राजनीति

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Posted Date : 15-Jul-2018
  • जयपुर, 15 जुलाई । राजस्थान की कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी अकेले ही राज्य की सभी 200 सीटों पर जीत हासिल करेगी। राजस्थान विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल अगले साल की 20 जनवरी को खत्म हो रहा है। इसी को लेकर शनिवार को सचिन पायलट ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मुलाकात भी की। राहुल गांधी के साथ हुई इस मुलाकात के बाद सचिन पायलट ने कहा, अगर बीते चार बार के विधानसभा चुनाव पर नजर डालें तो मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही देखने को मिला है। आगामी विधानसभा चुनाव में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिलेगा। लेकिन मुझे इस बात का पूरा विश्वास है कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी राज्य की सभी 200 सीटों पर जीत हासिल करेगी।
    इस दौरान सचिन पायलट से जब राजस्थान में कांग्रेस के सहयोगी दलों के मुद्दे पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस अकेले अपने दम पर ही भाजपा को हराने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव लडऩे के बारे में फिलहाल दूसरे दलों के साथ पार्टी की बातचीत नहीं हुई है।
    सचिन पायलट ने आगे कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता 'मेरा बूथ मेरा गौरवÓ अभियान के तहत राजस्थान के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में लोगों के साथ संपर्क करने में जुटे हुए हैं। उनके मुताबिक प्रदेश की जनता को पार्टी के साथ जोडऩे के लिए यह अभियान विधानसभा चुनाव संपन्न होने तक जारी रखा जाएगा। (एएनआई)

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Posted Date : 15-Jul-2018
  • पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की कल लाहौर में हुई गिरफ्तारी के बहाने कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने अपने ट्विटर हैंडल से जारी एक ट्वीट में लिखा है, भ्रष्टाचार के आरोप में नवाज शरीफ को गिरफ्तार कर लिया गया है। हम जानना चाहते हैं कि इस गिरफ्तारी पर उनके प्रिय मित्र नरेंद्र मोदी का क्या कहना है। इस ट्वीट के साथ कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी और नवाज शरीफ की मुलाकात की एक तस्वीर भी शेयर की है।
    इस ट्वीट पर भाजपा ने भी कांग्रेस पर करारा पलटवार करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्रीजी ही क्या देश का हर आदमी इस पर यही कह रहा है कि...भारत में जो भी नेता बेल पर घूम रहे हैं, उन्हें भी जेल में जाना ही है! भाजपा ने कांग्रेस के इस ट्वीट के जवाब में एक ट्वीट करते हुए उसके उन नेताओं पर तंज कसा है जो जमानत पर बाहर हैं। इससे पहले नरेंद्र मोदी भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कह चुके हैं कि इस पार्टी के ज्यादातर बड़े नेता इन दिनों 'बेलÓ पर बाहर हैं और ऐसे में लोग कांग्रेस को अब बेल गाड़ी कहने लगे हैं।
    उधर, शुक्रवार की देर शाम को लाहौर के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर ही नवाज शरीफ व उनकी बेटी मरियम शरीफ को गिरफ्तार कर लिया गया था। वे दोनों कल ही लंदन से स्वदेश पहुंचे थे। इससे पहले बीते हफ्ते शुक्रवार को पाकिस्तान की एक अदालत ने भ्रष्टाचार के मामले में इन दोनों को ही जेल की सजा सुनाने के साथ इन पर जुर्माना लगाया था।

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Posted Date : 15-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 15 जुलाई। कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी का कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार पर एक बार फिर से दर्द छलका है। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने एक बार फिर से गठबंधन की सरकार की मजबूरियों को सार्वजनिक मंच से सबके सामने रखा और इस दौरान उनके मजबूरियों के आंसू भी छलके। अभी कर्नाटक में नई सरकार के बने ज्यादा दिन भी नहीं भी हुए हैं कि कुमारस्वामी ने एक बार फिर से स्वीकार किया कि वह इस गठबंधन वाली सरकार से खुश नहीं हैं। 
    कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन वाली सरकार का नेतृत्व कर रहे सीएम कुमारस्वामी ने बेंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान सरेआम रोते हुए कहा कि आप सब मुझे बधाई देने के लिए बुके के साथ खड़े हैं। आप सभी को लग रहा होगा कि आपका भाई मुख्यमंत्री बन गया है और इससे आप सभी खुश हैं। मगर मैं इससे खुश नहीं हूं। मैं गठबंधन की सरकार के दर्द को जानता हूं। मैं अपना दर्द बिना बांटे हुए पी रहा हूं। जो किसी जहर से ज्यादा कुछ नहीं है। मैं इस हालात से खुश नहीं हूं। 
    आगे उन्होंने कहा कि मैं नीलकंठ की तरह बन गया हूं, और जो इस सरकार के दर्द को भी निगल लिया है। कुमारस्वामी बेंगलुरु में एक कार्यक्रम में यह बोल रहे थे। 
    इससे पहले भी कुमारस्वामी ने राज्य में जद (एस) को बहुमत नहीं मिलने का जिक्र करते हुए कहा था, मुझे इस बात का भी दुख है कि आवाम ने मुझमें भरोसा नहीं जताया है। उन्होंने कहा, हमलोग पांच साल के लिए स्थायी सरकार देंगे। हम जनता के लिए काम करेंगे। हम यहां अपना व्यक्तिगत हित साधने नहीं आए हैं। कुमारस्वामी ने कहा कि न तो वह और न ही देवेगौड़ा परिवार कभी सत्ता के लिए लालायित रहा है। उन्होंने कहा कि उनलोगों का अधिकतर राजनीतिक जीवन विपक्ष में ही व्यतीत हुआ है।
    बीते दिनों पूर्ण बजट पेश करते हुए सीएम कुमारस्वामी ने राज्य में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार का पहला बजट पेश करते हुए करीब 34 हजार करोड़ रुपये का किसानों का कर्ज माफ कर दिया। जिसके तहत हर किसानों के दो लाख तक के कर्ज माफ किए जाएंगे। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 14-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 14 जुलाई । भारत-पाकिस्तान बंटवारे के जिम्मेदारों में से एक मोहम्मद जिन्ना की तस्वीर को लेकर एक बार फिर नये सिरे से विवाद शुरू हो गया है। पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा है कि अगर कोलकाता में विक्टोरिया मेमोरियल हो सकता है तो अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में जिन्ना की तस्वीर में क्या बुराई है?
    एक इंटरव्यू में हामिद अंसारी ने कहा, यूनिवर्सिटी में ये पहले से परंपरा रही है। वहां स्टूडेंट यूनियन मशहूर लोगों को सम्मानित करता रहा है। पहली बार मोहनदास करमचंद गांधी को सम्मान दिया गया था। उसके बाद मोरारजी देसाई, मदर टेरेसा और खान अब्दुल गफ्फार खान को सम्मानित किया गया और तस्वीर लगाई गई। जिन्ना को भी सम्मानित किया गया और उनकी तस्वीर लगाई गई। जिन्ना 1938 में वहां गये थे। उनकी तस्वीर वहां होने में क्या बुराई है? अगर विक्टोरिया मेमोरियल हो सकता है तो यहां जिन्ना की तस्वीर क्यों नहीं हो सकती है? हमारी परंपरा भवनों और तस्वीरों पर हमला करने की नहीं रही है।
    मई में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। तब अलीगढ़ लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद सतीश गौतम ने एएमयू कुलपति को चि_ी लिखकर पूछा था कि जिन्ना की तस्वीर हॉल में क्यों लगी है?
    जिसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने यूनिवर्सिटी के पास विरोध प्रदर्शन किया था और इसी दौरान भीड़ हिंसक हो गई थी। पुलिस को गई राउंड गोलियां चलानी पड़ी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विवाद के बीच कहा था कि जिन्ना ने हमारे देश का बंटवारा किया, भारत में जिन्ना का महिमामंडन बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। योगी ने कहा था कि उन्होंने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। 

