सरगुजा

सरगुजा आईजी ने प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को दिए पुलिसिंग के टिप्स
14-Jun-2026 4:58 PM
सरगुजा आईजी ने प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को दिए पुलिसिंग के टिप्स

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 14 जून।
सरगुजा रेंज आईजी दीपक झा ने रेंज में हाल ही में पदस्थ प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को पुलिसिंग को लेकर जरूरी सुझाव और तरीके से रूबरू कराया। आईजी ने सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को मैदानी क्षेत्र में व्यवहारिक तरीके से पुलिसिंग करने की नसीहत दी।
गौरतलब है कि सरगुजा रेंज के जिला सरगुजा में 14, सूरजपुर में 15, बलरामपुर में 16, जशपुर में 13, एमसीबी में 12 एवं जिला कोरिया में 8 नए प्रशिक्षु उप निरीक्षकों का मैदानी क्षेत्रों में व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए इकाई स्तर पर आदेश किया गया।  सामान्य बैठक के दौरान जिला सरगुजा के 14 प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे एवं अन्य जिला के सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े रहे।
पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर के आदेशानुसार सरगुजा रेंज अंतर्गत जिला सरगुजा को 14, सूरजपुर को 15, बलरामपुर को 16, जशपुर को 13, एमसीबी को 12 एवं जिला कोरिया को 08 मिले नए प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक सामान्य बैठक / विडियों कॉन्फ्रेंस के माध्यम से रूबरू होते थाना/ मैदानी क्षेत्रों में बेहतर कार्य एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण संबंधी सभी नए प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को विभागीय आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिस दौरान उमनि/वरि. पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक सरगुजा तृप्ति सिंह राजपूत उपस्थित रहे एवं अन्य जिलों के पुलिस अधीक्षकगण जिला इकाई स्तर पर वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों के साथ जुड़े रहे।
रेंज के जिलों में आए सभी नए प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से पुलिस महानिरीक्षक द्वारा उनके व्यवहारिक परिचय के साथ-साथ उनके योग्यताओं के बारे में रूबरू हुए। सामान्य परिचय उपरांत उन्होंने सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को विभाग के कार्यप्रणाली एवं व्यावहारिक पहलुओं के बारे में बताते थानों के मैदानी क्षेत्रों में अपने से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य करने संबंधी टिप्स दिए।
प्रशिक्षण के दौरान कानून व्यवस्था, अपराध विवेचना, सायबर फ्रांड संबंधी कार्य की जानकारी, सीसीटीएनएस कार्य का ज्ञान, बीट पुलिसिंग, संत्री ड्यूटी, न्यायालयीन कार्यवाही, मुलजिम पेशी, कोर्ट मोहर्रिर, समंस वारंट, गुम इंसान के प्रकरणों, मर्ग महिला एवं बाल अपराध संबंधी के साथ-साथ पुलिस के कार्यों का बारिकी से अध्ययन करना एवं जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार, पीडि़तों से सालीनतापूर्वक व्यवहार महिला/ बालक संबंधी मामलों में विशेष सर्तकता, मानवाधिकारों का सम्मान एवं पुलिस की सकारात्मक छवि निर्माण संबंधी विषयों के बारे में विशेष रूचि लेते कार्य सीखने की जरूरत है।
इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण अवधि में अनुसाशन, समयपालन, वर्दी की मर्यादा, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन के साथ-साथ अपने कर्तव्यनिष्ठा का विशेष ध्यान रखते अपने दायित्वों का निवर्हन करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा सक्षम अधिकारी बनना जो कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विवेचना एवं जनसेवा के क्षेत्र में प्रभावी भूमिका निभा सके।


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