बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 4 अप्रैल। भीषण गर्मी को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद ने अधिवक्ताओं को बड़ी राहत दी है। परिषद के निर्देशानुसार अब अधिवक्ताओं को ग्रीष्मकाल के दौरान न्यायालय परिसर में काला कोट पहनना अनिवार्य नहीं रहेगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता सपन देवांगन ने जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय भारतीय विधिज्ञ परिषद, नई दिल्ली द्वारा अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 49(1)(जी) के तहत निर्धारित नियमों के अनुरूप लिया गया है। इसके तहत अधिवक्ताओं को ड्रेस कोड में आंशिक छूट प्रदान की गई है।
जारी निर्देश के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से 15 जुलाई 2026 तक छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अधीनस्थ न्यायालयों में कार्यरत अधिवक्ता बिना काला कोट पहने न्यायालय में उपस्थित हो सकेंगे।
हालांकि, ड्रेस कोड के अन्य नियम यथावत रहेंगे। अधिवक्ताओं को सफेद शर्ट, बैंड और निर्धारित परिधान पहनना अनिवार्य होगा, साथ ही सादगी और गरिमा बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।
इस निर्णय से प्रदेशभर के अधिवक्ताओं को गर्मी के मौसम में काफी राहत मिलने की उम्मीद है। अधिवक्ताओं का कहना है कि इससे न केवल काम करना आसान होगा, बल्कि स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।


