रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 12 मई। सालेम इंग्लिश स्कूल प्रबंधन के अधिकारहीन पदाधिकारियों ने एक साथ 28 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। ताकि पीएफ ग्रेच्युटी का लाभ न देना पड़े। शिक्षिक संघ की ओर से अध्यक्ष श्रीमती सपना जार्ज, संरक्षक शशि वाघे और सदस्यों ने आज एक पत्रकार वार्ता में कहा कि छत्तीसगढ़ डायोसिस के पदाधिकारियो ने सालेम स्कूल व अन्य 17 स्कूल के 20-30 वर्षों से कार्यरत कर्मचारी जो अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे थे उन्हें अवैधानिक तरीके से बदले की भावना से नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।
महत्त्वपूर्ण बात यह है कि डायोसिस के पदाधिकारियों ने प्रशासक को गुमराह कर नियम के विपरीत एवं अवैधानिक तरीके से पंजीकृत छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड आफ एजुकेशन का चुनाव करवा कर सुषमा कुमार, जयदीप व नितिन लॉरेन्स है, उक्त लोगो ने अपने आप को ही पुन: नियुक्त कर लिया । अवैध चुनाव को लेकर एक याचिका उच्च न्यालय में दायर है।
समिति के लेटरपेड पर सालेम व अन्य शालाओं के प्राचार्यों, शिक्षकों व कर्मचारियों को निलंबित व बर्खास्त कर दिया गया है।उक्त कृत्य ने 35 परिवारो को सडक़ पर खड़ा कर दिया है।
जार्ज ने कहा कि स्कूल के कर्मचारियों के पीएफ का 80 लाख रुपए का गबन किया गया है। डायोसिस के तथाकथित पदाधिकारी नितिन लॉरेन्स जयदीप रॉबिन्सन, सुषमा कुमार व अन्य के ऊपर छत्तीसगढ़ के विभिन्न थानों में गम्भीर धाराओं में 7 एफआईआर दर्ज है।
कुछ गम्भीर शिकायतों व एफआईआर में जांच चल रही है, जांच को प्रभावित करने के लिए ही दोनों पति पत्नी ने सालेम स्कूल में बालात कब्जा कर किया है, और पद का दुरुपयोग कर रहे है।


