएनएलयू ने बताया कि इसका उद्देश्य न केवल प्रतिभागियों की सैद्धांतिक समझ को बढ़ाना है, बल्कि अनुसंधान क्षमताओं को मजबूत करना, अंत:विषयक अन्वेषण को प्रोत्साहित करना और बौद्धिक संपदा कानून में उच्च गुणवत्ता वाली विद्वता को बढ़ावा देना भी है उद्घाटन व्याख्यान विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के बौद्धिक संपदा प्रभाग के निदेशक श्री एंटनी टॉबमैन ने दिया।अपने ज्ञानवर्धक भाषण में, श्री टॉबमैन ने वैश्विक व्यापार, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और ज्ञान अर्थव्यवस्थाओं को आकार देने में बौद्धिक संपदा के बढ़ते महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने आईपी क्षेत्र में उभरती चुनौतियों, विशेष रूप से तेजी से विकसित हो रही प्रौद्योगिकियों और सीमा पार नियामक गतिशीलता के संदर्भ में, अनुकूल कानूनी ढांचे और मजबूत अकादमिक भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय कानून के परिप्रेक्ष्य से डब्ल्यूआईओपी और डब्ल्यूटीओ के अभिसरण और विचलन के बीच समानता का विश्लेषण किया। इससे पहले, एचएनएलयू के कुलपति प्रोफेसर विवेकानंदन ने अपने उद्घाटन भाषण में नवाचार के बाजार में संक्रमण पर जोर दिया, जिसके लिए अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में आईपी की जटिल व्यवस्था को समझना आवश्यक है।


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