खेल
"मुझे पता था ये एक दिन तो होने वाला है. बीते एक साल मैं इस तरह से बल्लेबाज़ी करने की कोशिश कर रहा था, टीम की पारी को संभालने के लिए प्रयास कर रहा था. पर ये नहीं हो रहा था."
बीते साल खराब फॉर्म की वजह से निशाने पर रहे टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने ना सिर्फ़ अपना फॉर्म वापस पाया है, बल्कि भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले ही मैच में उलटफेर से बचाने में अहम भूमिका निभाई.
अमेरिका के ख़िलाफ़ पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 12.4 ओवर में भारत ने 77 रन पर ही छह विकेट गंवा दिए थे. लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एक छोर को मजबूती से संभालते हुए 36 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया.
और फिर आखिरी ओवर्स में बल्लेबाज़ी के गियर बदलते हुए 49 गेंद में 10 चौकों और चार छक्कों की बदौलत 84 रन की नाबाद पारी खेलकर भारत के स्कोर को 20 ओवर में 161 रन तक पहुंचा दिया. अमेरिका की टीम इस लक्ष्य के जवाब में 20 ओवर में आठ विकेट गंवाकर 132 रन ही बना पाई.
हालांकि वर्ल्ड कप से पहले न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ खेली गई पांच टी20 मैचों की सिरीज में ही कप्तान सूर्यकुमार यादव ने फॉर्म में वापसी के संकेत दिखा दिए थे.
लेकिन साल 2025 में उनके बल्ले से 21 मैच खेलने के बावजूद एक भी अर्धशतक नहीं निकला था. स्थिति इतनी खराब थी कि वो 2025 में 21 मैच खेलते हुए महज 13.62 के औसत से 218 रन ही बना सके थे.
इसी वजह से दिसंबर में जब वर्ल्ड कप के लिए सूर्यकुमार यादव को कप्तान बनाए रखने का फ़ैसला हुआ तो कुछ एक्सपर्ट ने इस पर सवाल भी उठाए थे.
सूर्यकुमार यादव को शनिवार की रात शायद ही यहां अपना घरेलू मैदान (वानखेड़े सूर्यकुमार यादव का होमग्राउंड है) जैसा महसूस हुआ हो, हालात ही कुछ ऐसे बन गए थे. यही नहीं, अमेरिका की प्लेइंग इलेवन में शामिल तीन खिलाड़ी- जो कभी मुंबई में खेल चुके थे- उनसे कहीं ज्यादा सहज नज़र आ रहे थे.
हालात इतने उलट-पुलट थे कि वानखेड़े स्टेडियम, जो आमतौर पर टी20 में सपाट पिच और अच्छी उछाल के लिए जाना जाता है, वो एकदम अलग सा व्यवहार कर रही थी.
ठीक वैसी ही पिच जैसी क्यूरेटर कभी-कभी टेस्ट क्रिकेट में तब तैयार करते हैं, जब मेजबान टीम विरोधियों पर अपनी स्पिन की ताकत आजमाना चाहती है.
हालांकि यह बिल्कुल वैसी तो नहीं थी, लेकिन कुछ गेंदें ऐसी ज़रूर गिरीं जिसने बल्लेबाज़ों को हैरान किया.
अमेरिका के ख़िलाफ़ प्लेयर ऑफ द मैच चुने जाने के बाद सूर्यकुमार यादव ने बताया कि कैसे वो खराब फॉर्म से निकलने में कामयाब हुए.
उन्होंने कहा, "पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ टी20 सिरीज़ खेलने के बाद मुझे काफी अकेलापन महसूस हुआ. फिर मैंने अपना किट बैग पैक किया और दो हफ्ते तक परिवार के साथ बहुत सारा वक्त गुजारा."
"इसके बाद नए साल की शुरुआत हुई. हम नागपुर गए और मुझे एक अलग तरह की फीलिंग हुई."
हालांकि वर्ल्ड कप का पहला मैच ही बतौर कप्तान उनके लिए काफी मुश्किल भरा रहा. अमेरिका जैसी कमज़ोर मानी जा रही टीम के ख़िलाफ़ एक वक्त भारत बेहद दबाव में आ गया था.
