रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 25 फरवरी। आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता प्रियंका शुक्ला ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया है कि लक्ष्मी नर्सिंग होम पहलाजानी टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर के संचालकों को पुलिस का संरक्षण मिला हुआ है। दो वर्ष पहले बच्चा बदलने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर भी उनकी गिरफ्तारी नहीं किया गया।
सुश्री शुक्ला ने कहा कि 2 वर्ष पूर्व दंतेवाड़ा जिले के बचेली निवासी अशोक कुमार सिंह और उनकी पत्नी उषा सिंह के साथ यह घटना हुई थी।
इस मामले में 2025 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी फरवरी 2025 में जब मीडिया का दबाव पड़ा तब जाकर मामले में पहलाजानी टेस्ट ट्यूब सेंटर पर एफआईआर दर्ज हुई थी, बावजूद आज तक इसमें पीडि़त को बच्चा नहीं मिल पाया है। आज तक मामले में जिस प्रकार से जांच हो रही है, उससे पीडि़त परिजन को न्याय मिल सकेगा यह संदेह के घेरे में है।
प्रियंका शुक्ला ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अब तक सुप्रीम कोर्ट के द्वारा किए जाने के आदेश के बाद भी सरकार के तरफ से महिला विकास मंत्री ने आज तक मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया, सरकार मौन है, इससे यह दर्शित होता है कि कही न कही आरोपियों को सरकार का पूरा संरक्षण प्राप्त है। इस मामले में प्रदेश में राज्य के महिला आयोग दखल क्यों नहीं दिया है? आम आदमी पार्टी यह मांग करती है कि मामले में निष्पक्ष और कड़ाई से जांच हो और आरोपी गण की गिरफ्तारी हो, साथ ही जल्द से जल्द बच्चे को ढूंढकर परिजनों को वापस किया जाए।


