नई दिल्ली, 30 दिसंबर : केंद्र सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन को बढ़ा दिया है. पहले आईटीआर फाइल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2020 थी. लेकिन, अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने जानकारी दी है कि वित्त वर्ष 2019-2020 के लिए आईटीआर फाइल करने की अंतिम तारीख 10 जनवरी 2021 है.
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2019-20 के लिए सालाना रिटर्न जमा करने की अंतिम तारीख 10 जनवरी 2021 तय की गई है. सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स एक्ट, 2017 के तहत यह फैसला लिया गया है.
डिपार्टमेंट ने इस बारे में एक ट्वीट में कहा कि कोविड-19 आउटब्रेक की वजह से टैक्सपेयर्स नियमों का अनुपालन करने में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कुछ डेडलाइंस को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है.
1.56 लाख करोड़ रुपये टैक्स रिफंड जारी
1 अप्रैल से लेकर 27 दिसंबर 2020 के बीच केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कुल 1.33 करोड़ टैक्सपेयर्स को 1,56,624 करोड़ रुपये का रिटर्न जारी किया है. 1,31,11,050 मामलों में 50,554 करोड़ रुपये का रिटर्न जारी किया गया है. जबकि 2,03,334 मामलों में 1,06,069 करोड़ रुपये का कॉरपोरेट टैक्स रिफंड जारी किया गया है.
31 जनवरी तक करें पुराने टैक्स विवाद का निपटारा
इसके अलावा टैक्स ऑटिड रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय/घरेलू लेनदेन के बारे में रिपोर्ट सबमिट करने की डेडलाइन भी 15 जनवरी 2021 तक बढ़ा दी गई है. 'विवाद से विश्वास स्कीम' के तहत डिक्लेयरेशन की अंतिम तारीख भी 31 दिसंबर 2020 से बढ़ाकर 31 जनवरी 2021 कर दी गई है.
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 30 दिसंबर। राज्य में आज शाम 6.00 तक 832 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें सर्वाधिक 152 अकेले रायपुर जिले के हैं। केन्द्र सरकार के संगठन आईसीएमआर के इन आंकड़ों के मुताबिक आज शाम तक 1 जिले में सौ से अधिक कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।
केन्द्र सरकार के संगठन आईसीएमआर के इन आंकड़ों में रात तक राज्य शासन के जारी किए जाने वाले आंकड़ों से कुछ फेरबदल हो सकता है क्योंकि ये आंकड़े कोरोना पॉजिटिव जांच के हैं, और राज्य शासन इनमें से कोई पुराने मरीज का रिपीट टेस्ट हो, तो उसे हटा देता है। लेकिन हर दिन यह देखने में आ रहा है कि राज्य शासन के आंकड़े रात तक खासे बढ़ते हैं, और इन आंकड़ों के आसपास पहुंच जाते हैं, कभी-कभी इनसे पीछे भी रह जाते हैं।
नई दिल्ली, 30 दिसंबर | कोरोना वायरस से निजात पाने के लिए लोग इसकी वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी टीकाकरण अभियान के लिए कमर कस रही है और इसका उद्देश्य है कि शहर के सभी स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण पांच दिनों में पूरा कर लिया जाए।
दिल्ली सरकार के कोविड-19 टास्कफोर्स के एक सदस्य ने बुधवार को यह जानकारी दी।
दिल्ली सरकार पहले चरण में 51 लाख लोगों को कोरोनावायरस वैक्सीन देगी। दिल्ली सरकार ने दिल्ली के लोगों को वैक्सीन देने के लिए पूरा इंतजाम कर लिया है। तीन तरह के लोगों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन दी जाएगी। इनमें हेल्थ वर्कर, फ्रंट लाइन वर्कर और बीमारियों से ग्रस्त लोगों को प्राथमिकता मिलेगी।
दिल्ली सरकार पहले चरण में तीन लाख स्वास्थ्यकर्मियों, छह लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स और 42 लाख उन लोगों को वैक्सीन देगी, जो गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं। इनमें उनकी उम्र 50 वर्ष से अधिक और 50 वर्ष से कम भी हो सकती है।
दिल्ली सरकार के कोविड-19 टास्कफोर्स की सदस्य और आईसीएमआर की सलाहकार डॉ. सुनीला गर्ग ने आईएएनएस को बताया, "पांच दिनों में तीन लाख हेल्थ केयर वर्कर्स को टीका मिलेगा। यह हमारा लक्ष्य है। हम पूरी प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करना चाहेंगे।"
डॉ. सुनीला ने कहा कि राजधानी में 603 कोल्ड चेन प्वाइंट हैं और 1,000 टीकाकरण स्थल 48 सरकारी अस्पतालों, 120 निजी अस्पतालों और मोहल्ला क्लीनिकों में स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन 1,000 साइटों पर हर दिन 100 लोगों को टीका लगाया जाएगा। डॉ. सुनीला ने कहा कि उन्हें कम से कम हर दिन एक लाख लोगों का टीकाकरण तो करना ही होगा।
उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार जरूरत के मुताबिक टीकाकरण के बिंदु (वैक्सीनेशन प्वाइंट) भी बढ़ाएगी।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में मैनपावर और टीमों की संख्या के लिए कहा था कि शहर को वैक्सीन के प्रशासन की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों और श्रमिकों को इस कार्य के लिए चिह्न्ति और प्रशिक्षित किए जाने पर भी जोर दिया। केजरीवाल ने कहा कि इस प्रक्रिया के लिए प्रत्येक टीम में पांच लोग होंगे।
डॉ. गर्ग ने कहा, "हमने टीकाकरण प्रक्रिया के लिए लगभग 3,500 स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों को प्रशिक्षित किया है। प्रशिक्षण मंगलवार को संपन्न हुआ।"
दिल्ली सरकार के अनुसार, कोरोनावायरस वैक्सीन केवल उन लोगों को दिया जाएगा, जिनका पंजीकरण किया गया है। उन लोगों से एसएमएस के जरिए संपर्क किया जाएगा और उन्हें वैक्सीन रोलआउट के संबंध में पूरी जानकारी दी जाएगी।
एक व्यक्ति को वैक्सीन की दो खुराक मिलेंगी, जिसका अर्थ है कि 51 लाख लोगों को 1,02,00,000 खुराक देने की जरूरत होगी। दिल्ली सरकार के पास 74 लाख खुराक के लिए कोल्ड स्टोरेज की क्षमता है, जिसे उसने जल्द ही 1,15,00,000 खुराक की क्षमता के साथ बढ़ाने का वादा किया है।
केंद्र सरकार ने पहले चरण में लगभग 30 करोड़ लोगों को टीका लगाने की योजना बनाई है। कोरोनावायरस वैक्सीन सबसे पहले हेल्थ केयर और फ्रंट लाइन वर्कर्स और 50 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों को दी जाएगी।
भारत में इस समय आठ कोविड-19 वैक्सीन मंजूरी पाने की कतार में हैं, जिनमें तीन स्वदेशी टीके शामिल हैं और ये क्लिनिकल परीक्षणों के विभिन्न चरणों में हैं। उम्मीद है कि जल्द ही प्राधिकरण के लिए यह तैयार हो जाएंगी।
मुंबई, 30 दिसंबर | लवबर्ड रणबीर-आलिया मंगलवार को मुंबई एयरपोर्ट पर देखे गए, जहां रणबीर की मां नीतू कपूर भी दिखाई दीं। अफवाह है कि रणबीर-आलिया राजस्थान में सगाई करने वाले हैं। इसी क्रम में अभिनेता रणवीर कपूर को पत्नी दीपिका के साथ उसी रिजॉर्ट में देखे गए। अनुमान लगाया जा रहा है कि रणबीर और आलिया राजस्थान के सवाई माधोपुर में रणथंभौर नेशनल पार्क के पास रिजॉर्ट अमन-ए-खास में सगाई कर सकते हैं।
संयोग से, बॉलीवुड जोड़ी दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह भी नए साल का जश्न मनाने के लिए एक ही रिसॉर्ट में गए हैं।
सेलिब्रिटी लेंसमैन वायरल भयानी द्वारा एक इंस्टाग्राम पोस्ट के अनुसार, स्टार जोड़ी रणबीर-आलिया के सगाई समारोह में शामिल हो सकते हैं।
मीडिया ने यह भी भविष्यवाणी की गई है कि फिल्म निर्माता करण जौहर सगाई में भाग लेने के लिए राजस्थान जाएंगे।
भले ही रणबीर और आलिया को मंगलवार को एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया था, लेकिन उनके चाचा रणधीर कपूर ने एक न्यूज पोर्टल से बात करते हुए इन खबरों का खंडन किया।
रणधीर कपूर ने इंडियनएक्सप्रेसडॉटकॉम से कहा, "यह सच नहीं है। अगर आज रणबीर और आलिया की सगाई होती, तो मैं और मेरा परिवार भी उनके साथ होते। रणबीर, आलिया और नीतू छुट्टियां मनाने और नए साल का जश्न मनाने के लिए वहां गए हैं। उनकी सगाई की खबर गलत है।"
