बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 14 अप्रैल। बास्तानार ब्लाक के अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़े किलेपाल में मंगलवार को शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई, जब 50 सीटर पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास भवन का लोकार्पण चित्रकोट विधायक विनायक गोयल के द्वारा संपन्न हुआ। इस छात्रावास भवन का निर्माण कार्य कुल लागत राशि 191.51 लाख रुपये से पूर्ण किया गया है। लोकार्पण समारोह के अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, स्थानीय ग्रामीणजन, अधिकारीगण एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं।
विधायक श्री गोयल ने कहा कि शिक्षा ही समाज के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है और विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस छात्रावास के माध्यम से दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाली आदिवासी छात्राओं को सुरक्षित एवं सुविधायुक्त आवास उपलब्ध होगा, जिससे वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगी।
उन्होंने आगे बताया कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है और विशेष रूप से आदिवासी अंचलों में शिक्षा के विस्तार हेतु अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। यह छात्रावास उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करेगा।छात्रावास भवन में छात्राओं के रहने, पढऩे एवं अन्य आवश्यक गतिविधियों के लिए समुचित व्यवस्था की गई है।
इसमें सुसज्जित कमरे, अध्ययन कक्ष, भोजनालय, स्वच्छ पेयजल, शौचालय एवं सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। इस प्रकार यह भवन छात्राओं के लिए न केवल एक आवासीय सुविधा है, बल्कि उनके समग्र विकास का केंद्र भी बनेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस छात्रावास के संचालन से क्षेत्र की कई छात्राओं को लाभ मिलेगा, जो पहले आवासीय सुविधा के अभाव में उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती थीं। अब वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी और अपने भविष्य को संवार सकेंगी।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए विधायक एवं शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि इस प्रकार की योजनाएँ ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने इस छात्रावास के सफल संचालन एवं छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह लोकार्पण न केवल एक भवन का उद्घाटन है, बल्कि यह क्षेत्र की बेटियों के सपनों को नई उड़ान देने की दिशा में एक सशक्त पहल है।