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Posted Date : 14-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 14 जुलाई । राज्यसभा के लिए चार नए सदस्य मनोनीत किए गए हैं। जिसमें आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा, किसान नेता राम शकल, मूर्तिकार रघुनाथ महापात्र और क्लासिकल डांसर सोनस मानसिंह के नाम हैं। इन चारों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मनोनीत किया है।
    दरअसल फिलहाल 245 सदस्यीय राज्यसभा में चार सीटें खाली थीं, जो राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत होने थे। अब केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इन सदस्यों को राज्यसभा सदस्यता के लिए मनोनीत किया है।
    पिछले कुछ दिनों से तमाम चेहरों को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन सरकार ने इन चार नामों का चुनाव कर राष्ट्रपति के पास भेजा था जिस पर कोविंद ने अपनी मुहर लगा दी है। बता दें कि राकेश सिन्हा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक के तौर पर जाने जाते हैं और तमाम न्यूज चैनलों पर सरकार और आरएसएस का पक्ष रखते रहे हैं। 
    सोनल मानसिंह मशहूर नृत्यांगना हैं और पद्म विभूषण, पद्म भूषण और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित हैं। जबकि रघुनाथ महापात्रा ओडिशा जाने-माने मूर्तिकार हैं। महापात्रा पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित हैं। रामशकल जाने-माने किसान नेता हैं। राकेश सिन्हा संघ के विचारक हैं और मीडिया तथा सोशल मीडिया मंचों पर प्रखरता के साथ भाजपा और संघ का पक्ष रखने के लिए जाने जाते हैं। राकेश सिन्हा ने संघ संस्थापक डॉ.हेडगेवार की जीवनी लिखी है जिसे भारत सरकार के प्रकाशन विभाग ने प्रकाशित किया है। उनकी राजनीतिक पत्रकारिता नमक पुस्तक काफी लोकप्रिय हुआ है।
    इस साल राज्यसभा की जो सीटें खाली हुई है वो फिल्म, खेल, सामाजिक कार्य और कानून से जुड़े हैं। यूपीए सरकार ने फिल्म से रेखा, खेल से सचिन तेंदुलकर, सामाजिक क्षेत्र से अनु आगा और कानून से के पराशरन को मनोनीत कराया था। अब इन्हीं चारों की जगह पर राष्ट्रपति ने ये नए चेहरे मनोनीत किए।(आज तक)

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Posted Date : 14-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 14 जुलाई। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मानें तो अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण 2019 के लोक सभा चुनाव से पहले ही शुरू हो जाएगा। खबरों के मुताबिक शाह ने पार्टी की तेलंगाना इकाई के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह बयान दिया है।
    पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य पेरला शेखरजी ने मीडिया को इस बैठक के बारे में जानकारी दी। उनके मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की राह में आ रही बाधाओं को दूर करने की कोशिश की जा रही है। और जिस गति से यह काम हो रहा है उसे देखते हुए मुझे (शाह को) लगता है 2019 के लोक सभा चुनाव से पहले राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा।
    शेखरजी ने शाह के हवाले से ही इन खबरों को भी गलत बताया कि लोक सभा के चुनाव समय से पहले कराए जा सकते हैं। उनके मुताबिक पार्टी अध्यक्ष ने कहा है कि लोक सभा चुनाव 2019 में तय समय पर ही होंगे। शाह तेलंगाना के एक दिन के दौरे पर शुक्रवार को हैदराबाद पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे राज्य में भाजपा सरकार बनवाने की रणनीति तैयार करें।  (आईएएनएस)