हाल ही में एक साक्षात्कार में, रणबीर ने आलिया संग अपने रिश्ते को स्वीकारा था और कहा था कि अगर इस साल महामारी न आई होती तो हम शादी कर लिए होते। उन्होंने कहा कि वह 2021 में शादी करने की उम्मीद कर रहे हैं।
नई दिल्ली, 30 दिसंबर | भारत में ब्रिटेन के नए कोरोनावायरस वेरिएंट के और 14 मामले दर्ज किए गए हैं। नए मामलों के साथ कुल आंकड़े 20 हो गए हैं। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को दी। इन 20 मामलों में से आठ मामले दिल्ली में नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल में, 7 बेंगलुरु में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो-साइंसेज में, दो हैदराबाद में सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी में दर्ज किए गए हैं।
वहीं कोलकाता के पास नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनोमिक्स, पुणे में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी और दिल्ली में सीएसआईआर इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी में एक-एक मामले दर्ज हुए हैं।
मेरठ में स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि मेरठ में दो साल की एक बच्ची भी नए वेरिएंट से संक्रमित पाई गई है। दो साल के बच्चे के माता-पिता भी कोविड-19 के नए वेरिएंट से संक्रमित पाए गए हैं। वे सभी ब्रिटेन से लौटे थे। मेरठ के सुभारती मेडिकल कॉलेज में बच्ची अपने माता-पिता के साथ एक आइसोलेशन वार्ड में है।
अब तक कुल 107 नमूनों का जीनोम सीक्वेंसिंग किया गया है।
वहीं मंगलवार को ब्रिटेन से लौटे कुल छह लोगों में कोविड के नए वैरिएंट जीनोम की पुष्टि की गई थी। यह जानकारी केंद्र सरकार ने दी थी। साथ ही यह भी बताया था कि इन सभी व्यक्तियों को स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं में एक कमरे के आइसोलेशन में रखा गया है।
नए वेरिएंट के दर्ज हुए मामलों में अमेरिका के बाद भारत दूसरे स्थान पर है।
ब्रिटिश सरकार ने हाल ही में घोषणा की थी कि उनके देश में पाए जाने वाले वायरस की नई वेरिएंट 70 प्रतिशत तक अधिक संक्रामक है।
बार्सिलोना, 30 दिसंबर | अपने कप्तान और स्टार स्ट्राइकर लियोनेल मेसी के बिना उतरी मेजबान बार्सिलोना को घर में खेले गए ला लीगा मुकाबले में इबार से 1-1 से ड्रॉ खेलना पड़ा। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, कप्तान किके गार्सिया ने रोनाल्ड आराउजो की गलती का फायदा उठाकर 57वें मिनट में शानदार गोल करते हुए इबार की टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
हालांकि उसकी यह बढ़त ज्यादा देर तक कायम नहीं रह पाई और बार्सिलोना ने 10 मिनट बाद ही बराबरी हासिल कर ली। ओसमाने डेंबले ने 67वें मिनट में दाएं पैर से जोरदार किक के सहारे गोल करके बार्सिलोना को 1-1 से बराबरी दिला दी।
मेसी एड़ी की चोट से उबर रहे हैं और इसलिए वह इस मैच में खेलने नहीं उतरे। लेकिन उन्होंने स्टैंड्स में बैठकर ही मैच का आनंद लिया।
इबार से ड्रॉ खेलने के बाद बार्सिलोना ला लीगा में छठे स्थान पर है, जबकि इबार 14वें नंबर पर है।
मुंबई, 30 दिसंबर | अभिनेत्री कृतिका कामरा का कहना है कि उनकी आगामी वेब सीरीज 'टांडव', मल्टीलेयर कैरक्टर्स के चलते काफी आकर्षक है, और यही कारण है जिसके चलते वो इससे जुड़ी। कृतिका ने कहा, मुझे कास्टिंग कंपनी से फोन आया और ऑडिशन के लिए दो पेज की स्क्रिप्ट दी गई। स्क्रिप्ट पढ़ने में काफी दिलचस्प लग रही थी और मैंने शो के लिए ऑडिशन देने का फैसला किया। इस बीच, मुझे यह भी पता चला कि यह सीरीज अली अब्बास जफर के निर्देशन में बनने वाली है और तब मुझे यकीन हुआ कि यह एक शानदार अनुभव होगा।
उन्होंने कहा, दो दौर के ऑडिशन के बाद, आखिरकार मुझे उनसे मिलने का मौका मिला और तब मुझे पूरी स्क्रिप्ट मिली। जब मैंने इसे पढ़ना शुरू किया, तो मुझे गौरव सोलंकी के लेखन से प्यार हो गया। उनके पास लेखन की एक अनूठी और प्रभावशाली शैली है। सीरीज मल्टीलेयर कैरेक्टर्स के कारण बहुत ही आकर्षक है और अंत में मैने तय किया कि मुझे इसका हिस्सा बनना है। तब मैंने सना की भूमिका के लिए सहमति जताई।
जफर द्वारा निर्मित और निर्देशित नौ-भाग की पॉलिटिकल सीरीज में सैफ अली खान, डिंपल कपाड़िया, तिग्मांशु धूलिया और सुनील ग्रोवर जैसे कलाकार हैं। जफर ने हिमांशु किशन मेहरा के साथ वेब सीरीज का निर्माण किया है।
कलाकारों के बारे में बात करते हुए, कृतिका ने कहा, तांडव को चुनने के मेरे कारण रोज बढ़ते रहे।
दिल्ली की पृष्ठिभूमि में बनी सीरीज दर्शकों को सत्ता के गलियारों के अंदर ले जाएगी और जोड़तोड़ को उजागर करेगी। इस सीरीज का प्रीमियर अमेजन प्राइम वीडियो पर 15 जनवरी 2021 को होगा।
पटना, 30 दिसंबर | अरूणाचल प्रदेश में जनता दल (युनाइटेड) के 6 विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद बिहार में सत्तारूढ़ दोनों पार्टियों के बीच खींचतान बढ़ गई है। इस बीच, अब भाजपा 'डैमेज कंट्रोल' में जुट गई है। दोनों पार्टियां हालांकि बिहार में राजग में किसी प्रकार के मतभेद से इनकार कर रहे हैं। बिहार की उपमुख्यमंत्री रेणु देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राजग का 'अभिभावक' बताते हुए कहा कि राजग का मुखिया मजबूत है और घर भी मजबूत है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, "मेरा घर मजबूत है और इसे कोई तोड़ नही सकता। नीतीश कुमार राजग के गार्जियन हैं। मेरा मुखिया मजबूत है और साथ ही साथ पूरा घर भी मजबूत है तो इसे कौन तोड़ेगा।"
राजद के नीतीश कुमार के साथ आने के बयानों पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वो लोग क्यों परेशान हैं ये वही जानें। उपमुख्यमंत्री के इस बयान को भाजपा की ओर से डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि अरूणाचल प्रदेश की घटना को जदयू के नेताओं ने इसे गठबंधन धर्म के विपरीत बताते हुए इसे तकलीफदेह बताया है। हालंकि दोनों दल के नेता बिहार राजग में किसी तरह के मतभेद नहीं होने की बात कह रहे हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने भी एक दिन पहले कहा था कि बिहार के अंदर भाजपा और जदयू का गठबंधन अटूट है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि बिहार में पूरे पांच साल नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार काम करेगी।
इससे पहले जदयू कार्यकारिणी समिति की बैठक के बाद जदयू के वरिष्ठ नेता के.सी. त्यागी ने भी कहा था कि अरूणाचल प्रदेश की घटना का बिहार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
कोलंबो, 30 दिसंबर | विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आश्वासन दिया है कि मार्च 2021 तक श्रीलंका के लिए कोविड-19 वैक्सीन उपलब्ध कराया जा सकता है, क्योंकि देश के स्वास्थ्य अधिकारियों ने खुराक के स्टोरेज के लिए कोल्ड चेन संबंधी जरूरतों में सुधार के प्रयास तेज कर दिए हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। समाचारपत्र डेली मिरर ने बुधवार को एक रिपोर्ट में कहा कि कोवैक्स के तहत सहयोग पर सरकारी अधिकारियों और डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों के बीच कोविड-19 टीकों की तेजी से पहुंच सुनिश्चित करने की वैश्विक पहल के बीच मंगलवार को शीर्ष स्तरीय बैठक हुई।
अधिकारी ने डेली मिरर को बताया कि श्रीलंका मुख्य रूप से वैक्सीन के लिए 2-8 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर संग्रहित करने की तैयारी कर रहा है।
