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इंग्लैंड की महिला फ़ुटबॉलर ने जर्मनी पर ऐतिहासिक जीत का यूँ मनाया जश्न
02-Aug-2022 1:51 PM
इंग्लैंड की महिला फ़ुटबॉलर ने जर्मनी पर ऐतिहासिक जीत का यूँ मनाया जश्न

-पॉल बेटिसन

इंग्लैंड की जर्मनी पर जीत के बाद क्लो कैली का जश्न अरसे तक याद रखा जाएगा.

फ़ुटबॉल में महिलाओं की यूरोपियन चैंपियनशिप में इंग्लैंड ने एक्स्ट्रा टाइम में गोल कर, जर्मनी को दो-एक से मात दी और एक ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली.

इस मैच को देखने के लिए लंदन के वेंबली स्टेडियम में 87 हज़ार से अधिक लोग जुटे. ये अपने आप में एक रिकॉर्ड था.

लेकिन एक्स्ट्रा टाइम में गोल करने वाली क्लो कैली ने जीत के बाद जिस तरह जश्न मनाया वो भी हमेशा याद रखा जाएगा. 24 वर्षीय कैली का जश्न, फ़ुटबॉल प्रेमियों की आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा.

जीत के बाद कैली ने अपनी शर्ट खोली और उसे हवा में लहराते हुए जश्न मनाने लगीं.

क्लब फ़ुटबॉल में मैनचेस्टर सिटी के लिए खेलने वाली कैली स्पोर्ट्स ब्रा में अपने शर्ट को अपने हाथों की मुट्ठी में भींच कर अपनी ख़ुशी का इज़हार कर रही थीं.

ख़ुशी ज़ाहिर करने के उनके इस क़दम को महिलाओं को एकजुट करने और उनके सशक्तीकरण के तौर पर देखा जा रहा है.

कैली ने ऐसे ही एक और जश्न की याद ताज़ा करवा दी. 1999 के वर्ल्ड कप फ़ाइनल में अमेरिकी फ़ुटबॉलर ब्रेंडी चेस्टेन ने भी निर्णायक पेनाल्टी से मिली जीत के बाद कुछ इसी तरह अपनी ख़ुशी प्रकट की थी.

टीवी पर जश्न दिखाए जाने के मिनटों के भीतर ही उसका सकारात्मक प्रभाव दिखना शुरु हो गया था. जिन लड़कियों और महिलाओं ने ये देखा उन असर साफ़ दिख रहा था.

'बुरा वक़्त देखा है...'

मई 2021 में घुटने की चोट के बाद इस बात पर भी संदेह था कि यूरो 2022 में कैली खेल भी पाएंगी या नहीं.

लेकिन अब उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं है. कैली ने कहा, "मैंने बहुत बुरा वक़्त देखा है. अब मैं हर लम्हे को एंजॉय करना चाहती हूँ."

कैली चोट के कारण टोक्यो ओलंपिक्स में भी नहीं खेल पाई थीं. वे कहती हैं, "मैं तो टोक्यो ओलंपिक्स देख तक नहीं पा रही थी. पिछले साल ऐसे गर्मियों का मौसम था वो. अब पीछे मुड़ कर देखती हूँ तो लगता है उस बात को अरसा हो गया."

कठिन वक़्त के बाद रिकवरी हुई लेकिन चोट से उभरने के इस अनुभव ने फ़ुटबॉल के प्रति उनका रवैया ही बदल दिया.

कुछ सप्ताह पहले उन्होंने कहा था, "जब आपको चोट लगती है तो आप लंबे समय तक खेल से दूर रहते हैं. मेरे ख़्याल ऐसे हालात से पार पाने के बाद आप किसी चीज़ से नहीं डर सकते."

"पहले मैं मेच के पहले काफ़ी नर्वस रहती थी. लेकिन अब मैं बिल्कुल नर्वस नहीं होता क्योंकि अब सोच ये है कि - बुरे से बुरा क्या होगा?"

'मैंने बुरा वक्त देखा है और अब हर लम्हे को एंजॉय करना चाहती हूँ.'

और वाक़ई कैली ने जीत के बाद का लम्हे एक ख़ास अंदाज़ एंजॉय किए. क्योंकि उनके गोल ने इंग्लैंड को पहली बार यूरोपीय चैंपियन का ख़िताब दिलाया था. (bbc.com)


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