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Posted Date : 14-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 14 जुलाई। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी कांग्रेस में वापस आ गए हैं। चार साल पहले आंध्र प्रदेश के विभाजन के मुद्दे पर उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ हुई बैठक के बाद वे दोबारा पार्टी में शामिल हो गए। यह बैठक राहुल गांधी के घर पर हुई। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी ओमन चांडी और आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख एन रघुवीरा रेड्डी भी मौजूद रहे।
    बैठक के बाद पार्टी के मुख्यालय में किरण कुमार रेड्डी का औपचारिक स्वागत किया गया। उसके बाद हुई प्रेस वार्ता में रेड्डी ने कहा कि जब तक केंद्र में कांग्रेस की सरकार नहीं आती तब तक आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को न्याय नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा, पुनर्गठन अधिनियम का अमल, विशेष राज्य का दर्जा, विशेष आर्थिक सहायता, ये सब तभी संभव है जब कांग्रेस सत्ता में वापसी करे। मौजूदा भारत सरकार, राज्य सरकार और विपक्षी दल पुनर्गठन अधिनियम लागू करवाने में बुरी तरह असफल रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरेजवाला ने रेड्डी का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी कांग्रेस की सेवा की है और आगे भी करते रहेंगे। (द हिंदू)

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Posted Date : 13-Jul-2018
  • श्रीनगर, 13 जुलाई । जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इशारों-इशारों में अपनी पूर्व सहयोगी बीजेपी को धमकी दी है। पीडीपी में बगावत के बीच महबूबा ने कहा कि पीडीपी को तोडऩे की कोशिश न करें वरना कई और सलाउद्दीन पैदा होंगे। सलाउद्दीन आतंकी संगठन हिज़्बुल मुजाहिद्दीन का प्रमुख है। महबूबा ने कहा कि अगर दिल्ली ने 1987 की तरह जम्मू कश्मीर की हुकूमत के वोट पर डाका डालने की कोशिश की तो एक सलाउद्दीन, एक यासीन मलिक ने जन्म लिया। अगर आज दिल्ली से इस तरह की कोशिश हुई तो इसके खतरनाक नतीजे होंगे।
    इससे पहले महबूबा मुफ्ती की सार्वजनिक तौर पर अलोचना करने वाले नेताओं पर कार्रवाई शुरू कर दी थी। पीडीपी ने एक बयान में कहा कि पार्टी के बारामूला जिला अध्यक्ष इरशाद अहमद कार अगली व्यवस्था होने तक बांदीपुरा जिले में पार्टी के मामलों को देखेंगे। विधान परिषद सदस्य रेशी पीडीपी के उन नेताओं में से एक हैं जिन्होंने पिछले महीने पीडीपी-भाजपा सरकार गिरने के बाद पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी। रेशी ने मुफ्ती पर भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया था और जम्मू-कश्मीर में सत्ता में दो परिवारों के रहने की व्यवस्था बदलने की मांग की थी। रेशी ने मुफ्ती और अब्दुल्ला परिवारों का हवाला दिया था जिन्होंने अधिकतर समय राज्य पर शासन किया है।
     कश्मीर की 87-सदस्यीय विधानसभा के लिए वर्ष 2014 में 25 नवंबर और 20 दिसंबर के बीच पांच चरणों में चुनाव करवाए गए थे, जिनमें तत्कालीन सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस की हार हुई, और कांग्रेस के साथ गठबंधन में सरकार चला रही पार्टी को सिर्फ 15 सीटों से संतोष करना पड़ा। 
    दूसरी ओर, वर्ष 2008 में सिर्फ 11 सीटों पर जीती भाजपा ने इस बार मोदी लहर में 25 सीटें जीतीं और 52 दिन के गवर्नर शासन के बाद पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की पीडीपी को समर्थन देकर सरकार बनवा दी।
    1 मार्च, 2015 को सत्तासीन हुए सईद का जनवरी, 2016 में देहावसान होने के कारण सरकार फिर संकट में आ गई, और राज्य में एक बार फिर गवर्नर शासन लगाना पड़ा। इस बार 88 दिन तक गवर्नर शासन लगा रहने के बाद सईद की पुत्री महबूबा मुफ्ती को समर्थन देकर भाजपा ने फिर सरकार बनवाई, जो 19 जून को समर्थन वापसी के ऐलान के साथ ही गिर गई है।(एनडीटीवी)

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Posted Date : 13-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 13 जुलाई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर के 'हिंदू पाकिस्तानÓ वाले बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है। यह देखते हुए पार्टी ने सभी नेताओं के बहाने थरूर को बयान देते समय सावधानी बरतने को कहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आज एक ट्वीट कर कहा कि भाजपा और मोदी सरकार के बारे में बोलते हुए पार्टी के नेताओं को सावधानी बरतनी चाहिए।
    इस ट्वीट में सुरजेवाला ने देश के बिगड़ते माहौल के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है, मोदी सरकार देश में विभाजन, नफरत, कट्टरवाद, असहिष्णुता और ध्रुवीकरण को बढ़ावा देती है। दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी अनेकता में एकता, विविधता, जातीयता और आस्था के बीच करुणा और सद्भावना के विचार का प्रतिनिधित्व करती है। इसके आगे कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि भारत को उसके मूल्य पाकिस्तान की विभाजनकारी विचारधारा से अलग करते हैं। इसी ट्वीट में सुरजेवाला ने पार्टी नेताओं को नसीहत दी है कि भाजपा की नफरत की राजनीति को खारिज करते हुए उन्हें बातों और शब्दों के चयन में सावधानी बरतनी चाहिए।
    बुधवार को तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक कार्यक्रम में शशि थरूर ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि अगर अगले चुनाव में भाजपा सत्ता में आई तो भारत को 'हिंदू पाकिस्तानÓ में बदल दिया जाएगा। उन्होंने कहा था, भाजपा संविधान को बदल देगी और एक नया संविधान लिखेगी जिसमें भारत के लिए हिंदू राष्ट्र के सिद्धांत स्थापित किए जाएंगे और इसमें अल्पसंख्यकों का बराबरी का दर्जा खत्म कर दिया जाएगा।
    थरूर ने अपने इस बयान का बचाव भी किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने वही बात दोहराई है जो भाजपा का वैचारिक सलाहकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक कहता रहा है। उनके बयान पर भाजपा ने माफी की मांग की है। इस पर थरूर ने सवाल करते हुए कहा, मुझे नहीं पता कि मैं किस बात के लिए माफी मांगूं। अगर वे (भाजपा) हिंदू राष्ट्र के विचार से अब सहमत नहीं हैं तो उन्हें यह स्वीकार करना चाहिए। जब तक वे इस पर स्पष्टीकरण नहीं देते तब तक कोई और उनकी ही बात को दोहराने के लिए माफी कैसे मांग सकता है! (आईएएनएस)

