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हैदराबाद, 6 दिसंबर। भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक एनएमडीसी ने बताया कि उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं ।
एनएमडीसी ने बताया कि इस पहल के तहत एनएमडीसी के प्रचालनों में साइबर सुरक्षा के क्षेत्रों में नई पहल की सुविधा प्रदान करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) सहित आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इस समझौता ज्ञापन पर एनएमडीसी की ओर से श्री सत्येंद्र राय, अधिशासी निदेशक (डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन) और प्रोफेसर अशोक डे, डीन, आर एंड डी, आईआईटी कानपुर ने प्रो. मनिंद्र अग्रवाल, निदेशक, आईआईटी कानपुर, एनएमडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों और आईआईटी कानपुर के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए ।
एनएमडीसी ने बताया कि इस साझेदारी के माध्यम से एनएमडीसी साइबर सुरक्षा जोखिम आकलन; नीति, शासन और अनुपालन समर्थन; आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) एकीकरण और उन्नयन; सुरक्षा संचालन और घटना प्रतिक्रिया; क्षमता निर्माण और ज्ञान साझा करना; और संयुक्त अनुसंधान और नवाचार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आईआईटी कानपुर के साथ काम करेगा।
एनएमडीसी ने बताया कि इसके अतिरिक्त, एनएमडीसी और आईआईटी कानपुर संयुक्त रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगे, अनुसंधान गतिविधियां करेंगे, पायलट परियोजनाएं चलाएंगे और प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट समाधान का सामूहिक रूप से विकास करेंगे । श्री अमिताभ मुखर्जी, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनएमडीसी ने इस साझेदारी पर कहा यह समझौता ज्ञापन एनएमडीसी के व्यापक परिचालन पारिस्थितिकी तंत्र में आईआईटी कानपुर की उन्नत अनुसंधान क्षमताओं को समाहित करेगा।
एनएमडीसी ने बताया कि यह सहयोग हमें अपनी डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने, परिचालन इंटेलिजेंस में सुधार करने और एनएमडीसी के लिए एक सुरक्षित और भविष्य के अनुरूप तकनीकी आधार बनाने में मदद करेगा। यह समझौता ज्ञापन डिजिटल रूप से मजबूत और भविष्य के लिए तैयार खनन संगठन बनने की एनएमडीसी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है ।


