बलरामपुर
प्रदर्शनकारियों ने तिथि बढ़ाए जाने पर जताई आपत्ति, विरोध प्रदर्शन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलरामपुर/राजपुर, 11 दिसंबर। प्रतापपुर की भाजपा विधायक शकुंतला पोर्ते के जाति प्रमाणपत्र से संबंधित प्रकरण की सुनवाई गुरुवार को बलरामपुर कलेक्टोरेट में जिला स्तरीय छानबीन समिति के समक्ष हुई। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कलेक्टोरेट परिसर और आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई थी। कलेक्टोरेट के 500 मीटर के दायरे में धारा 144 भी लागू रही।
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता और विधायक पक्ष दोनों की ओर से अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क रखे। विधायक पक्ष की ओर से दस्तावेज व साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय का अनुरोध किया गया, जिसे समिति ने स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 29 दिसंबर निर्धारित की।
सुनवाई के दौरान सर्व आदिवासी समाज से जुड़े कई लोग, जनप्रतिनिधि और समाज के सदस्य कलेक्टोरेट की ओर पहुंचे। प्रशासन ने उन्हें बलरामपुर के साप्ताहिक बाजार क्षेत्र के पास रोक दिया। सुनवाई स्थगित होने की जानकारी मिलने पर वहां मौजूद लोगों ने उसी स्थान पर सभा की।
सुनवाई की तिथि आगे बढऩे पर समाज के लोग उग्र हो गए और वे बैरिके ड तोडक़र कलेक्टोरेट जाने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने उन्हें चांदो चौक के पास रोक लिया। फिर प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच थोड़ी देर तक झूमा झटकी हुई। इस दौरान बलरामपुर में चांदो चौक पर एनएच जाम कर उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि बार-बार विधायक को अवसर दिया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सुनवाई में तिथि बढ़ाए जाने पर उन्हें आपत्ति है।
विधायक की ओर से अधिवक्ता उदय प्रकाश सिन्हा और शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता संतोष पांडेय उपस्थित हुए। दोनों ने समिति के समक्ष अपने पक्ष रखे। बचाव पक्ष द्वारा समय मांगे जाने पर समिति ने अगली तारीख तय की।


