बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार,8 जून। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत बलौदाबाजार जिले में संचालित 100 दिवसीय विशेष टीबी खोज अभियान उल्लेखनीय सफलता हासिल कर रहा है। आधुनिक तकनीक और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता के बल पर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी संभावित टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिले के मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश अवस्थी ने बताया कि विश्व क्षय दिवस 24 मार्च से प्रारंभ किए गए इस विशेष अभियान के अंतर्गत जिले के 191 चिन्हित गांवों में से अब तक 136 गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में 14 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है, जिससे टीबी के संभावित मरीजों की समय रहते पहचान संभव हो सकी है।
गांव-गांव पहुंचकर स्वास्थ्य टीम करेगी जांच
अभियान की सबसे बड़ी विशेषता हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनों का उपयोग है। इन आधुनिक मशीनों की मदद से स्वास्थ्य टीम गांव-गांव पहुंचकर मौके पर ही जांच कर रही है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को जिला मुख्यालय या बड़े अस्पतालों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही और रोग की शीघ्र पहचान सुनिश्चित हो रही है।
अभियान को मिल रही सफलता
टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के निर्माण के लक्ष्य के साथ चलाए जा रहे इस अभियान में लोगों को बीमारी के लक्षण, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि, जनसहभागिता, आधुनिक तकनीक और स्वास्थ्य अमले की सतत मेहनत के कारण अभियान को व्यापक सफलता मिल रही है।
राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी
ग्रामीण अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने वाली यह पहल राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच और मजबूत स्वास्थ्य तंत्र का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रही है। यही कारण है कि, छत्तीसगढ़ टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।


