राजनांदगांव
कलेक्टर से बांधाबाजार के गल्ला व्यापारी के खिलाफ पीडि़तों ने की शिकायत
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 12 जून। सालभर पहले धान की उपज बेचने के बाद आधा दर्जन किसानों को भुगतान के लिए गल्ला व्यापारी का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
मामला मोहला-मानपुर जिले के बांधाबाजार के एक गल्ला व्यापारी की किसानों की रकम को डकारने से जुड़ा हुआ है। अब ग्रामीणों ने राजनांदगांव कलेक्टर से गल्ला व्यापारी के विरूद्ध लिखित शिकायत की है। वहीं पीडि़त किसानों ने प्रशासन से भुगतान कराने न्याय की गुहार लगाई है। मिली जानकारी के मुताबिक कृषकगण लोमस पटेल, अशोक, अखिलेश, सियाराम तथा मुकेश नामक किसानों ने बांधाबाजार स्थित मुरारी ट्रेडर्स के संचालक मुरारी खंडेलवाल के पास करीब सालभर पहले धान बेचा था। जिसमें कृषक लोमस पटेल ने 110 क्विंटल, अशोक, अखिलेश व सियाराम द्वारा 202 क्विंटल तथा मुकेश द्वारा 144 क्विंटल धान बेचा गया था। साथ ही कृषक सत्तार द्वारा भी 150 क्विंटल धान की बिक्री की गई थी। कुल धान की कीमत करीब 9 लाख 65 हजार रुपए आंकी गई है।
गल्ला व्यापारी द्वारा किसानों का भुगतान करने के लिए शुरूआत से ही टालमटोल किया जा रहा था। मुरारी ट्रेडर्स का मंडी लाईसेंस होने के कारण किसानों ने अपनी उपज बेची थी, किन्तु छल-कपट करते हुए व्यापारी ने अब तक उक्त किसानों के हक का पैसा नहीं दिया। इसके बाद अब किसानों ने राजनांदगांव कलेक्टर से शिकायत कर मामले में दखल देने की मांग की है।
किसानों ने यह भी बताया कि उक्त गल्ला व्यापारी मूलत: राजस्थान का रहने वाला है। वह छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ शुरूआत से ही छलकपट के साथ लेनदेन करता रहा है। किसानों को डर है कि गल्ला व्यापारी राजस्थान भाग सकता है। ऐसे में तत्काल प्रशासन से किसानों ने मामले में कार्रवाइ्र करते हुए रकम दिलाने व आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। इधर राजनांदगांव कलेक्टर ने शिकायत के बाद तत्काल गल्ला व्यापारी के विरूद्ध जांच के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने इस मामले में तहसीलदार और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि मुरारी खंडेलवाल द्वारा धान बिक्री की राशि को नहीं देने की पीडि़तों को खुले तौर पर धमकी दी थी। इसके बाद ही ग्रामीण प्रशासन की शरण में पहुंचे हैं।