अधिकारी ने कहा, "हम माइनस 20 डिग्री सेल्सियस पर संग्रहित होने वाले टीके के लिए भी तैयार रहेंगे।"
दुनिया में कई डब्ल्यूएचओ-प्रीक्वालिफाइड वैक्सीन कैंडीडेट हैं।
डब्ल्यूएचओ श्रीलंका को वैक्सीन की आवश्यकता का 20 प्रतिशत मुफ्त में प्रदान करेगा।
श्रीलंका को अभी तक यह तय नहीं करना है कि जनसंख्या के किस समूह को सबसे पहले टीका लगाया जाएगा।
श्रीलंका में कोरोना के अब तक कुल 42,056 मामले सामने आ चुके हैं जबकि 195 की मौत हुई है।
नई दिल्ली, 30 दिसंबर | दिल्ली पुलिस ने एक 26 वर्षीय नोएडा निवासी को 100 से अधिक महिलाओं की तस्वीरों से छेड़छाड़ कर इसे सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देने वाले और इसके एवज में पैसे मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी सुमित झा अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से महिलाओं की प्रोफाइल पिक्च र्स को डाउनलोड और छेड़छाड़ (मॉर्फ) करता था, उसी प्लेटफॉर्म पर एक फर्जी प्रोफाइल बनाता था और महिलाओं को धमकी भरे मैसेज भेजता था कि पैसे न देने पर उनकी नग्न तस्वीरें ऑनलाइन पोस्ट कर दी जाएंगी।
पुलिस के अनुसार, यह मामला तब सामने आया, जब एक महिला बैंक मैनेजर ने ऑनलाइन उत्पीड़न और जबरन वसूली की शिकायत दर्ज कराई और बताया कि उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर उनकी नग्न तस्वीर अपलोड करने की धमकी दी जा रही है।
आरोपी ने शिकायतकर्ता से सोशल मीडिया पर उनके संपर्क के और व्यक्तियों से भी पैसे की मांग की थी।
दक्षिण दिल्ली के डीसीपी अतुल ठाकुर ने कहा, "आरोपी पहचान से बचने के लिए व्हाट्सएप और अन्य एप के जरिए वीओआईपी कॉल्स का इस्तेमाल कर रहा था। हालांकि, सेवा प्रदाता की रिपोर्ट और गुप्त सूचना के आधार पर, हमने आरोपी को मंगलवार को गिरफ्तार किया।"
आरोपी को पहले भी छत्तीसगढ़ और नोएडा पुलिस ने 2018 में गिरफ्तार किया था।
नई दिल्ली, 30 दिसंबर | इस वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय को स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए रिकॉर्ड संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। उम्मीदवारों की बढ़ी तादाद के बावजूद अभी भी देशभर के छात्रों के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय में ओपन लर्निग (एसओएल) के माध्यम से स्नातक की पढ़ाई करने का एक आखिरी मौका बचा है। एसओएल के माध्यम से डीयू में प्रवेश लेने के लिए लगभग 24 घंटे बाकी हैं। ऐसे छात्र जो दिल्ली विश्वविद्यालय के अंडर ग्रेजुएट कोर्स में ओपन लर्निग के माध्यम से दाखिला लेने की अंतिम तारीख पहले 30 नवंबर थी। हालांकि इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर किया जा चुका है। दिल्ली विश्वविद्यालय में ओपन डिस्टेंस लर्निग और ऑनलाइन मोड में होने वाली पढ़ाई के लिए आवेदन की अंतिम तिथि एक माह बढ़ाने का निर्णय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी ने किया था।
यूजीसी द्वारा लिए गए इस निर्णय के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ ओपन लर्निग में आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर कर दी गई थी। यानी अब स्कूल ऑफ ओपन लर्निग में आवेदन के लिए लगभग 24 घंटे का समय ही बचा है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निग के विशेष कार्य अधिकारी प्रोफेसर उमाशंकर पांडेय के मुताबिक, छात्रों के लिए यह एक बड़ी राहत है। इस वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय में 30 नवंबर तक केवल 86 हजार छात्रों ने ही दाखिला लिया था। पिछले वर्ष के मुकाबले छात्रों की यह संख्या लगभग 55 हजार कम थी।
दिल्ली विश्वविद्यालय में एसओएल प्रशासन व दाखिला के कोआर्डिनेट ने इस तिथि बढ़ाने के लिए एक पत्र भी यूजीसी को लिखा था। इस पत्र के माध्यम से दिल्ली विश्वविद्यालय ने कहा, "एसओएल में वंचित वर्ग व कम अंक फीसद वाले सरकारी स्कूलों के छात्र अधिक होते हैं। कोविड-19 से उपजी स्थिति के कारण उन लोगों को दाखिला के लिए अधिक समय चाहिए। इसलिए यूजीसी को तिथि बढ़ाने पर विचार करना चाहिए।"
इस पत्र को ध्यान में रखते हुए यूजीसी ने एसओएल में दाखिले की तिथि 30 दिन के लिए बढ़ाई थी। हालांकि अब इसे फिर से आगे बढ़ाए से आगे बढ़ाए से आगे बढ़ाए जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, 31 दिसंबर के बाद नए दाखिले नहीं किए जाएंगे।
इस बार दिल्ली विश्वविद्यालय को बीते 4 वर्षों में सबसे अधिक आवेदन मिले हैं। ग्रेजुएशन पाठ्यक्रमों की लगभग 70 हजार सीटों के लिए साढ़े तीन लाख से अधिक छात्रों ने आवेदन किया है। ईडब्ल्यूएस का कोटा लागू होने के कारण सीटों की संख्या 70,000 हो गई है। इस वर्ष आवेदनों की संख्या भी बीते वर्ष की तुलना में लगभग 96 हजार अधिक है।
वर्ष 2019 में स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए डीयू को 258388 आवेदन प्राप्त हुए थे, जबिक वर्ष 2018 में 2,78574, वर्ष 2017 में 2,21,309 छात्रों ने स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला के लिए अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन किया था।
पणजी, गोवा में 30 दिसंबर | औषधीय उद्देश्यों के लिए भांग की खेती को विनियमित करने के मामले में गोवा की मंत्रियों की अलग-अलग राय है। इससे एक दिन पहले कानून मंत्री नीलेश कैबरल ने इस तरह के प्रयास की जोरदार पैरवी की थी। बुधवार को पणजी में पत्रकारों से बात करते हुए, कला और संस्कृति मंत्री गोविंद गौड़े ने कहा कि इस कदम से रोजगार पैदा करने में मदद मिल सकती है, लेकिन इससे प्रतिकूल सामाजिक प्रभाव भी हो सकता है। इससे पहले दिन में, उन्होंने कहा था कि उन्हें यह भी नहीं पता है कि भांग क्या होता है।
गौड़े ने संवाददाताओं से कहा, "मुझे यह भी नहीं पता है कि भांग क्या होता है। क्या इसका इस्तेमाल 'गांजा' के लिए किया जाता है या औषधीय उद्देश्यों के लिए, मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता। मैं सबसे पहले इसका अध्ययन करूंगा।"
उन्होंने कहा, "अगर हम इसे रोजगार के दृष्टिकोण से देख रहे हैं, तो हमें उन परिवारों के लिए सोचना चाहिए, जो इस तरह के निर्णय के कारण नष्ट हो सकते हैं।"
पर्यटन मंत्री मनोहर अजगांवकर के अनुसार, "इसपर अध्ययन किया जाना चाहिए। यह एक ऐसा मामला है जो लोगों के स्वास्थ्य से संबंधित है। गोवा में भांग की कानूनी खेती की अनुमति देने से पहले विशेषज्ञों से परामर्श की आवश्यकता है।"
उन्होंने कहा, "इसपर अध्ययन किया जाना चाहिए और इस तरह के निर्णय लेने से पहले एक रिपोर्ट संकलित करने की आवश्यकता है .. यदि विशेषज्ञ हमें अच्छे इनपुट देते हैं, तो सरकार इसके साथ आगे बढ़ सकती है, लेकिन इसपर एक उचित अध्ययन किए जाने के बाद ही कदम उठाना चाहिए।"
प्रस्ताव का विरोध करते हुए विपक्ष ने दावा किया कि यह निश्चित ही राज्य के लिए विनाशकारी होगा। पर्यटन पर निर्भर राज्य वैसे भी पहले से ही एक नार्को-पर्यटन स्थल के रूप में बदनाम है।
वहीं मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा है कि इस मामले पर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है और इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी की जरूरत है। कानून मंत्री नीलेश कैबरल ने कहा है कि 'भांग' को पहले ही कानूनी रूप से सात राज्यों में बेचा जाता है।
गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने इस कदम का विरोध करते हुए कहा है कि इससे गोवा के युवा बर्बाद हो सकते हैं।
गोवा फॉरवर्ड के अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री विजई सरदेसाई ने पूछा, "इससे गोवा के युवाओं को क्या फायदा होगा? क्या यह उनके भविष्य के लिए जरूरी है?"
