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महिला व्यापारियों के हितों को ध्यान रखते राज्य आम बजट में ठोस मांगें रखी जा रहीं-डॉ. गुप्ता
24-Feb-2026 1:02 PM
महिला व्यापारियों के हितों को ध्यान रखते राज्य आम बजट में ठोस मांगें रखी जा रहीं-डॉ. गुप्ता

  पूर्व बजट संवाद सत्र  

रायपुर, 24 फरवरी। छत्तीसगढ़ वाणिज्य एवं उद्योग मंडल के प्रदेश अध्यक्ष  सतीश थौरानी ने बताया कि उनके मार्गदर्शन में महिला प्रकोष्ठ पदाधिकारियों एवं महिला पत्रकारों के बीच पूर्व-बजट सत्र संवाद का आयोजन हुआ।

महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ईला गुप्ता ने बताया कि छत्तीसगढ़ महिला वाणिज्य एवं उद्योग मंडल के प्रतिनिधि के रूप में, बजट 2026-27 के लिए महिला व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित ठोस माँगें रखी जा सकती हैं- वित्तीय प्रोत्साहन और ऋण (वित्तीय सहायता) वर्तमान महिला उद्यमिता नीति के तहत व्यापारिक परियोजनाओं के लिए 10 लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर 25 लाख रुपये तथा सेवा क्षेत्र के लिए 50 लाख रुपये तक करने की माँग। महिला उद्यमियों को न्यूनतम 7-8 वर्षों के लिए अदा किए गए ब्याज का 65-75 प्रतिशत अथवा ऋण का 7-8 प्रतिशत (जो भी कम हो) विशेष ब्याज अनुदान प्रदान किया जाए।

डॉ. गुप्ता ने बताया कि महतारी शक्ति ऋण योजना का उन्नयन-सूक्ष्म महिला व्यापारियों के लिए बिना गारंटी वाले ऋण की सीमा को 25,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की माँग, ताकि वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें। कर राहत और लागत में छूट (कर एवं लागत राहत) नए महिला-संचालित उद्योगों के लिए बिजली शुल्क माफी की अवधि को 10-12 वर्ष तक सुनिश्चित किया जाए। महिला व्यापारियों को 15 वर्षों तक शुद्ध राज्य वस्तु एवं सेवा कर की प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया को और सरल तथा पारदर्शी बनाने की माँग।

डॉ. गुप्ता ने बताया कि  बाज़ार पहुँच और आधारभूत संरचना (बाज़ार उपलब्धता एवं अवसंरचना) प्रमुख शहरों (रायपुर, भिलाई, बिलासपुर) में केवल महिला उद्यमियों के लिए आरक्षित औद्योगिक क्षेत्रों या समूहों की स्थापना। बजट 2026 में प्रस्तावित शे मार्ट (सामुदायिक खुदरा विक्रय केंद्र) को ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों के प्रमुख व्यापारिक स्थलों पर भी खोले जाने की माँग।


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