बलौदा बाजार

इमली लाटा को राखी ध्रुव ने बनाया आजीविका का साधन
11-Mar-2026 3:52 PM
इमली लाटा को राखी ध्रुव ने बनाया आजीविका का साधन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 11 मार्च। राखी ध्रुव ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक स्वाद इमली लाटा को न केवल अपनी पहचान बनाया, बल्कि इसे अपनी आजीविका का एक सशक्त जरिया भी बना लिया। उनकी यह यात्रा मेहनत, नवाचार और परंपरा को सहेजने की एक प्रेरणादायक मिसाल है। विकासखंड बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम अर्जुनी निवासी राखी ध्रुव ने बताया कि उनकी सफलता की कहानी तब शुरू हुई जब वे रायपुर में अपने एक रिश्तेदार के घर गई थीं और वहां उन्होंने आसपास की महिलाओं को पारंपरिक रूप से इमली लाटा बनाते देखा। इस गतिविधि में छिपी संभावनाओं को देखते हुए राखी ने इसके बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई और अपने गांव लौटकर बिहान समूह से जुडक़र इसे एक व्यावसायिक रूप देने का निर्णय लिया। व्यवसाय को सुचारू रूप से चलाने के लिए राखी ध्रुव कच्चे माल के रूप में इमली की खरीदी भाटापारा से करती हैं, जबकि उत्पादों की आकर्षक पैकिंग के लिए डिब्बे बिलासपुर से मंगवाती हैं। घर पर ही अन्य समूह की महिलाओं के सहयोग और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने इमली लाटा निर्माण की इस गतिविधि को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है। वर्तमान में वे इस कार्य के माध्यम से सालाना लगभग 1.5 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण और आर्थिक सुदृढ़ीकरण बहुत अच्छे ढंग से कर पा रही हैं।

 

वे कहती है आसपास के लोग मुझे लखपति दीदी के रूप में बुलाने लगे है यह सुनकर मुझे बहुत ही गर्व महसूस होता है।

राखी ध्रुव बताती है कि पति जलेश्वर ध्रुव गांव में टेलरिंग और जूते की दुकान का संचालन करते हैं। उनके मन में खुद कुछ करने की लालसा थी। अब इमली लाटा ने उन्हें नई पहचान दिलाई है। उन्होने अपनी इस सफलता का श्रेय केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को देती हैं। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकार की इन योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में बढऩे का हौसला दिया है। बिहान के माध्यम से आज उनके जैसे हजारों परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आया है और महिलाएं समाज में गर्व के साथ अपना सिर ऊंचा कर जी पा रही हैं।


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