मुंबई, 30 दिसंबर | अभिनेत्री मृणाल ठाकुर की साल 2021 में लगभग पांच फिल्में आने वाली हैं और वे स्वाभाविक रूप से उत्साहित हैं। वह व्यस्तता भरे नए साल की शुरुआत करने के लिए तैयार हैं। अगले साल मृणाल शाहिद कपूर के साथ क्रिकेट ड्रामा 'जर्सी' और बॉक्सिंग फ्लिक 'तूफान' में सह-कलाकार फरहान अख्तर के साथ नजर आएंगी। उनके पास अभिमन्यु दासानी के साथ कॉमेडी फिल्म 'आंख मिचोली' भी है, इसके अलावा कुछ परियोजनाओं की भी आधिकारिक घोषणा की जानी है।
अभिनेत्री जनवरी और फरवरी के माध्यम से इन परियोजनाओं में से कुछ के लिए शूटिंग शुरू करेगी।
मृणाल ने कहा, "मैं आभारी हूं कि मैंने 2020 तक जो काम किया है, वह इन आने वाले महीनों में रिलीज किया जाएगा। पिछले कुछ महीनों ने हमें सही मायने में सिखाया है कि धैर्य हमेशा फल देता है।"
नई दिल्ली, 30 दिसंबर | कांग्रेस पार्टी की 1998 में कमान संभालने वाली सोनिया गांधी को 2020 में अपने सबसे कठिन राजनीतिक दौर का सामना करना पड़ा, जब 23 पार्टी नेताओं के एक समूह ने उन्हें संगठनात्मक चुनाव सहित आंतरिक सुधारों की मांग करते हुए पत्र लिखा। इस पत्र में पार्टी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस का नेतृत्व प्रभावी और धरातल पर दिखाई देना चाहिए।
पार्टी सूत्रों ने कहा कि पत्र में कांग्रेस नेताओं ने शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को ऐसे पूर्णकालिक और प्रभावी नेतृत्व की जरूरत है, जो दिखे भी और सक्रिय भी हो।
उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व को सबको साथ लेकर चलना चाहिए और भाजपा को एक गंभीर चुनौती देनी चाहिए। इस पत्र पर पार्टी के दिग्गज नेताओं गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, वीरप्पा मोइली, राजिंदर कौर भट्टल और पृथ्वीराज चव्हाण के हस्ताक्षर थे।
पार्टी के भीतर बड़े स्तर पर सुधार करने की वकालत करते हुए यह पत्र लिखा गया था, जिसमें कहा गया कि पार्टी का स्तर नीचे जा रहा है और यह देश में भाजपा के उदय का सामना करने में असमर्थ दिखाई दे रही है।
अगस्त में कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में सोनिया के वफादारों ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया पार्टी के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले निकाय ने फैसला किया कि नए अध्यक्ष चुने जाने तक सोनिया गांधी अंतरिम पार्टी प्रमुख के रूप में बनी रहेंगी। इस दौरान फैसला हुआ कि अगले छह महीने में सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाई जाएगी।
बैठक के बाद, सोनिया गांधी ने संगठन में बदलाव किए और कई असंतुष्टों को शांत भी किया गया। संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के लिए एक केंद्रीय चुनाव समिति का गठन किया गया।
19 दिसंबर को सोनिया गांधी को असंतुष्टों सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक बुलाने और उनकी शिकायतें सुनने पर मजबूर होना पड़ा।
असंतुष्टों के शिविर के सूत्रों ने कहा कि यह केवल एक आइस-ब्रेकर था, क्योंकि पार्टी को उनके पत्र में उठाए गए मुद्दों को निपटाना है। हालांकि उन्होंने बताया कि बैठक सौहार्दपूर्ण रही।
बैठक के दौरान सोनिया ने इस पर जोर दिया कि पार्टी परिवार है। हालांकि पार्टी अध्यक्ष के रूप में राहुल गांधी के नाम पर असंतुष्ट समूह की ओर से ठंडी प्रतिक्रिया रही। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने पार्टी में ऊपर से नीचे तक आंतरिक चुनाव कराने का सुझाव दिया। यह पत्र में रखी गईं प्राथमिक मांगों में से एक है।
राहुल गांधी ने कहा कि "हम यहां इस पर यह चर्चा करने के लिए नहीं हैं कि कांग्रेस का अध्यक्ष कौन होगा, बल्कि पार्टी की मजबूती पर ध्यान केंद्रित करने के लिए हैं।
उन्होंने कहा कि हर कोई उन्हें प्रिय है, क्योंकि सभी उनके दिवंगत पिता राजीव गांधी के दोस्त हैं। आजाद ने राहुल के विचारों का समर्थन किया, लेकिन पार्टी में 'चिंतन शिविर' सत्र आयोजित करने का सुझाव भी दिया।
नेताओं ने बिहार और गुजरात चुनाव में हार की ओर भी इशारा किया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि एक एजेंडे के साथ सड़कों पर उतरने का यह समय है।
सोनिया गांधी के साथ कांग्रेस नेताओं की बैठक लगभग पांच घंटे के बाद समाप्त हुई और सूत्रों ने कहा कि बैठक में किसी ने भी एक बार फिर से पार्टी प्रमुख के पद के लिए राहुल गांधी के नाम पर आपत्ति नहीं जताई।
हालांकि विपक्षी दल के भीतर खींचतान अभी तक कम नहीं हुई है, क्योंकि असंतुष्ट नेता संगठनात्मक सुधार चाहते हैं, जिनमें पार्टी के चुनावों को जमीनी स्तर पर उतारने की मांग शामिल है। इसलिए अभी कांग्रेस के लिए अंतिम शब्द कहे जाने अभी बाकी हैं।
ढाका, 30 दिसंबर | एक बांग्लादेशी फिल्म निर्देशक को कथित तौर पर अपनी नई फिल्म में दुष्कर्म पीड़िता से पूछताछ के दृश्य को लेकर गिरफ्तार किया गया है। इस दृश्य को लेकर पुलिस बल में भारी नाराजगी है। शाकिब खान अभिनीत 'नबाब एलएलबी' का पहला भाग, एक फिक्शनल कोर्टरूम ड्रामा है जो दुष्कर्म के बारे में और पीड़िताओं के साथ कैसा सलूक किया जाता है, किस तरह से पूछताछ की जाती है, इस बारे में है। इसे दिसंबर के मध्य में एक स्थानीय स्ट्रीमिंग सर्विस पर जारी किया गया था।
अनोन्नो मामून द्वारा निर्देशित फिल्म का दृश्य पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। केस को संभालने को लेकर पुलिस की आलोचना हुई।
'वियोन्यूज डॉट कॉम' के मुताबिक, फिल्म के दृश्य को लेकर पुलिस महकमा नाराज हो गया। फिल्म में पुलिसकर्मियों की भूमिका निभाने वाले कलाकारों मामून और शाहीन मृदा को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने अपने न्यूज पोर्टल पर कहा, "फिल्म के दृश्य में अधिकारी पीड़िता से बहुत ही आक्रामक तेवर और आपत्तिजनक भाषा में पूछताछ कर रहा था जो स्वस्थ मनोरंजन के विपरीत है और जनता के बीच पुलिस के बारे में नकारात्मक धारणा पैदा करेगा।"
