रायपुर

बालक के जन्म लेते ही कानों में स्वस्ती मंत्र सुनाए-बापू
12-Jan-2026 10:15 PM
बालक के जन्म लेते ही कानों में स्वस्ती मंत्र सुनाए-बापू

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 12 जनवरी। अवधपुरी मैदान, गुढिय़ारी में   जारी श्रीमद् भगवद् पुराण कथा के पांचवें दिन चिन्मयानंद  महाराज ने श्री कृष्ण की बाल एवम् गोवर्धन लीलाओं की कथा सुनाई। इसमें पूतना वध, कालिया नाग का वध, माखन चोरी, गोपियों से ठिठोली, सुखिया फल बेचने वाली, कुबेर के पुत्रों का उद्धार, बकासुर-अकासुर वध, ब्रज की गलियों में धमा-चौकड़ी, अपने मुख में माता यशोदा को ब्रह्मांड दर्शन आदि. महाराजश्री ने बताया कि अगर किसी कन्या के विवाह में विलम्ब हो तो माँ कात्यायनी जी के 108 बार नित्य मंत्रोच्चार से यह बाधा दूर हो जायेगी।

कथा को श्री गिरीराज की ओर बढ़ाते हुए उन्होंने बताया कि जब वे ब्रजवासियों को ध्यान लगवाकर गिरीराज जी के दर्शन करवाये तो उन्हें साक्षात् प्रभु श्री कृष्ण के ही दर्शन हुए. भगवान श्री कृष्ण ने ब्रजवासियों को श्री गिरीराज एवं गौ माता की पूजा के लिये प्रेरित किये. पूजा पश्चात जब सभी को प्रसाद वितरण हो रहा था तब नारद जी भी पहुंचे थे, जो प्रसाद तो लिये पर जाकर इन्द्र देव से कहे आपकी महिमा कम हो रही है. ब्रजवासी अब आपकी नहीं श्री गिरीराज जी की पूजा कर रहे हैं जिससे क्रोधित होकर इन्द्र देव ने भयंकर वर्षा कर ब्रज को पानी में डूबो दिया, तब भगवान श्री कृष्ण ने अपनी एक अंगुली से गिरीराज पर्वत को उठाकर ब्रजवासियों एवं गौ माताओं की रक्षा की।धर्म की अहमियत बताते हुए चिन्मयानंद ने कहा कि

धर्मो रक्षति रक्षित, धर्म ही है जो हमें मर्यादा में रहकर जीना सिखाता है अन्यथा पशु और हममें कोई अंतर नहीं रह जाता। शास्त्रों को अगर हम पूरा नहीं भी पढ़ पायें तो उसके किसी एक मंत्र का भी अगर हम निरंतर मनन करते रहें तो भी हमारे जीवन की नैया पार लग जाती है? बालक के जन्म लेते ही उसके कानों में स्वास्ती वाचन मंत्र सुनाए।

विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट शाखा रायपुर के इस आयोजन में कथा वाचन के लिए दूधाधारी मठ के सर्वराकार राजेश्री महंत डॉ. रामसुंदर दास, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा , सचिव  दयानंद पाण्डेय, सीएम ओएसडी  रवि मिश्रा कथा श्रवण करने पहुंचे जिनका महाराजश्री ने दुप्पटा पहनाकर सम्मान किया।


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