बलौदा बाजार

रसोई गैस के दाम में 60 की वृद्धि
12-Mar-2026 4:07 PM
रसोई गैस के दाम में 60 की वृद्धि

जिले में 2.81 लाख 194 कनेक्शन में से 1.92 लाख उज्ज्वला के

 ‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 12 मार्च। बलौदाबाजार रसोई गैस की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हो गई हैं। अब सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं को 60 अधिक चुकाने होंगे। पहले जो सिलेंडर 941.50 रुपए में मिल रहा था अब वह 1001.50 रुपए में मिलेगी। सब्सिडी में वृद्धि नहीं होने और दोबारा डिलीवरी का समय बढ़ाने से उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई हैं।

गैस एजेंसियों के अनुसार अब सिलेंडर मिलने के 25 दिन बाद ही आपकी पहले बुकिंग के 5 दिन के भीतर सिलेंडर उपलब्ध हो जाता था। इससे उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक इंतजार करना पड़ सकता हैं। खनिज विभाग के अनुसार अस्थाई व्यवस्था है, ताकि मांग और आपूर्ति संतुलन बना रहे। बताया जा रहा है कि मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और ईरान से जुड़े युद्ध जैसे हालात के कारण तेल और गैस की वैशिवक सप्लाई प्रभावित हुई हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतों में तेजी आई हैं, जिसका असर भारत में एलपीजी के दामों पर भी पड़ा हैं।

बलौदाबाजार जिले में कुल 2 लाख 81 हजार 194 उपभोक्ता परिवार गैस कनेक्शन का उपयोग करते हैं। इसमें 89 हजार 557 परिवारों के पास सामान्य गैस कनेक्शन है, जबकि 1 लाख 91 हजार 637 परिवार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन धारी हैं। एजेंसियों के अनुसार सामान्य कनेक्शन धारी परिवार आमतौर पर महीने एक सिलेंडर रिफिल करवाते हैं जबकि उज्जवला कनेक्शन धारी परिवार ऑस्टिन पूरे वर्ष में करीब ढाई सिलेंडर ही उपयोग करते हैं।

गैस की कीमत बढऩे से घरेलू बजट पर असर साफ दिखने लगा हैं। गृहणी संगीता साहू का कहना है कि महंगाई पहले से ही काफी बढ़ गई है और अब गैस सिलेंडर महंगा होने से घर चलना और मुश्किल हो गया हैं। उन्होंने बताया कि पहले ही राशन, सब्जी और तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में गैस के दाम बढऩे से रसोई का पूरा बजट गड़बड़ा जाता हैं।

केवल घरेलू उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी इस बढ़ोतरी से प्रभावित होंगे। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में भी 114 रुपए की वृद्धि की गई हैं। अब तक जो कमर्शियल सिलेंडर 2012 रुपए में मिल रहा था, वह अब 2126 में मिलेगा। इसका सीधा असर होटल, ढाबों और भोजनालय के संचालक पर पड़ेगा। होटल संचालकों का कहना है कि गैस महंगी होने से खाना बनाने की लागत बढ़ जाएगी, भोजन की कीमत बढ़ सकती हैं।

खाद अधिकारी पुनीत वर्मा के अनुसार गैस की कीमत में लगातार 11 माह पहले 50 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी और अब फिर 60 बढ़ाए गए हैं। साथ ही अब सिलेंडर मिलने के 25 दिन बाद ही नहीं डिलीवरी मिल सकेगी। यह मांग और आपूर्ति में संतुलन बनाने के लिए अस्थाई व्यवस्था हैं। हालांकि 5 दिन में देने के निर्देश दिए हैं।

अर्थशास्त्र वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र इंद्र कुमार जैन के अनुसार हाल के समय में वैश्विक ऊर्जा बाजार में असिथरता लगातार बढ़ रही हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया हैं। तेल और गैस मार्गो की स्थिरता को लेकर भी चिंता बढ़ी है जिसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू बाजार तक दिखाई दे रहा हैं। महंगाई के इस दौर में गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के लिए यह बढ़ोतरी घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ बनकर सामने आई हैं। यदि ऊर्जा की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो इसका असर आम लोगों के जीवन पर पड़ेगा।

 


अन्य पोस्ट