बयान में आगे कहा गया कि दोनों को ऐसी अपमानजनक और आपत्तिजनक बातचीत वाली फिल्म में अभिनय करने के लिए गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने कहा कि उन्हें शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया और उन पर पोर्नोग्राफिक कंटेंट के साथ फिल्म बनाने का आरोप लगाया गया, जिसमें यौन उत्पीड़न को दर्शाया गया था।
अधिकारियों ने कहा कि वे दुष्कर्म पीड़िता की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री अर्चिता स्पर्शिया को भी गिरफ्तार करने की जुगत में हैं।
मुंबई, 30 दिसम्बर | बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर साल के आखिरी दो दिनों का आनंद ले रही हैं। अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक नई पोस्ट शेयर करके इसकी जानकारी दी। करिश्मा ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वह एक समुंद्री नाव पर खड़े होकर पोज देते हुए नजर आ रही हैं। तस्वीर में वह सफेद रंग की लांग टॉप और नीले रंग की डेनिम जींस में नजर आ रही हैं।
उन्होंने शेयर तस्वीर को कैप्शन देते हुए लिखा, "साल के आखिरी दो दिन।"
करिश्मा ने हाल ही में उस समय को याद किया, जब उन्होंने 1995 की हिट सॉन्ग 'हुस्न है सुहाना' में अभिनेता गोविंदा के साथ डांस किया था।
गोविंदा-करिश्मा स्टारर कुली नंबर 1 को निर्देशक डेविड धवन ने इसी नाम की एक नई फिल्म के रूप में रीमेक किया, जिसमें वरुण धवन और सारा अली खान हैं।
नई दिल्ली, 30 दिसंबर | व्हाट्सएप 1 जनवरी 2021 से कुछ आईफोन के साथ-साथ एंड्रॉइड स्मार्टफोन के लिए काम करना बंद कर देगा। ऐसे कई एंड्रॉइड और आईओएस फोन हैं, जो एप को चलाने में सक्षम नहीं होंगे, क्योंकि कंपनी अगले साल से ओएस के पुराने वर्जन के लिए सपोर्ट वापस ले लेगी।
व्हाट्सएप एफएक्यू सेक्शन पर दी गई जानकारी के अनुसार, व्हाट्सएप केवल एंड्रॉइड 4.0.3 ऑपरेटिंग सिस्टम या नए और साथ ही आईओएस 9 और नए पर चलने वाले आईफोन पर चल पाएगा।
आईफोन 4 तक के सभी आईफोन मॉडल अगले कुछ दिनों में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के लिए सपोर्ट खो देंगे। आईफोन मॉडल में आईफोन 4एस, आईफोन 5, आईफोन 5एस, आईफोन 6 और आईफोन 6एस शामिल हैं।
वहीं एंड्रॉइड के लिए, एचटीसी डिजायर, मोटोरोला ड्रॉयड रेजर, एलजी ऑप्टिमस ब्लैक और सैमसंग गैलेक्सी एस 2 2020 के अंत तक व्हाट्सएप सपोर्ट खो देंगे।
इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म काईओएस 2.5.1 ओएस या नए के साथ चुनिंदा फोन के लिए एप को चालू रखेगा, जिसमें जियोफोन और जियोफोन 2 शामिल हैं।
यह पता लगाने के लिए कि कौन सा ओएस या आईफोन पर यह चल सकता है, उसके लिए सेटिंग्स मेनू पर उसके बाद जनरल और सूचना विकल्प पर सॉफ्टवेयर और उपयोगकर्ता को देख सकते हैं।
एंड्रॉइड उपयोगकर्ता सेटिंग्स पर जा सकते हैं, फिर फोन के बारे में यह देखने के लिए कि उनका स्मार्टफोन किस एंड्रॉयड संस्करण पर चल रहा है।
चंडीगढ़, 30 दिसम्बर | कोरोनावायरस को मात देने के बाद बॉलीवुड अभिनेता ने फिल्म 'जुग जुग जियो' का चंडीगढ़ शेड्यूल पूरा कर लिया है। अभिनेता ने इसकी जानकारी अपने इंस्टग्राम पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर स्लो-मोशन वीडियो शेयर की, जहां वह शहर में सुबह की सैर करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
शेयर वीडियो को कैप्शन देते हुए लिखा, "जुग जुग जियो का पहला शेड्यूल चंडीगढ़ में पूरा। मैं कोरोना से ठीक होकर वापस आ गया।"
फिल्म में अनिल कपूर, नीतू कपूर, वरुण धवन और कियारा आडवाणी और यूट्यूबर प्राजक्ता रोली हैं।
स्टोर करने और इस्तेमाल में आसान कोविड-19 की वैक्सीन ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका को मंजूरी देने वाला ब्रिटेन पहला देश बन गया है. वैक्सीन बनाने वालों को उम्मीद है कि यह "वैक्सीन ऑफ द वर्ल्ड" साबित होगी.
ब्रिटेन, 30 दिसंबर | ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि उसने मेडीसिंस एंड हेल्थकेयर प्रॉडक्ट्स रेगुलेट्री एजेंसी के उस आग्रह को मान लिया है जिसमें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और दवा बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका के बनाए वैक्सीन को आपातस्थिति में इस्तेमाल की मंजूरी देने को कहा गया था. ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने स्काई न्यूज से कहा, "4 जनवरी से वैक्सीन की डिलीवरी शुरू हो जाएगी और अगले साल के पहले कुछ हफ्तों में यह बहुत तेजी से बढ़ेगी." ब्रिटेन ने इस वैक्सीन की 10 करोड़ डोज खरीदी है.
एस्ट्राजेनेका के मुख्य कार्यकारीअधिकारी पास्कल सोरियट ने बीबीसी रेडियो फोर को बताया "कंपनी पहले डोज की शिपिंग बुधवार या गुरुवार से शुरू कर देगी और और अगले हफ्ते से टीका लगाना शुरू हो जाएगा. हम जल्दी ही 10 लाख की संख्याा पर पुहंचेंगे और उसके आगे भी बहुत तेजी से."
ब्रिटेन में दूसरी वैक्सीन
ब्रिटेन के लाखों लोगों को इससे पहले ही अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर और जर्मन कंपनी बायोन्टेक की बनाई वैक्सीन दी जा चुकी है. सोरियट का कहना है कि यह "ब्रिटेन के लाखों लोगों के लिए एक अहम दिन है जिन्हें नई वैक्सीन मिलेगी. यह देखा जा चुका है कि यह असरदार है, सहनीय है, आसानी से इस पर नजर रखी जा सकती है और एस्ट्राजेनेका की तरफ से इसे बिना मुनाफे के दिया जा रहा है."
कोरोना वायरस की वैक्सीन की दो डोज दी जाती है. पहली खुराक देने के कुछ हफ्तों के बाद एक बूस्टर लगाया जाता है.
ब्रिटिश सरकार का कहना है कि एस्ट्राजेनेका के साथ इसमें थोड़ा बदलाव किया जा रहा है. सरकार के मुताबिक इस वैक्सीन के साथ पहले ज्यादा से ज्यादा लोगों को पहली खुराक देने को प्राथमिकता दी जाएगी. माना जा रहा है कि पहली खुराक ही संक्रमण से बचाव करने में सक्षम है. जो लोग ज्यादा जोखिम के दायरे में हैं उन्हें दूसरी खुराक 12 हफ्ते के भीतर देने में प्राथमिकता मिलेगी.
सरकार की नई रणनीति ब्रिटेन में कोविड 19 के मरीजों की तेजी से बढ़ती संख्या को देख कर तय की गई है. यहां अस्पताल में भर्ती कोविड के मरीजों की संख्या पहले चरण की सर्वोच्च स्थिति को पार कर गई है. अधिकारी इसके लिए कोरोना के नए संस्करण को जिम्मेदार बता रहे है जो ज्यादा तेजी से फैल रहा है.
