रामनाम का भरोसा है..
कोरोना के खौफ के बीच कांग्रेस के कई नेता पंचायत चुनाव प्रचार के लिए यूपी गए हैं। पार्टी हाईकमान ने अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की नीयत से इन नेताओं को यूपी भेजा है। देशभर में कोरोना डरा रहा है, तो कांग्रेस नेताओं को यूपी में अलग तरह का माहौल देखने को मिला।
कांग्रेस नेता संजय सिंह ठाकुर और उधोराम वर्मा, जब यूपी के जौनपुर पहुंचे, तो उन्हें लोग हैरत भरी निगाहों से देखने लगे। दरअसल, दोनों नेता मास्क लगाए हुए थे, और वहां कोई भी मास्क पहने हुए नहीं थे। लोग उन्हें बीमार समझने लगे। इससे दोनों कांग्रेसी असहज महसूस करने लगे, और आखिरकार उन्होंने मास्क उतार दिया।
संजय और उधोराम, जौनपुर जिला कांग्रेस के पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। दोनों जिला कांग्रेस की बैठक लेने पहुंचे, तो वहां भी किसी ने मास्क नहीं पहना था। सामाजिक दूरी का पालन करना तो दूर की बात रही। कुल मिलाकर वहां के लोग कोरोना से बेखौफ नजर आए।
ऐसा नहीं है कि यूपी में कोरोना के प्रकरण नहीं मिल रहे हैं। यूपी की आबादी छत्तीसगढ़ से 10 गुना अधिक है, लेकिन छत्तीसगढ़ के बराबर कोरोना की जांच नहीं हो रही है। छत्तीसगढ़ के हालात से घबराए नेताओं ने वहां कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर जानकारी लेने की कोशिश की, तो पता चला लोग वैक्सीन लगाने में रूचि नहीं ले रहे हैं। लोग मानते हैं-होइहि सोइ जो राम रचि राखा।
ट्रक वालों को चाय पिलाते जवान
आईएएस, आईपीएस जब जिलों की कमान संभालते हैं तो कुछ नया प्रयोग करते हैं, जिससे उनका कार्यकाल वहां उनकी छाप छोड़ दे। यातायात सुधार, पौधारोपण, कोचिंग क्लास जैसे अनेक आइडियाज़ उनके दिमाग में होते हैं। कई अफसर राह चलते रुककर जरूरतमंदों की मदद कर या उत्पातियों को थप्पड़ मारकर भी पहचान बनाते हैं। यह अलग बात है कि उनके जाने के बाद इन प्रयोगों का शटर गिर जाता है।
सरगुजा जिले में भी इन दिनों इसी तरह का एक प्रयोग हो रहा है। हाईवे पर ओवरनाइट भारी वाहन के चालकों के लिये पुलिस जवानों से गरमागरम चाय पिलाने की व्यवस्था की है। उन्हें तीन-चार तरफ की अंतर्राज्जीय मार्गों की चौकियों, थानों पर रोका जा रहा है। पुलिस जवान गरम चाय पिलाते हैं, उनसे कुछ बातें करते हैं। मंगलमय यात्रा की शुभकामना देकर रवाना करते हैं।
सुनने में अटपटा लग सकता है। पर ऐसा वहां के पुलिस कप्तान के निर्देश पर एक खास मकसद से किया जा रहा है। वे यह मान रहे हैं कि रात में दुर्घटनायें अक्सर झपकी आने से होती है। चाय पीने से तरावट आयेगी तो चालक चैतन्य हो ड्राइव करेंगे, नींद नहीं आयेगी। इससे हाईवे पर देर रात होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
