राजनांदगांव

नाबालिग प्रताडऩा : बीएमओ सस्पेंड
09-Jun-2026 12:55 PM
नाबालिग प्रताडऩा : बीएमओ सस्पेंड

 प्रेग्नेंसी कीट में नाबालिग को गर्भवती बताया था
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 9 जून।
सोमनी स्वास्थ्य केंद्र में एक नाबालिग की गर्भवती होने की गलत रिपोर्ट देने के मामले में राज्य सरकार ने एक बड़ी कार्रवाई करते घुमका बीएमओ डॉ. एनके टंडन को निलंबित कर दिया है।
सोमनी क्षेत्र की रहने वाली एक नाबालिग को पिछले दिनों पेट दर्द की शिकायत पर परिजन उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे, जहां 14 वर्षीय नाबालिग की प्रेग्नेंसी जांच के लिए कीट का इस्तेमाल किया गया। कीट में पाजिटिव रिपोर्ट आने के बाद परिजनों के होश उड़ गए। इधर अस्पताल स्टॉफ ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग को पूछताछ के नाम पर थाना में रातभर बिठाकर रख दिया। पुलिस के इस हरकत से नाबालिग और पूरा परिवार थाना में सवाल-जवाब के साथ बेईज्जत हुआ।

पूरे प्रकरण को लेकर कांग्रेस शहर अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नतीजतन एसपी अंकिता शर्मा को कांग्रेस के राजनीतिक दबाव में आकर थाना प्रभारी अरूण नामदेव और महिला आरक्षक को निलंबित करना पड़ा। इधर राज्य सरकार ने जांच रिपोर्ट में लापरवाही बरतने का जिम्मा बीएमओ पर थोपते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
बताया जा रहा है कि प्रेग्नेंसी की गलत रिपोर्ट का खुलासा बाहर में एक निजी लैब में सोनोग्राफी टेस्ट के जरिये सामने आया। बताया जा रहा है कि बीएमओ एनके टंडन ने जीवनदीप समिति के जरिये कीट की खरीदी की थी। कीट की गुणवत्ता को परखने में अस्पताल प्रबंधन की चूक हुई। जिसका खामियाजा उक्त नाबालिग के परिवार को शर्मसार होना पड़ा।  बताया जा रहा है कि बाल संरक्षण आयोग ने भी संज्ञान लेकर पुलिस से पूरे मामले की जानकारी ली है। पुलिस प्रतिवेदन के आधार पर बाल संरक्षण आयोग भी मामले  को लेकर सवाल-जवाब कर सकता है। बीएमओ के सस्पेंशन की खबर से स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई है। बीएमओ डॉ. टंडन को दुर्ग संभाग में अटैच किया गया है।
 


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