कितनी कारगर है ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के डॉ एंड्रयू पोलार्ड वैक्सीन विकसित करने वाले टीम के प्रमुख सदस्यों में हैं. उन्होंने उम्मीद जताई है कि नई वैक्सीन कारगर होगी, "इस वक्त ऐसा कोई सबूत नहीं है कि यह वैक्सीन नए संस्करण के खिलाफ काम नहीं करेगा. हालांकि इस पर हमें नजर रखनी होगी. हम इस संस्करण या भविष्य के किसी और संस्करण के प्रति लापरवाही नहीं बरत सकते."
ब्रिटेन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में करीब 24,000 लोगों पर किए गए अध्ययन के आंशिक नतीजे बता रहे हैं कि यह वैक्सीन सुरक्षित है और कोरोना वायरस की बीमारी को रोकने में 70 फीसदी कारगर है. दूसरे वैक्सीन की तुलना में यह नतीजे उतने अच्छे नहीं हैं. बुजुर्ग लोगों पर इस वैक्सीन के असर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. रिसर्च में शामिल केवल 12 फीसदी लोग ही 55 साल के ऊपर के थे और वो लोग भी इसमें बाद में शामिल हुए. ऐसे में यह देखने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला कि जिन लोगों को वैक्सीन नहीं दी गई उनकी तुलना में वैक्सीन लेने वाले लोगों में संक्रमण की दर कम थी या नहीं. हालांकि सोरियट ने हाल ही में संडे टाइम्स अखबार से बातचीत में इस वैक्सीन के अपने प्रतिद्वंद्वियों जितना ही कारगर होने की उम्मीद जताई है.
दुनिया के लिए वैक्सीन
ऑक्सफोर्ड एस्ट्रोजेनेका वैक्सीन की कम कीमत, उपलब्धता और इस्तेमाल में आसानी के कारण कई देशों ने इस पर भरोसा जताया है. इसे दूसरे वैक्सीनों से उलट बेहद ठंडा रखने वाले रेफ्रिजरेटरों की बजाय सामान्य रेफ्रीजरेटरों में भी रखा जा सकता है. कंपनी का कहना है कि वह 2.50 अमेरिकी डॉलर में इसकी एक डोज मुहैया कराएगी और साल 2021 के अंत तक 3 अरब डोज तैयार कर लेगी.
गरीब देशों में इस्तेमाल के लिए तैयार होने वाली ज्यादातर वैक्सीन भारत में सीरम इंस्टीट्यूट बनाएगा. सीरम इंस्टीट्यूट से एस्ट्राजेनेका ने 1 अरब डोज बनाने के लिए संपर्क किया है. जून में एस्ट्राजेनेका ने बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट 2020 के आखिर तक 40 करोड़ डोज तैयार कर लेगा लेकिन दिसंबर के शुरुआत तक केवल 5 करोड़ डोज ही तैयार की जा सकीं. इसके बाद प्रोडक्शन को कई बार रोका गया. सीरम इंस्टीट्यूट के अलावा एस्ट्राजेनेका ने ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और चीन के वैक्सीन निर्माताओं के साथ भी करार किया है ताकि ऑक्सफोर्ड के विकसित किए वैक्सीन को विकासशील देशों के लिए तैयार किया जा सके.
चीन के वुहान में कोरोना वायरस के जितने मामले आधिकारिक तौर पर दर्ज हुए, वास्तव में उससे 10 गुना ज्यादा मामले थे. वुहान के स्वास्थ्य अधिकारियों की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है.
चीन, 30 दिसंबर | चीन के वुहान शहर के मीट बाजार में ही कोरोना वायरस का पहली बार पता चला था. अब चायनीज सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 19 अप्रैल तक वुहान के 1.1 करोड़ लोगों में से 4.4 फीसदी लोगों में कोविड 19 पैदा करने वाले वायरस की एंटीबॉडी विकसित हो गई थी. इसका मतलब है कि अप्रैल के आखिर तक तक वुहान में 480,000 लोगों को संक्रमण हो चुका था. हालांकि तब तक आधिकारिक आंकड़ों में शहर के लिए यह संख्या सिर्फ 50,000 ही बताई गई थी.
इस वायरस से निपटने के लिए शुरुआत में लापरवाही के लिए देश के भीतर और बाहर चीन की काफी आलोचना हुई है. शुरुआती महीनों में इस वायरस की जानकारी देने वालों का मुंह उच्च स्तर के राजनेताओं की सलाह पर बंद भी कराया गया. चीन ने जनवरी में कोई मामला नहीं होने की बात कही.
सोमवार को ही सिटिजन जर्नलिस्ट झांग झान को चार साल के लिए कैद की सजा सुनाई गई. उनका कसूर यह है कि उन्होंने महामारी के दौर में वुहान के अंदरूनी हालात के बारे में रिपोर्टिंग की थी.
कॉउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के सीनियर फेलो हुआंग यानझंग का कहना है कि सीडीसी के आंकड़ों के कारण जो अंतर दिख रहा है, "वह संभावित कम रिपोर्टिंग की ओर इशारा करता है जो जनवरी के आखिर और फरवरी की शुरुआत में मची अफरातफरी के कारण हुआ हो सकता है, तब बड़ी संख्या में लोगों का या तो टेस्ट ही नहीं हुआ या फिर कोविड-19 के लिए सही टेस्ट नहीं हुआ."
कम मामले क्यों
सीडीसी के सेरोलॉजिकल एक्सपर्ट क्विन यिंग ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा कि आंकड़ों में जो अंतर दिख रहा है वो सिर्फ चीन में ही नहीं है. यिंग ने कहा, "कई देश पहले ही इस तरह के सेरोलॉजिकल सर्वे प्रकाशित कर चुके हैं और...ज्यादार मामलों में एंटीबॉडीज के साथ पाए गए लोगों की संख्या संक्रमण के पुष्ट मामलों की संख्या से कई गुना ज्यादा है. तो इस तरह का अंतर काफी व्यापक है."
सीडीसी ने यह भी बताया है कि वुहान के बाहर हुबई प्रांत के केवल 0.44 फीसदी आबादी में ही वायरस के एंटीबॉडीज मिले. इससे पता चलता है कि शहर में 77 दिन के लॉकडाउन ने इस बीमारी को फैलने से रोक मदद की होगी. ये आंकड़े देश भर में 34,000 लोगों पर अप्रैल में किए सर्वे के बाद तैयार किए गए हैं जिन्हें सोमवार की शाम जारी किया गया.
चीन बिना रोग के लक्षण वाले संक्रमणको आधिकारिक आंकड़ों में शामिल नहीं करता. संक्रमित लोगों की कुल संख्या और वास्तविक संख्या में अंतर का एक कारण यह भी हो सकता है. चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन के मुताबिक बुधवार तक देश में संक्रमित लोगों की कुल संख्या 87,027 है जबकि 4,634 लोगों की मौत हुई है.
चीन ने देश के भीतर वायरस के फैलाव को काफी हद तक रोक लिया और वो दुनिया की अकेली ऐसी प्रमुख अर्थव्यवस्था है जिसमें वृद्धि हुई है क्योंकि यहां कारोबार और घरेलू यात्रा पर से प्रतिबंध हटा लिया गया था. हुआंग का कहना है, "यहां तक कि वुहान में भी संक्रमण की दर उतनी ऊंची नहीं जितनी कि न्यूयॉर्क सिटी में. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार की नियंत्रण की कोशिशें तेज और असरदार थीं." अधिकारियों ने संक्रमण फैलने की छोटी घटनाओं के बाद भी उसे रोकने के लिए करोड़ों लोगों के परीक्षण किए.
"मैंने पिता को लोगों से डांट खाते सुना है. गली-गली कचरा उठाते देखा है, हम भाई-बहनों की अच्छी पढ़ाई के लिए हर जगह अपमानित होते देखा. स्कूल के दिनों में शर्म आती थी बताने में कि हमारे पिता दूध बेचते हैं, लेकिन आज मुझे गर्व हो रहा है कि मैं इस परिवार की बेटी हूं."
राजस्थान, 30 दिसंबर | यह महज़ शब्द नहीं, बल्कि दर्द से गर्व महसूस होने तक के सफ़र की पूरी कहानी है...
चौथी क्लास से लेकर अभी तक गाय-भैंसों का गोबर उठाने से ही दिन की शुरुआत हुआ करती है. लेकिन, बेहद जल्द लोगों को न्याय देने के सफ़र की शुरुआत पर हैं राजस्थान में झीलों की नगरी उदयपुर की 26 साल की सोनल शर्मा.