लेकिन सूर्यकुमार यादव ने बताया कि उन्होंने तभी टीम के लिए प्लान बना लिया था जब 77 रन पर भारत ने छह विकेट गंवा दिए थे.
उन्होंने कहा, "77 रन पर छह विकेट गिरने के बाद मुझे महसूस हुआ कि एक बैटर को अंत तक बल्लेबाज़ी करने की ज़रूरत है. गौतम गंभीर ने भी मुझे यही कहा कि अंत तक बल्लेबाज़ी करो. मैंने मुंबई में बहुत क्रिकेट खेला है. इसलिए मुझे पता था कि इस तरह के विकेट पर कैसे बल्लेबाज़ी करनी है. मुझे समझ आ गया था कि मुझे अंत तक टिके रहना है."
"फिर मैं काउंट करता रहा कि कितनी गेंदें बची हैं और मैंने अच्छे शॉट खेलने की कोशिश की."
सूर्यकुमार हालांकि इटरनेशनल क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच पाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. सूर्यकुमार यादव ने 105 टी20 मैच खेले हैं और उन्होंने 17 बार प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया है. वहीं विराट कोहली 16 प्लेयर ऑफ द मैच के साथ इस लिस्ट में अब दूसरे पायदान पर हैं.
टी20 वर्ल्ड कप में भी सूर्यकुमार 19 मैच खेलते हुए चार बार प्लेयर ऑफ द मैच बन चुके हैं.
कप्तान ने आगे के बारे में क्या बताया?
इस परफॉर्मेंस के लिए पूर्व तेज गेंदबाज़ इरफान पठान ने भी सूर्यकुमार यादव को सराहा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "जब हालात बिगड़ते हैं, तो आप अपने लीडर की ओर देखते हैं. और सूर्यकुमार यादव ने एक सच्चे कप्तान की तरह शानदार प्रदर्शन किया. क्या गजब की पारी थी!"
वहीं क्रिकेट एक्सपर्ट जतिन सप्रू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सूर्यकुमार यादव के लिए लिखा,"सूर्या ने गेंदबाजों का डटकर सामना किया, लेकिन उससे भी बढ़कर उन्होंने अपने आप पर भरोसा रखा और कप्तान के तौर पर एक शानदार पारी खेली."
"उन्होंने अकेले दम पर भारत को इस मुकाबले में बनाए रखा. वह एकमात्र ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने न सिर्फ खेल के नियमों को समझा बल्कि परिस्थितियों और स्कोरबोर्ड को भी समझा. सलाम है, कप्तान!"
हालांकि सूर्यकुमार यादव ने ये भी स्वीकार किया कि 77 रन पर छह विकेट गिरने की वजह से उन पर काफी दबाव आ गया था.
उन्होंने कहा, "सिर्फ मैं ही आपको बता सकता हूं 77 रन पर छह विकेट गिरने के बाद हम किस स्थिति में थे. मैं कितना दबाव महसूस कर रहा था. लेकिन उसी वक्त मुझे ये भी विश्वास था कि मैंने इस तरह की स्थिति मैं बल्लेबाज़ी की है."
सूर्यकुमार यादव ने मैच से पहले टीम के सामने आई दूसरी मुश्किलों के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा, "हम और अच्छी बल्लेबाज़ी कर सकते थे. लेकिन जीत दर्ज करने के बाद चीजें बेहतर होती हैं."
"ठीक है. अब हम आराम से बैठेंगे. अगले मैच से पहले हमारे पास पांच दिन का वक्त है. हम और मजबूती के साथ वापसी करेंगे. वॉशिंगटन सुंदर दिल्ली में टीम के साथ जुड़ेंगे. अब सब ठीक है. बुमराह बुखार होने की वजह से नहीं खेल पाए. अभिषेक की तबीयत भी सही नहीं थी. लेकिन अब सब अच्छा होगा." (bbc.com/hindi)


