रायपुर
रायपुर, 12 जून। धरसींवा के ग्राम कन्हेरा में चारागाह भूमि को छत्तीसगढ़ पावर कंपनी को हस्तांतरित किए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने सरकार,और सीएसपीडीसीएल को नोटिस जारी किया है, और 29 जून तक जवाब मांगा है। किसान नेता चंद्रशेखर शुक्ला द्वारा दायर याचिका जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ में सुनवाई हुई। याचिका में कहा गया कि ग्राम कन्हेरा की चारागाह भूमि, जिसे पूर्वजों ने पशुओं के उपयोग के लिए दान किया था, उसे किसानों की सहमति के बिना उर्ज विभाग को सौंप दिया गया। याचिकाकर्ता का दावा है कि उक्त भूमि आज भी राजस्व अभिलेखों में लोकनाथ शुक्ला एवं अन्य किसान परिवारों के नाम दर्ज है। यह भी कहा गया कि प्रस्तावित सब-स्टेशन के लिए मेटल पार्क क्षेत्र में पर्याप्त शासकीय भूमि उपलब्ध है, इसके बावजूद कन्हेरा की चारागाह भूमि का उपयोग करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम सरपंच यासमीन सुखनंदन जांगड़े ने कहा कि ग्रामीण अपनी पुश्तैनी भूमि देने के पक्ष में नहीं हैं। 11 जून को हुई सुनवाई के दौरान राज्य शासन, और अन्य प्रतिवादियों की ओर से जवाब प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा गया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रजनीश सिंह बघेल ने पक्ष रखा।


