राजनांदगांव

वादों की राजनीति बंद करो, जनता को हकीकत का हिसाब दो - हफीज
25-Apr-2026 3:58 PM
वादों की राजनीति बंद करो, जनता को हकीकत का हिसाब दो - हफीज

 पिछले बजट रहे फेल, अधूरे प्रोजेक्टों से जनता परेशान
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 25 अप्रैल
। नगर निगम के वरिष्ठ कांग्रेस पार्षद हफीज खान ने महापौर और निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते कहा कि निगम की व्यवस्था अब ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां वादों और इरादों के बीच की दूरी बहुत गहरी हो चुकी है। हर साल नया बजट आता है, नई उम्मीदें जगाई जाती है लेकिन अंत में शहरवासियों के हाथ सिर्फ  निराशा लगती है। उन्होंने कहा कि अब राजनांदगांव की जनता को दिखावटी योजनाएं नहीं, बल्कि जमीन से जुड़ा और हकीकत वाला बजट चाहिए।

श्री खान ने कहा कि विकास का मतलब सिर्फ शहर की चमक-दमक बढ़ाना नहीं है, बल्कि बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। शहर की जनता को मरीन ड्राइव जैसे सौंदर्यीकरण प्रोजेक्टों से ज्यादा जरूरत निर्बाध पेयजल आपूर्ति, बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था, जलती स्ट्रीट लाइट, चौड़ी सडक़ें और सुगम यातायात की है। उन्होंने कहा कि जब शहर की मूलभूत जरूरतों के लिए बजट कम पड़ रहा है, तब दिखावटी परियोजनाओं के लिए राशि आवंटित करना जनता के साथ मजाक है। उन्होंने कहा कि हकीकत का बजट वही होगा। जिसमें प्राथमिकता पहले पानी, नाली, बिजली और सडक़ को दी जाए। इसके बाद ही सौंदर्यीकरण जैसी योजनाओं पर विचार होना चाहिए।

उन्होंने मांग की कि नए बजट से पहले पिछले बजट में किए गए कार्यों की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और अधूरे कामों को पूरा करने की समय-सीमा तय की जाए। हफीज ने निगम के पिछले करीब 700 करोड़ रुपए के बजट को विफल बताते कहा कि सुनहरे शहर का सपना दिखाया गया था, लेकिन अधिकांश योजनाएं या तो अधूरी हैं या शुरू ही नहीं हुईं। उन्होंने कुछ प्रमुख योजनाओं का जिक्र करते कहा पेयजल व्यवस्था 6.58 करोड़ रुपए, अधूरी नाला निर्माण 3.50 करोड़ रुपए,  अधूरा विभिन्न चौराहों का सौंदर्यीकरण अधूरा, मोहरा और पारटीनाला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट 37 करोड़ का  काम शुरू नहीं। मोंगरा बैराज डायवर्सन 15 करोड़, शुरू नहीं मैदान निर्माण 50 लाख, शुरू नहीं पार्क, ओपन जिम और अन्य सौंदर्यीकरण कार्य भी अधूरे हैं।
उन्होंने कहा कि जब पिछले वर्षों के बजट जनता को छलावा साबित हुए हैं तो अब लोग आंकड़ों और घोषणाओं पर भरोसा करने से कतरा रहे हैं। हफीज ने नगर निकाय चुनाव 2025 के दौरान जारी संकल्प पत्र की याद दिलाते कहा कि महिलाओं के नाम दर्ज संपत्तियों पर 25 प्रतिशत प्रॉपर्टी टैक्स छूट और हर माह 7 तारीख से पहले कर जमा करने वालों को 10 प्रतिशत छूट देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक अमल नहीं हुआ। उन्होंने छात्राओं के लिए स्कूल और कॉलेजों में फ्री सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने, पुरानी संपत्ति कर बकाया राशि को बिना ब्याज और जुर्माने के समाधान योजना से निपटाने जैसे वादों को भी अधूरा बताया।


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