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Posted Date : 12-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 12 जुलाई । आयकर विभाग ने हरियाणा के रेवाड़ी में स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेंद्र यादव से जुड़े एक अस्पताल समूह के विभिन्न परिसरों से करीब 22 लाख रुपये नकद बरामद किए। बुधवार को की गई छापेमारी के बाद योगेंद्र यादव ने इसको लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा किया था। अब योगेंद्र के समर्थन में उनके पूर्व साथी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी आ गए हैं।
    इससे पहले यह सूचना मिली थी कि अस्पताल समूह ने गहने खरीदने के लिए नीरव मोदी की फर्म को नकद भुगतान किया था। हालांकि, स्वराज इंडिया के प्रमुख यादव ने आरोप लगाया है कि उनकी बहन के अस्पताल पर छापेमारी सिर्फ उन्हें डराने और चुप कराने के लिए की जा रही है क्योंकि उन्होंने हरियाणा में किसानों को उनकी फसलों का वाजिब दाम दिलाने के लिए मुहिम शुरू की है।
    अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार सुबह ट्वीट किया कि मैं योगेंद्र यादव के घर आईटी जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग कर छापे मरवाने की निंदा करता हूं। मोदी सरकार को इस तरह की राजनीति बंद करनी चाहिए।
    अरविंद केजरीवाल ने प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को आम आदमी पार्टी से निकाल दिया था, जिसके बाद योगेंद्र लगातार कई मौके पर केजरीवाल की आलोचना करते दिखे हैं। हाल ही में उन्होंने एक ट्वीट भी किया था, जिसे बाद में वापस ले लिया था। इस अलगाव के बाद ये पहली बार ही है जब केजरीवाल इस तरह यादव के समर्थन में आए हैं।
    बुधवार को अस्पताल पर हुई कार्रवाई के बाद अधिकारियों ने बताया कि टैक्स विभाग ने कलावती अस्पताल और कमला नर्सिंग होम, इसके मुख्य साझेदार डॉ. गौतम यादव और अन्य के निवास परिसरों की तलाशी ली।

    एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, तीन परिसरों की तलाशी आयकर विभाग की हरियाणा जांच शाखा की टीमों द्वारा की जा रही है। करीब 40 कर अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की टीम ने यह कार्रवाई की। समझा जाता है कि गौतम यादव योंगेंद्र यादव की बहन डॉ.नीलम यादव के बेटे हैं।
    अधिकारियों के अनुसार कर विभाग ने नीरव मोदी ग्रुप से मिली सूचनाओं के आधार यह कार्रवाई की है। नीरव मोदी दो अरब रुपये के पीएनबी धोखाधड़ी मामले में फरार चल रहा है। पाया गया है कि गौतम यादव ने हीरा कारोबारी की कंपनी से गहने खरीदने के लिए साढ़े छह लाख रुपये में से सवा तीन लाख रुपये का नकद भुगतान किया था। उन्होंने बताया कि तलाशी के दायरे में डॉ.नरेंद्र सिंह यादव भी रहे और यादव परिवार के यहां से 22 लाख रुपये नकद मिले। एक अधिकारी ने कहा, किसी भी व्यक्ति के हाथों में वर्तमान नकद सीमा दो लाख रुपये है और 22 लाख रुपये की इस नकद राशि के स्रोत की जांच की जा रही है।
    यादव ने दिन में ट्विटर के माध्यम से आरोप लगाया था कि मोदी सरकार उन्हें डराने के लिए छापेमारी के माध्यम से उनके परिवार को निशाना बना रही है। यादव ने ट्वीट किया था, दिल्ली से आयी 100 से ज्यादा लोगों की टीम ने आज सुबह 11 बजे अस्पताल पर छापेमारी की। सभी डॉक्टरों (मेरी बहन, बहनोई और भांजे सहित) को उनके कमरों मे बंद कर दिया गया। नवजात शिशुओं के आईसीयू सहित पूरे अस्पताल को सील कर दिया गया, यह डराने की स्पष्ट कोशिश है। मोदीजी आप मुझे चुप नहीं करा सकते हैं।
    विभाग ने यादव के इन आरोपों का खंडन किया कि विभाग की छापेमारी टीमों ने अस्पताल और आईसीयू सील कर दिया क्योंकि कुछ सीजेरियन प्रसव भी उस दौरान हुए। अधिकारियों ने कहा कि अस्पतालों समेत तलाशी वाले परिसरों के सभी सीसीटीवी चालू रखे गये थे और उन्होंने तलाशी प्रक्रिया की रिकार्डिंग भी की है। यादव ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें धमकाने और उनका मुंह बंद करने की मंशा से छापे मारे गये हैं क्योंकि उन्होंने किसानों के लिए उचित फसल दाम के लिए तथा हरियाणा में उस शहर में शराब की दुकानों के विरुद्ध आंदोलन छेड़ा था।
    दो दिन पहले ही उनकी नौ दिवसीय पदयात्रा समाप्त हुई थी। इस बीच, भाजपा की हरियाणा इकाई के उपाध्यक्ष राजीव जैन ने कहा, यादव का आरोप बेबुनियाद है, उनके आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। किसी को धमकाने का प्रश्न ही कहां है। यदि आयकर विभाग को किसी के विरुद्ध कुछ मिला है तो उसे अपना काम करने दीजिए, सच्चाई सामने आ जाएगी।(आज तक)
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Posted Date : 12-Jul-2018
  • पटना, 12 जुलाई। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह गुरुवार को बिहार पहुंचे। यहां राजधानी पटना के राज्य अतिथि गृह सुबह नाश्ते सबसे पहले उनकी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात हुई। इस दौरान बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार भी मौजूद थे।
    भाजपा अध्यक्ष सुबह रांची से पटना पहुंचे। यहां हवाई अड्डे पर उनका भाजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष नित्यानंद राय सहित पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। हवाई अड्डे पर बड़ी तादाद में मीडिया के प्रतिनिधि भी मौज़ूद थे। लेकिन शाह उनमें से किसी के भी सवालों का जवाब दिए बिना सीधे राज्य अतिथि गृह की ओर रवाना हो गए। यहां उनकी मुख्यमंत्री नीतीश से मुलाकात हुई जो काफी अहम मानी जा रही है।
    खबरों के मुताबिक शाह और नीतीश गुरुवार की ही शाम एक बार फिर मिलने वाले हैं। नीतीश ने शाह के लिए मुख्यमंत्री आवास में रात्रिभोज का आयोजन किया है। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकातें काफी अहम हैं क्योंकि अगले साल लोक सभा चुनाव हैं और नीतीश की पार्टी जेडीयू इस बात का भाजपा पर लगातार दबाव बनाए हुए है कि एनडीए के घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट कर ली जानी चाहिए। (पीटीआई)

