बीजापुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 20 मई। बीजापुर जिले अंदुरुनी इलाकों के बच्चों के लिए इस बार की गर्मी सिर्फ छुट्टियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके सपनों को दिशा देने वाली साबित हो रही है। एजुकेशन सिटी में चल रहे 15 दिवसीय आवासीय ग्रीष्मकालीन खेल शिविर में बच्चे मैदान में पसीना बहाकर अपने भविष्य की नई इबारत लिख रहे हैं।
जिला प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस शिविर में जिले के चारों विकासखंडों से पहुंचे 260 बच्चे हिस्सा ले रहे हैं। इनमें कई ऐसे बच्चे भी हैं, जो पहली बार अपने गांव से बाहर निकलकर किसी बड़े खेल परिसर और आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था का अनुभव कर रहे हैं।
बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप और जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे के मार्गदर्शन में संचालित शिविर का उद्देश्य केवल खेल सिखाना नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को मुख्यधारा के अवसरों से जोडऩा है। बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी के प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को वालीबाल, फुटबॉल, तीरंदाजी, तैराकी, बैडमिंटन, कबड्डी, एथलेटिक्स और सॉफ्टबॉल सहित आठ खेलों में तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
विशेष बात यह है कि शिविर को केवल खेल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखा गया है। बच्चों की दिनचर्या में योग, फिटनेस, अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ जीवनशैली को भी शामिल किया गया है। सुबह मैदान में अभ्यास और दिन में सेंट्रल लाइब्रेरी में सामान्य ज्ञान व शैक्षणिक गतिविधियों से जुडक़र बच्चे खेल के साथ बौद्धिक विकास की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं।
प्रशिक्षकों के अनुसार, कई बच्चों में प्राकृतिक खेल क्षमता और तेज सीखने की प्रतिभा दिखाई दे रही है। शिविर में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाडिय़ों को आगे स्पोर्ट्स अकादमी में विशेष प्रशिक्षण और अवसर दिए जाएंगे।बीजापुर का यह शिविर अब सिर्फ एक खेल गतिविधि नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचल के बच्चों के भीतर छिपे आत्मविश्वास, अनुशासन और बड़े सपनों को आकार देने का अभियान बनता जा रहा है।


