बेमेतरा

अघोषित बिजली कटौती, जनजीवन बेहाल
27-May-2026 6:39 PM
अघोषित बिजली कटौती, जनजीवन बेहाल

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बेमेतरा, 27 मई। जिला मुख्यालय में पिछले कुछ दिनों से जारी अघोषित बिजली कटौती से आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। भीषण गर्मी के बीच बिजली की आंख मिचौली से शहर का हाल किसी सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से भी बदतर हो गया है। दिन में दर्जनों बार हो रही ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या से न केवल घरेलू कामकाज ठप है, बल्कि आम नागरिकों के महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी खराब हो रहे हैं।

30 हजार से अधिक की आबादी वाले बेमेतरा शहर में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा आ गई है। स्थिति यह है कि बिजली आती कम है और जाती अधिक है। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रत्येक दिन करीब 40 से 50 बार ट्रिपिंग की शिकायत रहती है। मेंटेनेंस के नाम पर किए जा रहे तमाम दावों की पोल खोल चुकी है। कलेक्ट्रेट के पास रहने वाले कमल सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह आई आंधी-तूफान के दौरान उनके घर की सर्विस लाइन टूट गई थी। जिसकी शिकायत दर्ज करने के 12 घंटे बाद भी विभाग ने उसे ठीक करना मुनासिब नहीं समझा।

प्रभावित मोहल्ले और वार्डों का हाल

शहर के विभिन्न इलाकों में बिजली की लचर आपूर्ति ने हाहाकार मचा दिया है। मंगलवार को दुर्गा मंदिर के पास, नयापारा, मोहभ_ा, कोबिया, बीटीआई मैदान, गंजपारा, सिंघोरी सहित वार्ड 5, 13, 14 और 16 में लो वोल्टेज की गंभीर समस्या बनी रही। वहीं विद्यानगर में 5 घंटे, सुंदर नगर फीडर क्षेत्र और वार्ड 2 में 7 घंटे तक बिजली गुल रही। पार्षद पंचू साहू ने बताया कि बिजली न होने से ना जलापूर्ति बाधित हो रही है, जिससे लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। पार्षद गौरव साहू और रश्मि मिश्रा ने भी अपने-अपने वार्डों में व्याप्त बिजली संकट पर गहरी नाराजगी जताई।

व्यापारिक नुकसान और जन आक्रोश

बिजली की इस मनमानी कटौती का सीधा असर व्यापार और जनमानस पर पड़ रहा है। घरेलू जीवन में बच्चों की पढ़ाई से लेकर बुजुर्गों के सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इससे लोग आक्रोशित हैं। जनता का आक्रोश अब सडक़ों पर उतरने की चेतावनी के रूप में सामने आ रहा है।

इस संबंध में शहर प्रभारी जेई मनीष जोशी ने कहा कि मीडिया को बयान देना उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है।


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