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Posted Date : 11-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 11 जुलाई। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल (एलजी) अनिल बैजल पर 'दादागिरीÓ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि एलजी मनमाने ढंग से अधिकारियों की नियुक्ति कर रहे हैं जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है। मंगलवार को मनीष सिसोदिया ने कहा, एलजी सेवा विभागों को मनमाने ढंग से अपने पास रख कर दादागिरी कर रहे हैं। शिक्षा निदेशक की नियुक्ति से पहले उन्हें हमसे बात करनी चाहिए थी। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है जिसके मुताबिक एलजी को दिल्ली सरकार से तालमेल बिठाते हुए काम करना है।
    मनीष सिसोदिया की यह टिप्पणी एलजी द्वारा तीन नए आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति किए जाने के बाद आई। इनमें एक नियुक्ति संजय गोयल की है जिन्हें दिल्ली का नया शिक्षा निदेशक बनाया गया है। उनसे पहले यह पद सौम्य गुप्ता के पास था। मनीष सिसोदिया का कहना है कि नए शिक्षा निदेशक की नियुक्ति से पहले एलजी अनिल बैजल ने सरकार से बातचीत करना भी जरूरी नहीं समझा। उधर, एलजी की तरफ से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। गोयल के अलावा दिल्ली नगर निगम (दक्षिण) की उपायुक्त चंचल यादव को एलजी की विशेष सचिव बना दिया गया है। इसके अलावा एन वसंतकुमार को विशेष आयुक्त (व्यापार और कर) बनाया गया है।
    वहीं, मनीष सिसोदिया के आरोपों के कुछ घंटों बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर दो नए अतिरिक्त मुख्य सचिवों की नियुक्ति कर दी। मुख्य सचिव (गृह) मनोज परीदा और आनिंदो मजूमदार 1985 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इन दोनों की नियुक्ति पर मनीष सिसोदिया ने टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। हालांकि दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया कि दोनों अधिकारियों की नियुक्ति काफी समय से लंबित थी। (हिंदुस्तान टाईम्स)

     

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Posted Date : 11-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 11 जुलाई । बयानों से हमेशा चर्चा में रहने वाले बैरिया विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने मुन्ना बजरंगी की हत्या पर सनसनीखेज बयान दिया है। विधायक सुरेंद्र सिंह ने न केवल मुन्ना बजरंगी की हत्या पर खुशी जताई बल्कि यह भी कहा कि कानून ने न्याय करने में देर किया तो ईश्वरीय शक्ति ने मुन्ना बजरंगी को मारने के लिए किसी को प्रेरित कर दिया।
    विधायक सुरेंद्र सिंह ने अपनी बात के पक्ष में तर्क देते हुए कहा कि मुन्ना बजरंगी मारा गया इसे ईश्वरीय व्यवस्था ही मानिए। संविधान (कानून) भले ही थोड़ा देर लगाए हुए था लेकिन ईश्वर ने ऐसा करने के लिए किसी को प्रेरित कर दिया।
    उन्होंने कहा कि इस घटना से यह प्रमाणित हो गया कि जो जैसा करेगा उसको उसका फल भी भुगतना पड़ेगा। सृष्टि का संचालन करने वाला अपने हिसाब से सृष्टि चलाता है। वह (सृष्टि संचालक) जिसको दंड दिलवाना चाहता है, जिस तरीके से दिलवाना चाहता है, वह दंड दिलवाता है।
    बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि मुन्ना बजरंगी का जीवन ब्यूरोक्रेसी के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। पैसे के बल पर जेल में क्या नहीं हो जाता? जेल में पैसे के बल पर सब कुछ संभव है। पैसा देकर जेल में असलहा लाया गया होगा। बागपत जेल के कर्मी बिके हुए थे। पैसे के बल पर जेल में क्या नहीं हो जाता, जेल के कर्मी कहीं न कहीं बिके होंगे, तभी असलहा सुनील राठी तक पहुंचा होगा।
    उन्होंने यह स्वीकार किया कि इस घटना ने ब्यूरोक्रेसी में भ्रष्टाचार को फिर से उजागर कर दिया है। बीजेपी विधायक ने मुन्ना बजरंगी की पत्नी के योगी सरकार पर लगाए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को इस तरह के आरोप लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।(न्यूज 18)