सोनल शर्मा का राजस्थान न्यायिक सेवा (आरजेएस) 2018 में चयन हुआ है. भर्ती का परिणाम यूं तो बीते वर्ष ही आ गया था, लेकिन वह एक अंक से चूक गई थीं और वेटिंग लिस्ट में रहीं.
अब वेटिंग लिस्ट से ही वह चयनित हुई हैं और 29 दिसंबर 2020 को ही उनका डॉक्यूमेंट वेरिफ़िकेशन हुआ है.
पहले तीन अंक से चूकीं, फिर एक अंक से रहीं वेटिंग में
आरजेएस भर्ती 2017 में सोनल का प्रथम प्रयास रहा, वह लक्ष्य से महज़ तीन अंक नीचे रहीं. लेकिन, हौसला गिरने नहीं दिया.
2018 में फिर आरजेएस भर्ती आई, इस बार वह एक अंक के लक्ष्य से चूक गईं. इसका मलाल उन्हें कई दिनों तक उनकी उदासी में रहा.
लेकिन, कहतें हैं जब हौसले बुलंद और इरादे नेक हों तो मंज़िल भी झुक जाया करती है. कुछ ऐसा ही सोनल और उनके न्यायाधीश बनने के लक्ष्य में भी हुआ.
बीते महीने यानी नवंबर 2020 ठीक एक साल बाद वेटिंग लिस्ट से उनका चयन न्यायाधीश के लिए हुआ.
सोनल ने अपना डॉक्युमेंट वैरिफ़िकेशन करा लिया है, इसके बाद पुलिस वैरिफ़िकेशन, मेडिकल और एक साल की ट्रेनिंग के बाद वह न्यायाधीश के पद पर सेवाएं देंगी.
जब पिता को डांट खाते देखा-सुना
उन दिनों मैं चौथी क्लास में थी, तब सभी बच्चों की तरह मुझे भी पिता के साथ घूमने जाने का शौक़ था. वह घर घर दूध पहुँचाने जाते थे, तो मैं भी साथ जाया करती थी.
अक्सर लोग पापा को किसी न किसी बात पर डांट दिया करते थे, उन्हें अपमानित करते थे, लेकिन वह फिर भी मुस्कुरा कर जवाब देते.
एक दिन पापा के साथ दूध देकर घर लौटते ही मैंने मम्मी को कहा, "मैं अब पापा के साथ नहीं जाउंगी क्योंकि मुझे शर्म आती है."
वो शर्म इसलिए थी क्योंकि हमारे लिए पापा को बिना क़ुसूर भला बुरा सुनने को मिलता था.
लेकिन, आज उनकी तपस्या पूरी हुई. पापा को मुश्किलों से भी मुस्कुराते हुए लड़ते देखने से ही हौसला बढ़ता रहा.
हमेशा पढ़ाई में अव्वल रहीं
सोनल की स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई उदयपुर से ही हुई है. मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (एमएलएसयू) से वकालत की पढ़ाई के दौरान साइकिल से दूध भी घरों तक पहुँचाया और कॉलेज भी गईं.
दसवीं, बाहरवीं में टॉपर रहीं. बीए एलएलबी (पांच वर्षीय) में गोल्ड मेडल हासिल किया.
एमएलएसयू से बीए एलएलबी में गोल्ड मेडल प्राप्त किया और भामाशाह अवार्ड से सम्मानित हुईं.
एलएलएम में विश्वविद्यालय टॉपर रहने पर उन्हें चांस्लर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है, यह उनके लिए बड़ा सम्मान रहा.
मैंने सहा लेकिन बच्चे न सहें
हर एक माता-पिता चाहता है कि उनका बच्चा उनसे बड़ा मुक़ाम हासिल करे. यही ख़्वाहिश सोनल के पिता ख्याली लाल शर्मा की भी है.
उनके पास घर का ख़र्च चलाने और चार बच्चों को पढ़ाने लिए पशुपालन ही एकमात्र सहारा रहा है, इसी सहारे उन्होंने अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाई.
सोनल की कॉलेज फ़ीस के लिए कई बार उनके पिता के पास पैसे तक नहीं होते थे. वह बताती हैं, पापा ने दो बार तो मेरी ही सहेली के पिता से पैसे उधार लेकर कॉलेज फ़ीस जमा की.
ख्याली शर्मा कहते हें कि, साल 1980 में सात पैसे के हिसाब से महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय में गोबर बेचा करते थे, वहां सोलर एनर्जी सेंटर में गोबर काम में लिया जाता है.
सोनल की माता गोबर के कंडे थाप कर उन्हें बेचती हैं और उनका हाथ बटाती हैं.
पिता ख्याली शर्मा कहते हैं, जो तक़लीफ़ और परेशानियां मैंने उठाई हैं, वह मेरे बच्चे न सहें.
सूरज की किरण से पहले सवेरा
सुबह उठते ही अधिकतर लोग चाय पीना पसंद करते हैं, उस चाय के लिए चाहिए होता है दूध और लोगों के घरों तक दूध पहुँचाने के लिए सोनल व उनके परिवार की सुबह होती है सूरज की किरणों से पहले.
सोनल कहती हैं, हमेशा की तरह आज भी सुबह चार बजे उठना होता है. पापा गाय और भैंस का दूध निकालते हैं. हम दूध को घरों तक पहुँचाते हैं.
गोबर उठाना और पशुओं के पास साफ़-सफ़ाई करने के साथ ही उन्हें चारा भी देना. यह सभी काम हमने आपस में बांटे हुए हैं.
सुबह आठ बजे तक इस काम से फ्री होने के बाद फिर पढ़ाई शुरू होती है.
शाम होते ही फिर पिता के साथ मिलकर गाय भैंस को चारा डालना है, गोबर उठाना है, दूध निकालना और फिर घरों तक पहुँचाते हैं.
यही रुटीन रहता है और इसे हम छोड़ भी नहीं सकते, क्योंकि यही हमारा पारिवारिक बिज़नेस है.
सोनल का कहना है कि, पहले तो संभव नहीं था. लेकिन, अब ज़रूर मदद के लिए मज़दूर लगाएंगे.
बेटी के जज बनने के सपने को साकार होने पर पिता ख्याली लाल शर्मा कहते हैं, "बेटी कभी दबाव में आ कर फ़ैसला मत करना. न्याय करना है, सभी के साथ. सामने कोई भी हो."
