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नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम अब 3 जनवरी से जोहानिसबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच खेलेगी. सेंचुरियन में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भारत ने 113 रन से शानदार जीत दर्ज की और सीरीज में 1-0 से बढ़त भी बनाई. हालांकि उस मैच में ओवर-रेट के कारण टीम इंडिया को नुकसान हुआ. भारत को धीमी ओवर-गति के कारण वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का एक अंक गंवाना पड़ा था. भारत के मौजूदा हेड कोच राहुल द्रविड़ भी इसे खराब मान रहे हैं. उन्होंने रविवार को कहा कि इस मामले में टीम को बेहतर करने की जरूरत है.
राहुल द्रविड़ ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद स्पष्ट तौर पर कुछ करने की कोशिश कर रहा है लेकिन एक कोच के रूप में यह परेशान करता है. उन्होंने साथ ही कहा कि उन्हें नियम से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन कुछ मामलों में छूट दी जा सकती है. द्रविड़ ने कहा, ‘आईसीसी स्पष्ट रूप से कुछ करने की कोशिश कर रहा है. एक कोच के रूप में यह परेशान करने वाला होता है और कई बार यह मुश्किल लगता है. यह हमें ओवर गति को तेज करने के लिए प्रेरित करता है.’
द्रविड़ ने कहा कि उन्हें आईसीसी द्वारा बनाए गए नए नियम से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अधिकारियों को अंक कटौती करने से पहले स्थितियों की पूरी समझ होनी चाहिए. उन्हें हालांकि लगता है कि कुछ मामलों में इसमें छूट दी जा सकती है. ओवर-गति कम होने पर डब्ल्यूटीसी अंक से कटौती किसी भी टीम के लिए फाइनल में पहुंचने की राह मुश्किल कर सकती है.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिसबेन टेस्ट में तय समय में आठ ओवर कम फेंकने के कारण इंग्लैंड के खिलाफ आठ डब्ल्यूटीसी अंक का जुर्माना लगाया गया था. उन्होंने कहा, ‘आईसीसी ने अतीत में जुर्माना लगाने की कोशिश की है और यह काम नहीं कर रहा है, अन्य तरीकों का इस्तेमाल भी किया लेकिन उससे बात नहीं बनी.’
उन्होंने कहा, ‘आईसीसी ने अब अंक कटौती करने का तरीका अपनाया है. इससे मुझे कोई परेशानी नहीं है. परिस्थितियों के मुताबिक हालांकि थोड़ी सी छूट मिलनी चाहिए. पिछली बार हमारे कुछ खिलाड़ी चोटिल हुए थे. बेशक हमें कुछ छूट दी गई थी लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता है. यह बताना मुश्किल होता है कि आप कितने मिनट गंवाते हैं.’
ओवर गति को बेहतर करने के लिए टीम किन क्षेत्रों पर काम कर सकती है, इस बारे में द्रविड़ ने कहा, ‘जब बुमराह को चोट लगी थी तब फिजियो को जाकर (मैदान में) बहुत समय बिताना पड़ा था. पिछली बार गेंद को बदलने के साथ कुछ अन्य मुद्दे थे.’ भारतीय टीम चार तेज गेंदबाजों के साथ मैच खेल रही है और इससे टीम को ओवर गति बनाए रखने में परेशानी हो रही है. घरेलू मैचों में स्पिनरों की भूमिका अधिक होती है और ऐसे में इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है.