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Posted Date : 11-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 11 जुलाई। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह गुरुवार 12 जुलाई को बिहार जा रहे हैं। वे पटना के राज्य अतिथि गृह में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ नाश्ता करेंगे। इसके बाद शाम को मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास पर रात्रिभोज भी।
    शाह और नीतीश कुमार की यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि जेडीयू (जनता दल-एकीकृत) और भाजपा के बीच अनबन की खबरें पिछले कुछ समय से लगातार आ रही हैं। जेडीयू के प्रवक्ता खुले तौर पर कई बार जोर देकर कह चुके हैं कि अगले साल होने वाले लोक सभा चुनाव में उनकी पार्टी को गठबंधन (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन-एनडीए) में सबसे ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए। जेडीयू जल्द से जल्द सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप देने का भाजपा पर दबाव बनाए हुए है।
    एनडीए के पास फिलहाल बिहार की 40 में से 31 सीटें हैं। इनमें से 2014 में 22 भाजपा ने और छह तथा तीन क्रमश: लोकजनशक्ति पार्टी और राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी ने जीती थीं। उस समय जेडीयू एनडीए का हिस्सा नहीं थी। उसने सिर्फ दो सीटें जीती थीं। इसीलिए अब उसे अधिक सीटें देने की उसकी मांग मानना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है। हालांकि इसके बावजूद बिहार भाजपा के अध्यक्ष नित्यानंद राय कहते हैं, शाह के नेतृत्व में भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनी है। उनकी बिहार यात्रा भी इस बार ऐसी ही ऐतिहासिक होगी। (भाषा)

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Posted Date : 10-Jul-2018
  • श्रीनगर, 10 जुलाई। जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती की पीपल्स डेमोक्रैटिक पार्टी के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। पार्टी के नेता और विधायक खुलेआम बगावत के सुर तेज कर रहे हैं। वे पार्टी नेतृत्व पर परिवार को बढ़ावा देने का आरोप लगा रहा हैं। भारतीय जनता पार्टी के सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद राज्य में पीडीपी की राहें मुश्किल होती दिख रही हैं।  
    जादीबल से पीडीपी के नाराज नेता आबिद अंसारी ने दावा किया है कि 14 विधायक पार्टी छोडऩे के लिए तैयार हैं। शिया नेता इमरान अंसारी रजा और अंसारी ने पिछले हफ्ते पीडीपी छोडऩे का ऐलान किया था। दरअसल, महबूबा ने अपने भाई तसद्दुक सिद्दीकी को पर्यटन मंत्री बना दिया था और मामा सरताज मदनी को भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद कई अधिकार दिए थे। इस बात से नेता नाराज हैं। 
    बारामुला से विधायक जाविद हुसैन बेग ने मुफ्ती पर राज्य में घराने की राज स्थापित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने हुए पार्टी छोडऩे का फैसला अपने रिश्तेदार और सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग पर छोड़ दिया है। गुलमर्ग विधायक मोहम्मद अब्बास वानी ने भी परिवारवाद और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए पार्टी छोडऩे का ऐलान किया था। 
    महबूबा ने पिछले हफ्ते कई विधायकों और पार्टी नेताओं से एक-एक कर मुलाकात की था। पार्टी सूत्रों के मुताबिक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं जैसे एआर वीरी, जीएन लोन, मोहम्मद खलील बंद, जहूर मीर, एमवाई भट, नूर मोहम्मद भट, यावर दिलावर मीर और एजाज अहमद मीर ने मुफ्ती को समर्थन का भरोसा दिलाया है। 
    हालांकि, बांदीपोरा से एमएलसी यासिर रेशी ने दूसरे नेताओं के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर में परिवार की राजनीति का विकल्प तलाशने को समर्थन दिया। रेसी ने कहा है कि नए नेतृत्व को मौका देना ही विकल्प है। उन्होंने कहा है कि राज्य को परखे जा चुके और फेल हो चुके दो परिवारों के मॉडल से राहत चाहिए। नूराबाद से विधायक अब्दुल मजीद पदरू ने भी मुफ्ती के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने पार्टी से हारे हुए उम्मीदवारों को बाहर करने की वकालत की है। (टाईम्स न्यूज)

