बीजापुर
प्रभारी व्यवस्था के तहत हो रहा कामकाज, पारदर्शिता पर उठे सवाल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 21 जनवरी। महिला एवं बाल विकास विभाग में जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) का पद पिछले लगभग एक माह से रिक्त है। वर्तमान में विभाग का कार्यभार कुटरू परियोजना अधिकारी कांता मेश्राम को प्रभारी के रूप में सौंपा गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी के पद पर रविकांत धुर्वे की पदस्थापना हुई थी। बाद में वे न्यायालय चले गए, जिसके बाद से इस पद पर नियमित नियुक्ति नहीं हो सकी। इससे पहले लुपेंद्र महिनाग नारायणपुर स्थानांतरण के बाद कुछ समय तक यहां कार्यरत रहे, लेकिन बाद में उन्हें भी भारमुक्त कर दिया गया।
डीपीओ का पद रिक्त रहने के कारण विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, स्वीकृतियों, निरीक्षण और प्रशासनिक निर्णयों में देरी होने की बात कही जा रही है। महिला एवं बाल विकास से जुड़े मामलों में निगरानी व्यवस्था पर भी असर पडऩे की चर्चा है।
स्थानीय स्तर पर यह भी कहा जा रहा है कि स्थायी अधिकारी के अभाव में विभागीय कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं। प्रभारी व्यवस्था के लंबे समय तक जारी रहने से योजनाओं के संचालन और लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाने में कठिनाई होने की आशंका जताई जा रही है।
इस संबंध में संबंधित लोगों का कहना है कि महिला एवं बाल विकास विभाग में शीघ्र ही नियमित जिला कार्यक्रम अधिकारी की पदस्थापना की जानी चाहिए, ताकि विभागीय कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंच सके।


