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रायपुर, 31 जनवरी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त्-1, जयवदन इंगले ने जानकारी बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केंद्र सरकार द्वारा विनिर्माण क्षेत्र में नए रोजगार सृजन,कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा क्षेत्र का विस्तार करने और उन्हें आर्थिक स्थिरता प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई योजना है जो कि दिनांक 01 अगस्त 2025 से प्रारंभ की गयी है।
श्री इंगले ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पहली बार नौकरी लगने और कर्मचारी का यूएएन (्रहृ) जनरेट होने पर कर्मचारी को प्रोत्साहन के तौर पर 6-6 महीनों के अंतराल में दो किश्तों में अधिकतम 15000/ रू. की राशि प्रदान की जाएगी और दूसरी ओर भविष्य निधि अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत संस्थानों के नियोक्ताओं को नए रोजगार सृजन पर एवं 06 माह की समाप्ति पर प्रति कर्मचारी अधिकतम 3000/ रु. की प्रोत्साहन राशि सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी । यदि कोई नियोक्ता् 100 कर्मचारियों को 6 माह के लिए स्थिर रोजगार देता है तो 18 लाख रूपये तक की राशि बतौर प्रोत्सा1हन, भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।
श्री इंगले ने बताया किइस योजना का लाभ दिनांक 01 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित रोजगार पर लागू होगा जो कि मार्च 2026 से प्रदान किया जाना प्रारंभ होगा । जिसके अंतर्गत एक लाख रु. तक वेतन पाने वाले कर्मचारी ही इस योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र होंगे। प्रोत्साहन राशि की पहली किश्त 06 माह की सेवा तथा ईसीआर 06 माह तक लगातार जमा किए जाने पर मिलेगी। विनिर्माण/उत्पादन क्षेत्र के संस्थानों के लिए यह योजना 04 साल तक एवं अन्य संस्थानों के लिए 02 साल तक प्रभावी होगी।
श्री इंगले ने बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर के प्रभारी, क्षेत्रीय आयुक्त, श्री जयवदन इंगले ने केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी तथा बहुआयामी योजना के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ का लक्ष्य 99,446 करोड रू. के व्यय के साथ आगामी दो वर्षों की अवधि में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार के सृजन को प्रोत्साहित करना है । उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ राज्य के 7925 नियोक्तो ने इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत हुए है जिन्हेंक इस योजना का लाभ सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्ता होगा।


