रायपुर
एक माह पहले की आपत्तियों कार्रवाई न करने वालों पर कार्रवाई की मांग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 22 फरवरी। एसआईआर अभियान के बाद शनिवार को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया। इसमें रायपुर जिले में 5 लाख वोटर्स के नाम काटे गए हैं। इसी तरह से रायपुर ग्रामीण में सर्वाधिक नाम कटे हैं। कल सूची प्रकाशन के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।इसमें शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन एवं ग्रामीण के जिला अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे शामिल हुए।
इसमें मतदाता सूची के प्रकाशन पर चर्चा करना था। दोनों नेताओं ने कहा कि एक माह पूर्व जिला कांग्रेस की ओर से राज्य निर्वाचन आयोग को लिखित शिकायत प्रेषित की गई थी, जिसमें स्पष्ट आरोप लगाया गया था कि भाजपा के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा फॉर्म-7 (नाम विलोपन हेतु आवेदन) का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है। विशेष रूप से अजा, अजजा, अल्पसंख्यक एवं ओबीसी वर्ग के मतदाताओं के नाम थोक में (सामूहिक रूप से) कटवाने के लिए फर्जी/गलत आधार पर फॉर्म-7 जमा किए गए हैं।
शिकायत में मांग की गई थी कि जिन फॉर्म-7 के माध्यम से नाम कटवाए गए हैं, उनमें आवेदक (अन आवेदक) का नाम, पता एवं विवरण प्रदान किया जाए। किन-किन मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए आवेदन दिए गए हैं, उनकी पूरी सूची उपलब्ध कराई जाए। इस दुरुपयोग की जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
राज्य निर्वाचन आयोग ने इस शिकायत पर जिला निर्वाचन अधिकारी, रायपुर को आवश्यक पत्र जारी कर जानकारी उपलब्ध कराने एवं उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। लेकिन आज की बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट रूप से जानकारी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद सूची का प्रकाशन कर वितरण प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। मतदाता सूची में वैध एवं जीवित मतदाताओं के नाम गलत तरीके से काटना एवं जानकारी छिपाना गंभीर चुनावी अनियमितता है, जो विशेष रूप से कमजोर वर्गों के मताधिकार का हनन करता है। कांग्रेस ने पार्टी इसका विरोध कर राज्य निर्वाचन आयोग से मांग करती है फॉर्म-7 के सभी आवेदनों की विस्तृत जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए। दुरुपयोग की जांच हेतु स्वतंत्र समिति गठित की जाए। प्रभावित मतदाताओं के नाम पुन: बहाल करने की प्रक्रिया तेज की जाए। दोषी व्यक्तियों/पदाधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए।


