सरगुजा

राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों सहित ग्रामीणों को दो माह से नहीं मिला पूरा राशन
09-Apr-2026 8:48 PM
राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों सहित ग्रामीणों को दो माह से नहीं मिला पूरा राशन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

लखनपुर,9 अप्रैल। विकासखंड लखनपुर की सार्वजनिक वितरण प्रणाली एक बार फिर अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में है। ग्राम तुनगूरी में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरवा जनजाति सहित कई ग्रामीणों को फरवरी और मार्च माह का राशन पूर्ण रूप से नहीं मिलने का मामला सामने आया है। राशन नहीं मिलने से कोरवा जनजाति के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने उचित मूल्य दुकान संचालक पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि फरवरी में निर्धारित 35 किलो चावल के स्थान पर केवल 10 किलो ही राशन दिया गया, जबकि शेष 25 किलो को राशन कार्ड में बकाया दर्शा दिया गया। वहीं मार्च में कई हितग्राहियों से फिंगरप्रिंट लगवाने के बावजूद राशन का वितरण नहीं किया गया। राशन मांगने पर संचालक द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने का भी आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।

ग्रामीणों का कहना है कि राशन नहीं मिलने से उन्हें जंगलों से लकड़ी लाकर बेचकर अपना पेट भरने को मजबूर होना पड़ रहा है। कई बार राशन वितरण को लेकर दुकान संचालक से विवाद की स्थिति भी बन चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में शिकायत के बाद अधिकारी जांच के लिए पहुंचे थे, लेकिन कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई और अब तक संचालक पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

दो दिव्यांग भाइयों सहित कई हितग्राही प्रभावित

कोरवा जनजाति के सुखराम और बंधन, जो दोनों दिव्यांग हैं, सहित तिहारी बाई, बुधनी बाई और अन्य हितग्राहियों ने बताया कि उन्हें फरवरी में 35 किलो के स्थान पर केवल 10 किलो राशन दिया गया। मार्च  में फिंगरप्रिंट लगवाने के बाद भी राशन नहीं मिलने से उनके सामने खाद्यान्न की समस्या उत्पन्न हो गई है।

संचालक ने स्टॉक की कमी बताई

इस संबंध में उचित मूल्य दुकान संचालक पुरुषोत्तम राजवाड़े ने बताया कि वे पिछले 18 माह से समिति का संचालन कर रहे हैं। उनके अनुसार समिति में पहले से 157 क्विंटल राशन का स्टॉक कम था तथा एक माह का राशन दुकान में नहीं पहुंचने से समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे हितग्राहियों को राशन वितरण कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि कोरवा जनजाति सहित सभी हितग्राहियों को समय पर राशन उपलब्ध हो सके।


अन्य पोस्ट