बलौदा बाजार

भारतीय प्रतिमानों से ही संभव है विकास-सुमन
09-Jun-2026 4:18 PM
भारतीय प्रतिमानों से ही संभव है विकास-सुमन

स्वदेशी जागरण मंच और स्वावलंबी भारत अभियान की बैठक में स्वरोजगार-उद्यमिता पर चर्चा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

 बलौदाबाजार, 9 जून। परम आदर्श स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय (साहू छात्रावास) में स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलंबी भारत अभियान की जिला विचार वर्ग समिति की बैठक आयोजित की गई। इस विचार वर्ग का मुख्य उद्देश्य देश में उद्यमिता, रोजगार सृजन और स्वरोजगार के प्रति नागरिकों को जागरूक करना था। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और स्वदेशी आंदोलन से जुड़े प्रबुद्ध जनों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता और स्वदेशी जागरण मंच की प्रांत समन्वयक सुमन मुथा ने स्वदेशी सिद्धांतों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिमानों और स्वदेशी अवधारणा को अपनाए बिना भारत का समग्र विकास संभव नहीं है। आज अमेरिका और फ्रांस जैसे विकसित देश भी अपने स्तर पर स्वदेशी नीतियों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसका उदाहरण  ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन ’ जैसे अभियानों में देखा जा सकता है। भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने और बेरोजगारी को समाप्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य भारत को पूर्व की भांति केवल  ‘सोने की चिडिय़ा ’ तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उसे  ‘सोने का शेर ’ (आर्थिक महाशक्ति) के रूप में स्थापित करना है।

विचार वर्ग को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ रायपुर प्रांत के कार्यालय प्रमुख दिग्विजय भाकरे ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने आर्थिक स्वावलंबन के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा करते हुए बताया कि  ‘संगवारी माइक्रोफाइनेंस ’ के माध्यम से छोटे उद्यमियों और स्थानीय स्तर पर काम करने वाले लोगों को लघु ऋण (स्मॉल फाइनेंस) उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और मजबूत बनाया जा सके।

बैठक में  डॉ. नम्रता सराफ (प्राचार्य, परम आदर्श स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय), डॉ. जय नारायण केशरवानी (पूर्व प्राचार्य, डीके महाविद्यालय), डॉ. धनंजय मिश्रा (प्राचार्य, डीके महाविद्यालय), डॉ. प्रियंका पाटले (प्रोफेसर, निपानिया महाविद्यालय), राजेंद्र वर्मा (प्रोफेसर, हिंदी) और नरेंद्र मिर्जा (पूर्व प्रोफेसर),  सौरभ साहू (मार्गदर्शक व जिला संयोजक, स्वदेशी मंच), मनीष बरनवाल, एस. एम. पाध्ये, लक्ष्मी साहू, राज नारायण केसरवानी, विकास सराफ, दिनेश वर्मा, जगदीश चावड़ा, शांति साहू, शालीन साहू, अनुराग वर्मा, रामगोपाल केसरवानी, टेसूलाल धुरंधर, खोडस राम कश्यप, शिव तिवारी, मिकी तिवारी, पीयूष मिश्रा सहित शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

 कार्यक्रम का सफल संचालन और उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रदर्शन मोर ध्वज पैकरा द्वारा किया गया।


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