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Posted Date : 09-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 9 जुलाई। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता दल यूनइटेड के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में रविवार को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर गेंद भारतीय जनता पार्टी के पाले में डाल दिया। जदयू प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश ने कुमार कुछ वक्त के लिए ही सही, मगर ऐसी अटकलों पर विराम लगा दिया है, जिसमें कहा जा रहा था कि लोकसभा चुनाव से पहले ही वह बीजेपी से रिश्ता तोड़ देंगे या फिर सीटों की डिमांड करेंगे। जदयू ने अपनी ओर से साफ कर दिया है कि 2019 लोकसभा चुनाव बीजेपी के साथ ही मिलकर लड़ेगी। मगर रविवार की बैठक में नीतीश कुमार ने साफ कर दिया कि वह अभी बीजेपी की ओर से इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि भाजपा उन्हें लोकसभा चुनाव में कितनी सीटों का ऑफर करती है। यानी नीतीश कुमार ने बीजेपी के पाले में पासा फेंक दिया है कि वह एनडीए को बचाना चाहती है या नहीं। 
    जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा कि हम न बीजेपी की मदद कर रहे हैं, न सपोर्ट कर रहे हैं और न ही विरोध कर रहे हैं। जनता दल यूनाइटे चार राज्यों में अपने दम पर अकेली चुनाव लड़ेगी। आगे उन्होंने कहा कि गुजरात, नागालैंड और कर्नाटक में हमने सीमित सीटों पर चुनाव लड़ा। हम अपनी पार्टी के एजेंडा पर चल रहे हैं।
    जनता दल यूनाइटेड राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि जो लोग हमें किनारा करने के प्रयास में लगे हैं वो लोग खुद ही किनारे हो जायेंगे। नीतीश ने अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि हमको एलिमिनेट करने वाला कोई नहीं हैं आप लोग घबराये मत।
    नीतीश कुमार के भाषण से साफ था कि फिलहाल तालमेल और सीटों के संबंध में उन्हें कोई जल्दबाजी नहीं है। नीतीश पहले भाजपा के तरफ से सीटों की संख्या के बारे में सुन लेना चाहते हैं, तब वो इस संबंध में कोई मन बनाना चाहते हैं। अब सबकी निगाहें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित साह के इस हफ्ते पटना यात्रा पर होगी, जब 12 जुलाई को वो नीतीश कुमार के साथ बैठक करेंगे। 
    पिछले साल लालू यादव और कांग्रेस के साथ गठबंधन तोडऩे के बाद नीतीश कुमार ने एक बार फिर से अपने पुराने साथ बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाया था। मगर बीते कुछ समय से ऐसी खबरें आ रही हैं कि नीतीश कुमार और बीजेपी में सब कुछ ठीक नहीं है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं, कि नीतीश कुमार बीजेपी का साथ छोड़ एक बार फिर से विपक्षी महागठबंन की ओर अपने कदम बढ़ा सकते हैं। मगर अभी दिल्ली की बैठक से कुछ समय के लिए ऐसी अटकलों पर विराम लगता दिख रहा है। 
    बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार बिहार को विशेष राज्य के दर्जे की मांग के मुद्दे पर केंद्र सरकार से नराज चल रहे हैं। नीतीश कुमार के लिए वोट बैंक के लिहाज से बिहार के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग किसी संजीवनी से कम नहीं है। 
    केसी त्यागी ने कहा कि जदयू के लिए सीटों का बंटवारा अहम मुद्दा होगा। कार्यकारिणी की बैठक से पहले त्यागी ने कहा था कि बिहार में 2019 लोकसभा चुनाव में जदयू बड़े भाई की भूमिका में होगी। हालांकि, इससे पहले भी जदयू की ओर से ऐसे कई बार बयान आ चुके हैं कि जदयू बिहार एनडीए में बड़े भाई की भूमिका में ही रहेगी। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 09-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 9 जुलाई। भारतीय जनता पार्टी भले खुले तौर पर इंकार कर रही हो लेकिन ऐसी खबरें लगातार आ रही हैं कि वह जम्मू-कश्मीर में अपनी सरकार बनाने की गंभीर कोशिशें कर रही है। साथ में यह भी कि रक्षाबंधन पर अमरनाथ यात्रा पूरी हो जाने के बाद इस सिलसिले में बड़ा खुलासा हो सकता है। अलबत्ता कुछ जानकारियां इससे पहले ही छन-छनकर निकलने लगी हैं। इन्हीं में एक ये भी है कि भाजपा की कोशिशों की राह एक बड़ा रोड़ा भी है जिसे अब तक हटाया नहीं जा सका है।
    पूर्व अलगाववादी नेता और अब भाजपा के समर्थक सज्जाद लोन इस वक्त जम्मू-कश्मीर में उसके सबसे बड़े आसरा बने हुए हैं। बताया जाता है कि उन्हीं के नेतृत्व में ही महबूबा मुफ्ती की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के असंतुष्ट विधायकों को एकजुट करने की कोशिश की जा रही है। तैयारी ये है कि लोन के नेतृत्व में इन असंतुष्टों का एक मोर्चा बना लिया जाए और इसके साथ मिलकर भाजपा जम्मू-कश्मीर में अपनी पहली सरकार बना ले।
    पीडीपी के 28 में से 21 विधायक भाजपा के साथ सरकार बनाने को राजी बताए जाते हैं। इन्हीं में से एक कहते भी हैं, अगर केंद्र राज्य में नई सरकार बनाना चाहता है तो बाकी सब चीजें बेमानी हैं। हमारे लिए ज्यादा कुछ करने को बचता नहीं है। यह हमारे लिए जिंदगी-मौत की लड़ाई जैसा है। जनता हमसे नाराज है। आतंकी हमें जान से मारने की फिराक में हैं। ऐसे में हम दिल्ली को नाराज कैसे कर सकते हैं? इसीलिए अगर केंद्र यह भरोसा दे कि बाकी बचे ढाई साल राज्य में सरकार चलेगी तो नई सरकार बन सकती है।
    हालांकि सूत्रों की मानें तो इस दिशा मुख्यमंत्री पद का मसला सबसे बड़ा रोड़ा बनता हुआ दिखा रहा है। भाजपा की दलील है कि चूंकि संभावित गठबंधन में वह सबसे बड़ी पार्टी होगी इसलिए सरकार के मुखिया का पद उसे मिलना चाहिए। पार्टी के वार्ताकार इस पद पर अपना दावा छोडऩे को तैयार नहीं है। अलबत्ता मंत्रालयों के बंटवारे पर भाजपा झुकने को तैयार है। लेकिन असंतुष्ट विधायक भी अभी इसके लिए राजी नहीं हैं। वे दो विधायकों वाली पार्टी पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (पीसी) के सज्जाद लोन को मुख्यमंत्री पद पर देखना चाहते हैं।
    सूत्रों के मुताबिक, पीडीपी के असंतुष्ट विधायक खास तौर पर अड़े हैं। उनकी दलील है कि आगे किसी मौके पर भाजपा का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है लेकिन अभी इसके लिए सही वक्त नहीं है। लेकिन भाजपा के रणनीतिकारों को लगता है कि यही वह मौका है जब भाजपा मुस्लिम आबादी की बहुलता वाले इस राज्य में अपनी सरकार बना सकती है। इस बीच भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह का नाम फिर राज्य के मुख्यमंत्री पद के लिए तेजी से उभरा है। हालांकि इस पर स्थिति तो कुछ दिनों बाद ही स्पष्ट होगी। (इंडियन एक्सप्रेस)

