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रायपुर, 10 अक्टूबर। ऑल इंडिया डांसर्स एसोसिएशन ने बताया कि एआईडीए 2025 राष्ट्रीय संगीत एवं नृत्य महोत्सव के आठवें दिन रंगमंच पर नृत्य की विविध शैलियों की मनमोहक झलक देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत भिलाई के कृष्णप्रिय कथक केंद्र की प्रतिभाशाली छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कथक नृत्य से हुई, जिसने अपनी लयबद्धता और भाव अभिव्यक्ति से दर्शकों का मन जीत लिया।
एसोसिएशन ने बताया कि इसके उपरांत बेंगलुरु की नृत्यथिंकलाक्षेत्रम् संस्था के विद्यार्थियों ने भरतनाट्यम की पारंपरिक प्रस्तुति दी, जिसमें नृत्य की गरिमा और गहराई स्पष्ट झलकी। इसके बाद एनआरित्यं संस्था के कलाकारों ने गुरु अनिल टांडी के नेतृत्व में सेमिक्लासिकल एवं वेस्टर्न डांस की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। ताल और भावों के संगम से सजी इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
एसोसिएशन ने बताया कि दिन का मुख्य आकर्षण रही ओडिसी नृत्यांगना सुश्री स्वप्नकल्पा दासगुप्ता की विशेष प्रस्तुति, जिन्होंने अपनी गहन नृत्य साधना और ओडिसी की पारंपरिक छटा से मंच को आलोकित किया। स्वप्नकल्पा दासगुप्ता संक्षिप्त परिचय सुश्री स्वप्नकल्पा दासगुप्ता देश की सुप्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना हैं।
एसोसिएशन ने बताया कि वे एनसीपीए (नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स), मुंबई से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने ओडिसी नृत्य की विधिवत शिक्षा गुरु सुझाता मोहपात्रा एवं गुरु केलुचरण महापात्र की परंपरा में प्राप्त की है। देश-विदेश में अनेक प्रतिष्ठित मंचों पर प्रस्तुति दे चुकीं स्वप्नकल्पा अपनी नृत्य शैली में परंपरा और नवोन्मेष का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत करती हैं।