कवि की इन पंक्तियों को सोनल शर्मा ने चरितार्थ कर दिया है कि,(bbc.com)
बीजापुर, 30 दिसंबर। जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के बुरजी व पुसनार के पास प्रेशर बम को निष्क्रिय करते एक जवान जख्मी हो गया। उसे जिला अस्पताल लाया गया है। यहां गंभीर हालत को देखते उसे रायपुर भेज दिया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक पुसनार व बुरजी मार्ग पर इन दिनों सडक़ निर्माण का काम चल रहा है। बुधवार की सुबह सडक़ निर्माण की सुरक्षा के लिए गंगालूर से डीआरजी व सीएएफ के जवान निकले थे। इस दौरान जवानों ने वहां से तीन प्रेशर बम बरामद किए। दो बम निष्क्रिय कर दिए गए थे। तीसरे बम को निष्क्रिय करते समय सीएएफ की 19वीं बटालियन का जवान रितेश पटेल उसकी जद में आ गया और वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया।
बताया गया है कि जवान को कमर के नीचे दोनों पैरों में चोट लगी है। घायल जवान को जिला अस्पताल लाया गया। यहां से उसे बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से रायपुर रेफर कर दिया गया है।
ज्ञात हो कि मंगलवार को कलेक्टर रितेश अग्रवाल व एसपी कमलोचन कश्यप ने इसी निर्माणधीन सडक़ निर्माण कार्य का जायजा लिया था और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। वहीं दूसरी ओर नक्सली इस सडक़ निर्माण का लगातार विरोध कर रहे हैं। इस मार्ग पर अब तक कई बम बरामद किए जा चुके हैं।
पटना में स्टाइपेंड राशि बढ़ाने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। एक महिला ने बताया, "मेरे बेटे का पैर ट्रक की चपेट में आन से टूट गया है। वह दर्द से काफी परेशान है और डॉक्टर इलाज नहीं कर रहे हैं।”
पटना: स्टाइपेंड राशि बढ़ाने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
एक महिला ने बताया, "मेरे बेटे का पैर ट्रक की ठोकर लगने से टूट गया है। वह दर्द से काफी परेशान है और डॉक्टर इलाज नहीं कर रहे हैं।" pic.twitter.com/XKe81cuUa3
पटना, 30 दिसंबर | पटना में स्टाइपेंड राशि बढ़ाने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। एक महिला ने बताया, "मेरे बेटे का पैर ट्रक की चपेट में आन से टूट गया है। वह दर्द से काफी परेशान है और डॉक्टर इलाज नहीं कर रहे हैं।”
बता दें कि बिहार में सरकारी अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्था मूल रूप से जूनियर डॉक्टरों पर ही आश्रित होती है। ऐसे में मरीजों की मुश्किलें और बढ़ने का आशंका जताई जा रही है।
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन की मानें तो 2017 में ही राज्य सरकार ने हड़ताल के बाद भरोसा दिया था कि हर 3 साल पर स्टाइपेंड की राशि में बढ़ोतरी होगी। लेकिन 2020 खत्म होने को है और अब तक स्टाइपेंड की राशि नहीं बढ़ाई गई, जिसके बाद सभी हड़ताल पर चले गए हैं। उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है।(navjivanindia.com)
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 30 दिसम्बर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने आज शाम हायर सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी व्यवसायिक के पूरक परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए। इन्हें मंडल की वेबसाईट www.cgbse.nic.in पर देखा जा सकता है।
रायपुर, 30 दिसंबर। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह जी के धान खरीदी के संबंध में किए गए ट्वीट पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि रमन सिंह अपने पाप दूसरों पर न मढ़ें। किसान विरोधी सारे पाठ रमन सिंह और उनकी पार्टी भाजपा ने किए हैं। आज पूरे देश के किसान भाजपा की केंद्र सरकार के किसान विरोधी फैसलों को लेकर आंदोलित हैं। उन्होंने कहा है कि राज्य में धान खऱीदी की जो भी समस्याएं हो रही हैं उसके लिए भी केंद्र की भाजपा सरकार और उसकी नीतियां ही दोषी हैं।
श्री त्रिवेदी ने कहा है कि देश के किसानों से भाजपा ने 2022 तक आय दुगनी करने का वादा किया लेकिन आज तक उस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश लागू करने का वादा किया और दावा भी किया लेकिन मोदी सरकार का वादा और दावा दोनों फर्जी है।
भाजपा की केंद्र सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के लिए बार दाने देने में बाधा डाली गई। राज्य को जितने बारदाने की ज़रूरत थी उसमें कटौती की गई और अब जितना वादा था उतना बारदाना भी नहीं दिया जा रहा है। एफसीआई में चावल लेने की अनुमत केंद्र सरकार को देनी है। चावल लेने का आदेश देने के बावजूद एफसीआई गोदामों में चावल रखने की अनुमति न देकर भाजपा की केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ की धान खरीदी में बाधाएं डालने का कुचक्र कर रही है। केंद्र में सरकार चला रही भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह किसानों के लिए घडिय़ाली आंसू बहा कर भाजपा के किसान विरोधी चरित्र पर पर्दा डालने की साजिश रच रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के किसानों को रमन सिंह और भाजपा गुमराह नहीं कर सकते। किसान जानते हैं कि छत्तीसगढ़ में जब रमन सिंह की सरकार रही तब तक किसानों को किस तरह ठगा जाता रहा। न समर्थन मूल्य का वादा पूरा हुआ और न बोनस पांच साल तक मिला। चुनाव के समय मिला लेकिन कांग्रेस की सरकार बनते ही बंद कर दिया गया। इन्हीं किसान विरोधी नीतियों के कारण भाजपा को 15 साल तक शासन करने के बाद छत्तीसगढ़ के मतदाताओं ने 15 सीट के लायक भी नहीं समझा।
प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस सरकार हर किसान का धान खरीदेगी और किसानों को पूरा पैसा मिलेगा। करोना काल में वित्तीय कठिनाइयों के बावजूद छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार किसानों से वादा पूरा निभा रही है। ऐसे कठिन समय में जीएसटी सहित छत्तीसगढ़ के हक का जो पैसा केंद्र की भाजपा सरकार को देना है नहीं दिया जा रहा है और केंद्र में सरकार चला रही भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह जी छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए घडिय़ाली आंसू बहा रहे हैं।
हम खऱीद रहे हैं ज़्यादा धान
श्री त्रिवेदी ने कहा है कि 15 साल में भाजपा सरकार ने औसत 50 लाख मिट्रिक टन धान भी नहीं खरीदा लेकिन पिछले साल 2018-19 में भूपेश बघेल की सरकार ने 80 लाख मिट्रिक टन से अधिक धान 2500 रू में खरीदा। 2019-20 में भी 15 लाख 71 हजार की जगह 19 लाख 52 हजार किसानों का पंजीयन किया गया और 83 लाख टन धान कांग्रेस की सरकार के द्वारा खरीदा गया है। कांग्रेस सरकार ने 2019-20 में धान खरीदी में अपना ही पिछले साल 2018-19 का रिकार्ड तोड़ा। अभी एक महिना भी नहीं हुआ है और भाजपा सरकार की औसत खरीदी जितना धान 45 लाख टन तो कांग्रेस सरकार खरीद चुकी है। अपने 15 वर्षो के शासनकाल में तो रमन सिंह सरकार ने 7 वर्षों में इतना धान भी नहीं खरीदा था। रमन सिंह किस मुंह से कांग्रेस सरकार पर धान खरीदी को लेकर आरोप लगाते है।
भाजपा सरकार ने 15 वर्षो में धान खरीदी के आंकड़ों को जारी करते हुये प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा की रमन सिंह सरकार ने तो 50 लाख टन धान ही प्रति वर्ष खरीदा है। 81.70 लाख मिट्रिक टन से अधिक धान औसत प्रतिवर्ष 2500 रू। समर्थन मूल्य में खरीदने वाली कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ भाजपा के बयान सीधे-सीधे जनता की आंखो में धूल झोकने की कोशिश है। धान खरीदी पर भाजपा किस मुंह से बोल रही है? भाजपा को किसानों और ग्रामीण मतदाताओं अब कभी समर्थन नहीं मिल सकता क्योंकि छत्तीसगढ़ के गांवों के लोग मजदूर किसान भाजपा के किसान विरोधी, गरीब विरोधी चरित्र, मजदूर विरोधी चरित्र को बखूबी समझ चुके है।
प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि जिस भाजपा की सरकार ने 15 वर्ष में कभी इतना धान नहीं खरीदा, जितना धान पिछले साल 2018-19 और इस साल 2019-20 में भी कांग्रेस सरकार ने खरीदा है। भाजपा ने 2013 के घोषणा पत्र में कहा था कि 2100 रू। समर्थन मूल्य देंगे, नहीं दिया। भाजपा ने कहा था कि 5 साल तक 300 रू। बोनस देंगे, नहीं दिया। भाजपा ने कहा था एक-एक दाना धान खरीदेंगे, नहीं खरीदा। भाजपा ने कहा था 5 हार्सपावर पंपों को मुफ्त बिजली देंगे, नहीं दी। भाजपा ने कहा था कि स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशे लागू करेंगे, किसानों को फसल की लागत पर डेढ़ गुना जोडक़र दाम देंगे, नहीं दिया। भाजपा ने कहा था 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करेंगे, अभी तक किसानों की आय बढ़ाने के लिये कुछ भी नहीं किया।
प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि किसानों को 2500 रू धान का दाम देने का काम कांग्रेस ने किया है। जबकि भारतीय जनता पार्टी ने 2013 के घोषणा पत्र में कहा था कि 2100 रू समर्थन मूल्य देंगे, 300 रू। बोनस देंगे। 2100 रू धान का दाम भाजपा सरकार में कभी नहीं मिला। 300 रू बोनस 5 साल नहीं दिया गया। किसानों को और भाजपा के द्वारा इस मामले में आंदोलन की बात जनतंत्र है उनका अधिकार है आंदोलन करे। भाजपा ने तो किसानों के साथ धोखाधड़ी ही की है। भाजपा किसान हितैषी बनने का स्वांग रचती रही है और किसानों के लिये घडिय़ाली आंसू बहाती है। भाजपा के किसान विरोधी चरित्र को छत्तीसगढ़ के किसान बखूबी जानते, समझते है।