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Posted Date : 09-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 9 जुलाई । कांग्रेस पार्टी ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के उस सवाल का जवाब दे दिया है जिसमें उसने कहा था कि वह लालू यादव की पार्टी आरजेडी को लेकर अपना रुख साफ करे। बिहार में कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिन ने कहा है, फासीवादी नीतीश कुमार महागठबंधन में सबसे अप्रिय व्यक्ति हैं। यहां उनके लिए कोई जगह नहीं है। हमें सलाह देने की बजाय उन्हें आत्मविश्लेषण करना चाहिए कि उन्होंने खुद के साथ क्या किया है।
    बयान में शक्ति सिंह ने कांग्रेस द्वारा नीतीश कुमार को महागठबंधन में वापस लाने की कोशिश की बात को भी खारिज कर दिया। सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी नीतीश को महागठबंधन में आने का न्यौता नहीं दिया। उन्होंने कहा, आरजेडी के साथ हमारा गठबंधन काफी पुराना है और सैद्धांतिक प्रतिबद्धताओं पर बना हुआ है। इस पर दोबारा विचार करने का सवाल ही नहीं है। वहीं, बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि नीतीश कुमार भाजपा के साथ सहज नहीं हैं, इसलिए वे दूसरे विकल्प खोज रहे हैं। मिश्रा ने कहा, नीतीश जानते हैं कि (चुनाव को लेकर) भाजपा उनके साथ सही समझौता नहीं करेगी। उनकी पार्टी के लोगों में बेचैनी है। इसलिए वे ज्यादा सीटों के लिए मोलभाव कर रहे हैं।
    बिहार कांग्रेस की इस प्रतिक्रिया से पहले जेडीयू के महासचिव केसी त्यागी ने कहा था कि महागठबंधन में नीतीश कुमार की वापसी कराने की कांग्रेस की कोशिशों पर तभी विचार हो सकता है जब वह भ्रष्ट आरजेडी पर अपना रुख साफ करे। त्यागी ने बताया था कि उनकी पार्टी महागठबंधन से क्यों अलग हुई। उन्होंने इसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया जिसने आरजेडी पर भ्रष्टाचार के आरोप होते हुए भी उसके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया। केसी त्यागी ने कहा, उन पर (लालू यादव) चल रहे भ्रष्टाचार के मामलों के मुद्दे पर नीतीश कुमार राहुल गांधी के पास गए थे। लालू भ्रष्टाचार के दोषी थे और उनके उप-मुख्यमंत्री पुत्र (तेजस्वी यादव) के खिलाफ भी मामले दर्ज थे। हमें उनसे (राहुल गांधी) उम्मीद थी कि वे कुछ करेंगे।(न्यूज18)

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Posted Date : 08-Jul-2018
  • नई दिल्ली, 8 जुलाई । अपने विवादित बयानों को लेकर हमेशा मीडिया की सुर्खियों में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुरेंद्र सिंह ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है। उत्तर प्रदेश के बैरिया से बीजेपी के विधायक सुरेंद्र सिंह ने बलात्कार की बढ़ती घटनाओं पर कहा है कि मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि भगवान राम भी आ जाएंगे तो इन घटनाओं (रेप) पर नियंत्रण कर पाना संभव नहीं है। यह समाज का स्वाभाविक प्रदूषण है, जिससे कोई भी वंचित नहीं रहने वाला है। 
    बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि सभी का धर्म है कि समाज के सभी लोगों को अपना परिवार समझे, सभी को अपनी बहन समझने के धर्म का पालन करना चाहिए। संस्कार के बल पर ही इस पर नियंत्रण होगा। संविधान के बल पर नियंत्रण नहीं होगा। अधिकारियों से अच्छा चरित्र तो वैश्याओं का होता है 
    इससे पहले उत्तर प्रदेश के बैरिया से बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि ऑफिशियल्स से अच्छा चरित्र वैश्याओं का होता है, वह पैसा लेकर कम से कम अपना काम तो करती हैं और स्टेज पर नाचती हैं। पर ये ऑफिशियल्स तो पैसा लेकर भी आपका काम करेंगे कि नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
    इससे पहले भी सुरेंद्र सिंह कई बार विवादित बयान दे चुके हैं। इससे पहले उन्होंने कहा था कि आगामी लोकसभा चुनाव में संस्कृतियों की लड़ाई होगी और यह धर्मयुद्ध होगा। इसमें महाभारत की तरह एक बार फिर कौरवों और पांडवों के बीच संस्कृतियों की लड़ाई होगी। 
    उन्होंने यह भी कहा था कि पांडवों के दल में सेनापति और अर्जुन की भूमिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे तो दूसरी तरह कौरवों का दल कांग्रेस के नेतृत्व में होगा, जिसमें धृतराष्ट्र की भूमिका सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव निभायेंगे। उन्होंने दावा किया कि प्रजातांत्रिक महाभारत की लड़ाई में मोदी ही विजयी होंगे।
    हाल ही में सुरेंद्र सिंह ने भी राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ तल्ख तेवर अख्तियार किया है। विधायक ने बैरिया तहसील भ्रष्टाचार व्याप्त होने का आरोप लगाते हुए इसके विरोध में आगामी पांच जून को तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की थी।(एनडीटीवी)

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Posted Date : 07-Jul-2018
  • पटना, 7 जुलाई। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद ने विपक्ष के महागठबंधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कोई आवश्यकता नहीं होने की बात को फिर दोहराते हुए कहा कि भाजपा नीतीश को अगले लोकसभा चुनाव से ठीक पहले छोड़ सकती है।
    राजद के 22वें स्थापना दिवस पर यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कहा कि ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि महागठबंधन नीतीश कुमार को स्वीकार करने के लिए तैयार है। तेजस्वी ने कहा कि नीतीश की महागठबंधन में जरूरत नहीं। हम (राजद, कांग्रेस और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) भाजपा और जदयू को धूल चटाने के लिए सक्षम हैं।
    उन्होंने जदयू से मुख्यमंत्री बनने का प्रस्ताव मिलने की अटकलों के संदर्भ में स्पष्ट किया कि इस तरह का प्रस्ताव मिलने पर भी नीतीश और उनकी पार्टी जदयू के साथ कोई संबंध नहीं होगा।
    उन्होंने कहा, हम किसी की कृपा से नहीं बल्कि जनता के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बनना पंसद करेंगे। तेजस्वी ने कहा कि जहां तक उन्हें लगता है कि भाजपा, चाचा (नीतीश कुमार) को अगले लोकसभा चुनाव के ठीक पहले छोड़ सकती है तथा लोकसभा एवं विधानसभा दोनों चुनाव साथ-साथ हो सकते हैं।
    करोड़ों रुपये के चारा घोटाले के मामले में सजायाफ्ता राजद प्रमुख लालू प्रसाद का मुंबई के एक अस्पताल में इलाज चलने के कारण उनकी गैरमौजूदगी में राजद का स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। इस अवसर पर लालू प्रसाद की पत्नी और पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राबड़ी देवी भी मौजूद नहीं थीं। (भाषा)

     

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