बीजापुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 24 जनवरी। जिले के नैमेड़ थाना क्षेत्र के ग्राम मूसालूर के जंगल में 28 नवंबर 2025 को मिले अज्ञात पुरुष के शव के मामले में पुलिस ने हत्या का सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृतक की दूसरी पत्नी, सौतेले बेटे सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि 28 नवंबर 2025 को थाना नैमेड़ क्षेत्र के मूसालूर के जंगल में एक अज्ञात पुरुष का शव मिलने की सूचना पर थाना नैमेड़ में मर्ग कायम कर पंचनामा एवं जांच प्रारंभ की गई। मर्ग जांच के दौरान मृतक की पहचान बदरू उरसा, निवासी नैमेड़ के रूप में हुई। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मृतक की मृत्यु ठोस वस्तु से सिर एवं चेहरे पर गंभीर चोट लगने से होना पाया गया।
उक्त तथ्यों के आधार पर थाना नैमेड़ में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 103(1), 238 बीएनएस के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कुटरू बृज किशोर यादव के मार्गदर्शन में अज्ञात आरोपी की पतासाजी हेतु थाना नैमेड़ पुलिस एवं साइबर सेल बीजापुर द्वारा तकनीकी जांच की गई।
जांच के दौरान मृतक के मोबाइल कॉल डिटेल्स एवं घटनास्थल के टावर डंप रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया, जिसमें घटना दिवस पर मृतक की दूसरी पत्नी माहरी मज्जी, सौतेला बेटा शंकर मज्जी एवं संदेही रमेश मज्जी की मोबाइल लोकेशन घटनास्थल के आसपास सक्रिय पाई गई। साथ ही तीनों के बीच लगातार आपसी संपर्क की पुष्टि हुई। घटना के बाद शंकर मज्जी एवं रमेश मज्जी के तेलंगाना राज्य फरार होने की जानकारी मिली।
वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए थाना नैमेड़ से निरीक्षक हरिनाथ रावत के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा तेलंगाना राज्य के जमीकुंटा एवं चेरूकुरू से संदिग्धों रमेश मज्जी एवं शंकर मज्जी को हिरासत में लिया गया। थाना लाकर कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने हत्या की वारदात स्वीकार की।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक बदरू उरसा द्वारा रिश्ते में चाची व मां लगने वाली माहरी मज्जी को 6-7 वर्षों तक पत्नी बनाकर रखने के बाद दूसरी महिला लाने के नाम पर घर से निकाल दिया गया था। इसी बात से क्षुब्ध होकर माहरी मज्जी, शंकर मज्जी एवं रमेश मज्जी ने हत्या की साजिश रची। योजना के तहत मूसालूर जंगल में रमेश मज्जी एवं शंकर मज्जी ने लकड़ी के डंडे से मृतक के सिर एवं चेहरे पर प्राणघातक वार कर हत्या कर दी और शव को जंगल की झाडिय़ों में फेंक दिया।
मेमोरण्डम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त आलाजबर बरामद किया गया है।
प्रकरण में संलिप्त तीनों आरोपियों को 23 जनवरी को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय, बीजापुर में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी में रमेश मज्जीपेरमापारा, तोयनार, जिला बीजापुर, शंकर मज्जी,कोड़ेपल्ली, थाना बेदरे, जिला बीजापुर, माहरी मज्जी उर्फ सोमली, कोड़ेपल्ली, थाना बेदरे, जिला बीजापुर हैं।