ऐसा है कि आधी रात को जब पुलिस हाथ देकर ट्रक रोकती होगी तो ड्राइवर की नींद अगर आने वाली भी हो तो वह उड़ जाती होगी। पर वे अचरज में पड़ जाते होंगे कि चाय-पानी की व्यवस्था करने के नाम पर कुछ वसूली नहीं हो रही। गंगा उल्टी बह रही है।
किसी भी नये प्रयोग से अगर सुधार दिखे तो उसकी तारीफ होनी चाहिये। हो सकता है कि एसपी की इस पहल के नतीजे भी मिले, देर रात होने वाली दुर्घटनायें घटें। आगे की चौकियों में इस बात का ध्यान भी रखा जाये कि पुलिस की खातिरदारी से गद्गद ड्राइवर तेज डेक बजाते हुए आगे बढ़ें और एक्सिलेटर इतना दबा दे कि कोई अनहोनी हो जाये।
विधायक का सोशल मीडिया चैलेंज
कोरोना के दूसरे आक्रमण पर सोशल मीडिया पर वक्त ज्यादा बिताने के लिये तैयार रहिये, जैसा पिछली बार हुआ था। इसका आगाज़ भी हो चुका है। कल से ही देखा जा रहा है कि कांग्रेस, भाजपा के बड़े नेताओं सहित अनेक जागरूक और दलीय पक्षधरता रखने वाले लोगों के लगातार कमेन्ट आ रहे हैं कि छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण क्या रोड सेफ्टी इंटरनेशनल क्रिकेट से बढ़ा। इस जंग में डॉ. रमन सिंह और टीएस सिंहदेव भी शामिल हो गये थे।
पर ये तो गंभीर मुद्दे हैं, लोग तो हल्की फुल्की बातें ज्यादा पसंद करते हैं। जैसे कि विधायक शकुंतला साहू ने ट्विटर पर कहा कि आज जो मुझे फॉलो करेगा, मैं भी उसे फॉलो बैक करूंगी। पोलिटिकल सिलेब्रिटी हैं, लोगों ने गंभीरता से लिया। ट्विटर पर एक ही दिन में उन्हें फॉलो करने वालों की संख्या एक हजार से ज्यादा बढ़ गई। किसे अच्छा नहीं लगेगा कि कोई विधायक उन्हें फॉलो करने पर बैक फॉलो का भरोसा दे। लगभग सबको भाई सम्बोधित कर रही हैं, लोग उन्हें दीदी कह रहे हैं।
कई ने कहा आप झूठ बोल रही हैं। मोदी की तरह जुमला दे रही हैं। मगर, पोस्ट्स देखने से पता चलता है कि सचमुच वह बहुत से लोगों को फॉलो करती जा रही हैं। कब तक, पता नहीं क्योंकि लोग उनसे तरह-तरह की समस्याओं पर जो सरकार से जुड़ी भी हैं और उनकी व्यक्तिगत भी है, उस पर जवाब मांग रहे हैं।
चेक करिये विधायक ने आपको बैक फॉलो किया या नहीं।
कोटवार रोकेगा कोरोना का हमला
कोरोना के फिर बड़े आक्रामक तेवर के साथ लौटने की चिंता भरी खबरों के बीच कई लतीफे मूड हल्के करने वाले तैयार हैं। अब छत्तीसगढ़ के संदर्भ में वाट्सएप पर चल रहे इस जोक को ही ले लीजिये-
स्वास्थ्य मंत्री ने फोन करके पूछा- ‘कोरोना बढ़ रहा है, क्या करें’
सीएम ने मंत्री से कहा- ‘उचित निर्णय लीजिये, आप ही लीजिये।’
मंत्री जी से सीएस को फोन किया- ‘उचित निर्णय लीजिये, आप ही लीजिये।’
सीएस ने कलेक्टर्स की वीसी ली और कहा- ‘निर्णय लीजिये, आप लीजिये।’
कलेक्टर्स ने एसडीएम को, एसडीएम ने तहसीलदारों को और तहसीलदारों ने अब कोटवारों से कह दिया है- ‘उचित निर्णय लीजिये, आप ही लीजिये।’
कोटवार ने भी गांव में मुनादी कर दी - ‘तुमन ल का बताना, कोरोना हे, घर ले झन निकलौ।’